सपकाळ ने की शिंदे पिता-पुत्र की गिरफ्तारी की मांग, खासदार वाघमारे बोलीं: यह बचकानापन है
कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष हर्षवर्धन सपकाळ ने जरांगे पाटील की ऑडियो क्लिप के आधार पर एकनाथ शिंदे और श्रीकांत शिंदे की गिरफ्तारी और ईडी जांच की मांग की। शिवसेना शिंदे गुट की खासदार ज्योती वाघमारे ने इसे बचकाना बताया।
महाराष्ट्र कांग्रेस के प्रदेशाध्यक्ष हर्षवर्धन सपकाळ ने भाजपा पर निशाना साधा है। उनका कहना है कि मनोज जरांगे पाटील की दिखाई ऑडियो क्लिप से साफ हो गया कि भाजपा कितनी साज़िशबाज़ है। सपकाळ ने कहा कि देखिए, लोगों को कैसे खरीदा जाता है। इस क्लिप में जिन लोगों के नाम हैं, उनमें शिंदे और शिंदे के बेटे का नाम भी है। सपकाळ की मांग है कि इन्हें गिरफ्तार किया जाए और फौरन ईडी जांच हो।
सपकाळ के इस बयान पर शिवसेना शिंदे गुट की सांसद ज्योती वाघमारे ने पलटवार किया। उन्होंने कहा कि ऑडियो क्लिप के आधार पर गिरफ्तारी की मांग, यह कैसा बचकानापन है। डॉ. ज्योती वाघमारे ने सपकाळ के आरोपों को निरर्थक और बेबुनियाद बताया। उनके मुताबिक यह मांग सुनकर सपकाळ की समझ और बौद्धिक क्षमता पर सवाल उठता है। उन्होंने पूछा कि क्या सपकाळ का दिमाग ठिकाने पर है।
वाघमारे ने कहा कि जरांगे की वायरल ऑडियो क्लिप में कोई तीसरा, अनजान आदमी यह अफवाह फैला रहा है कि श्रीकांत शिंदे ने 500 करोड़ रुपये दिए। बिना किसी सबूत के, सिर्फ एक कथित क्लिप पर सीधे गिरफ्तारी की मांग करना उनके हिसाब से ठीक नहीं है।
उन्होंने सपकाळ से सवाल किया कि कल अगर कोई दूसरी क्लिप रिकॉर्ड करके दावा कर दे कि हर्षवर्धन सपकाळ को 500 करोड़ तो छोड़िए, उतनी उनकी औकात नहीं, पर 5-50 हजार रुपये दिए गए हैं, तो क्या हम भी उठकर सपकाळ की गिरफ्तारी की मांग करें? वाघमारे ने कहा कि कांग्रेस इस बचकाने तर्क का जवाब दे। उनका आरोप है कि कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष का पद बचाने के लिए बेबुनियाद आरोप लगाए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि पद की कोई पात्रता न रखने वाला यह शख्स सिर्फ सुर्खियों में रहने और अपना राजनीतिक वजूद बचाने के लिए आरोपों की झड़ी लगा रहा है।
वाघमारे ने एकनाथ शिंदे को लोकनेता बताया। उनके मुताबिक श्रीकांत शिंदे और आदरणीय एकनाथ शिंदे साहब जनता के मन पर राज करने वाले, खरे-खोटे की पहचान रखने वाले लोकनेता हैं। उन्होंने कहा कि ऐसे बेबुनियाद और फालतू आरोपों से शिंदे साहब जैसे लोकप्रिय नेता की छवि कभी खराब नहीं हो सकती।
उसी बयान में सपकाळ ने किसानों का मुद्दा भी उठाया। उन्होंने कहा कि फडणवीस सरकार ने किसानों का हाल ऐसा किया है कि राजा उदार हुआ और हाथ में कद्दू थमा दिया। उन्होंने मांग की कि किसानों का पूरा कर्ज माफ हो और प्रति हेक्टेयर 1 लाख रुपये का अनुदान दिया जाए। सपकाळ के मुताबिक खरीफ सीजन में बड़ा पलायन हो सकता है, इसलिए पुरानी रोजगार गारंटी योजना तुरंत चालू की जाए।
कानून-व्यवस्था पर सपकाळ ने पूछा कि क्या लॉरेन्स बिश्नोई सरकार का दामाद है। उनका आरोप था कि महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री ने इस गैंग के लिए दरवाजे खोल दिए हैं। उन्होंने कहा कि गैंगवार बंद हो चुकी थी, पर अब सरकार की नाक के नीचे हमले हो रहे हैं। सपकाळ ने कहा कि महाराष्ट्र की सरकार पांडू हवलदार ही नहीं, घाशीराम कोतवाल चला रहा है। उन्होंने फडणवीस को चुनौती दी कि हिम्मत हो तो बिश्नोई को गुजरात से लाकर आर्थर रोड के अंडा सेल में रखें।
संसद को लेकर सपकाळ ने कहा कि एपस्टीन का जिक्र होने की चर्चा दबा दी गई है। उनके मुताबिक दुनिया भर में जिनके नाम इस फाइल में आए, उन पर कार्रवाई हुई, लेकिन नैतिक रूप से गंदे मामले में नाम आने के बाद भी मोदी हरदीप पुरी को बचा रहे हैं। उन्होंने यह भी कहा कि चुनाव आयोग पर ओम बिर्ला कोई चर्चा होने नहीं देते। पहले महाभियोग का प्रस्ताव दिया गया था, वह स्वीकार हुआ तो उपराष्ट्रपति को इस्तीफा देना पड़ा, और ऐसी हालत ओम बिर्ला पर न आए, यह भी उन्होंने कहा।
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