जरांगे बोले, ऑडियो क्लिप असली है; फडणवीस और शिंदे से जांच की मांग
मनोज जरांगे ने शनिवार को कहा कि 500 करोड़ रुपये के लेनदेन का दावा करने वाली ऑडियो क्लिप असली है और मुख्यमंत्री फडणवीस व उपमुख्यमंत्री शिंदे से पूरे मामले की जांच करने को कहा।
तस्वीरें सत्यापित नहीं हैं
मराठा आरक्षण आंदोलन के कार्यकर्ता मनोज जरांगे ने शनिवार को अपनी बात दोहराई कि जिस ऑडियो क्लिप में उन्हें 500 करोड़ रुपये दिए जाने का आरोप है, वह असली है। उन्होंने महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस और उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे से कहा कि मामले की पूरी जांच करें और जो भी इसमें शामिल है, उसे जवाबदेह ठहराएं।
जरांगे ने शिवसेना नेता रामदास कदम से भी इस रिकॉर्डिंग पर पूछताछ की मांग की। उनका सवाल है कि कदम के पास यह क्लिप कैसे आई, और अगर यह 14 अक्टूबर 2024 की है, यानी महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव से पहले की, तो अब जाकर क्यों सामने आई।
यह क्लिप गुरुवार को जरांगे ने खुद जारी की थी। कहा जा रहा है कि इसमें एक महिला की बातचीत है, जो दावा करती है कि 500 करोड़ रुपये शिवसेना सांसद श्रीकांत शिंदे के जरिए जरांगे तक पहुंचाए गए। श्रीकांत उपमुख्यमंत्री के बेटे हैं। रिकॉर्डिंग की सच्चाई की अलग से पुष्टि नहीं हुई है और कथित पैसों के आरोप भी साबित नहीं हुए हैं।
जरांगे ने कहा कि फडणवीस और शिंदे को इस मामले की तह तक जाना चाहिए, आरोपों को यूं ही लटकने नहीं देना चाहिए। उनके शब्द थे, "एकनाथ शिंदे और देवेंद्र फडणवीस के खेमे के लोग हमें बदनाम करने के लिए लोगों को बढ़ावा दे रहे हैं।"
जरांगे ने पैसे लेने की बात से इनकार किया है। उनका आरोप है कि वे किसानों और आम नागरिकों के मुद्दे उठाते रहे हैं, इसलिए उनके खिलाफ साजिश रची गई। उन्होंने कहा, "हमने परदे के पीछे की बातें सामने ला दी हैं। सच कहें तो परदा ही फाड़ दिया है। इससे सभी पार्टियों के नेता जाग गए हैं, मेरे लिए यही अहम है। मैं इस मामले की जड़ तक जाऊंगा।"
उन्होंने यह भी कहा कि फडणवीस और शिंदे यह पक्का करें कि इस विवाद से जुड़ा कोई भी बख्शा न जाए।
कदम को लेकर जरांगे का आरोप है कि उनके पास पूरी रिकॉर्डिंग है, मगर उन्होंने सिर्फ वही हिस्सा सामने रखा जिसमें श्रीकांत शिंदे का जिक्र है। जरांगे ने मुख्यमंत्री और उपमुख्यमंत्री से कहा कि शिवसेना नेता से पूछें कि यह ऑडियो उन्हें कहां से मिला।
कदम इससे पहले जरांगे पर आरोप लगा चुके हैं कि वे बीजेपी के एक धड़े के साथ मिलकर शिंदे को राजनीतिक रूप से "खत्म" करना चाहते हैं। इससे सत्तारूढ़ महायुति गठबंधन के दोनों घटक, बीजेपी और एकनाथ शिंदे की अगुवाई वाली शिवसेना, के बीच तनाव और बढ़ा है।
जरांगे का कहना है कि यह विवाद उनकी छवि बिगाड़ने और मराठा आरक्षण आंदोलन को कमजोर करने की कोशिश है। उनका आरोप है कि उन्हें बदनाम करने के लिए "पार्टी फंड" का इस्तेमाल हुआ। वे कहते हैं कि श्रीकांत शिंदे के जरिए कोई पैसा उन्होंने नहीं लिया।
कथित रिकॉर्डिंग में बोलने वाले मराठवाड़ा में जरांगे के राजनीतिक असर को काटने के तरीकों पर बात करते सुने जाते हैं। यह बातचीत 2024 के विधानसभा चुनाव से पहले की बताई गई है। एक आवाज जरांगे के उस अभियान के चुनावी असर का जिक्र करती है, जिसमें बीजेपी को मराठा विरोधी दिखाया जा रहा था।
फडणवीस ने शुक्रवार को रिकॉर्डिंग की फॉरेंसिक जांच के आदेश दिए। उनके मुताबिक इस जांच से पता चलेगा कि क्लिप असली है या नहीं और इसमें बोलने वाले कौन हैं।
इस विवाद पर बीजेपी और शिवसेना के नेताओं में एक-दूसरे पर आरोप लग रहे हैं। बीजेपी नेताओं ने शिवसेना (UBT) सांसद संजय राउत पर AI से बनी रिकॉर्डिंग करवाने का आरोप लगाया है, जबकि राउत का कहना है कि बीजेपी के एक विधायक ने क्लिप लीक की। एकनाथ शिंदे और श्रीकांत शिंदे ने इससे इनकार किया है कि उनके जरिए जरांगे को कोई पैसा गया। श्रीकांत ने खुद पैसे मिलने के आरोप को भी खारिज किया है।
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