भाजपा का आरोप: संजय राउत ने रची एआई ऑडियो क्लिप की साजिश, राहुल गांधी पर भी निशाना
भाजपा ने शनिवार को शिवसेना (यूबीटी) नेता संजय राउत पर एआई से बनी ऑडियो क्लिप की साजिश रचने का आरोप लगाया।
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भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने शनिवार को शिवसेना (यूबीटी) के नेता संजय राउत पर आरोप लगाया कि उन्होंने एआई से बनी एक ऑडियो क्लिप की साजिश रची। इस क्लिप में मराठा आरक्षण कार्यकर्ता मनोज जरांगे को 500 करोड़ रुपये दिए जाने का दावा किया गया है। भाजपा का यह भी आरोप है कि पार्टी को बदनाम करने का "ठेका" कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने दिया था। ये आरोप अभी तक स्वतंत्र रूप से साबित नहीं हुए हैं।
भाजपा नेताओं का कहना है कि इस पूरे खेल का मकसद भाजपा, उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे की शिवसेना और जरांगे के बीच दरार डालना था। इससे कांग्रेस और शिवसेना (यूबीटी) को फायदा होता। भाजपा के मुख्य प्रवक्ता नवनाथ बन ने मांग की कि राउत की कथित भूमिका की जांच हो। साथ ही यह भी देखा जाए कि इस कथित ऑपरेशन के लिए उन्हें गांधी से पैसे मिले या नहीं।
बन ने पत्रकारों से कहा, "संजय राउत ने नवी मुंबई के वाशी के एक वॉर रूम से यह साजिश रची। भाजपा को बदनाम करने का ठेका राउत ने राहुल गांधी से लिया है। पिछले कुछ दिनों से राउत लगातार गांधी का एजेंडा आगे बढ़ा रहे हैं।"
उनका आरोप है कि राउत करीब दो महीने से इस क्लिप पर काम कर रहे थे। यूट्यूब पर मौजूद आवाज़ों के नमूने जोड़कर आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस से यह क्लिप बनाई गई। बन के मुताबिक कथित बातचीत की स्क्रिप्ट शिवसेना (यूबीटी) से जुड़े अखबार सामना के दफ्तर में लिखी गई। उनका कहना है कि स्क्रिप्ट में पहले 100 करोड़ रुपये की बात थी, फिर मीडिया का ज्यादा ध्यान खींचने के लिए रकम बढ़ाकर 500 करोड़ कर दी गई।
बन ने यह भी दावा किया कि क्लिप छत्रपति संभाजीनगर के एक व्यक्ति को दी गई, जिसने उसे आगे जरांगे तक पहुंचाया। उनके मुताबिक रिकॉर्डिंग इसलिए बनाई गई कि भाजपा नेताओं, शिंदे और जरांगे की छवि खराब हो और तीनों आपस में भिड़ जाएं। बन ने कहा कि वे मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस को चिट्ठी लिखकर राउत की कथित भूमिका और वाशी के कथित वॉर रूम की जांच की मांग करेंगे। उनके शब्दों में, जरूरत हो तो राउत के खिलाफ मामला दर्ज किया जाए।
विवाद तब बढ़ा जब जरांगे ने गुरुवार को जालना में यह ऑडियो क्लिप जारी की। उनका आरोप था कि उन्हें चुप कराने और मराठा आरक्षण आंदोलन को कमजोर करने की साजिश रची गई। शिंदे ने उन्हें चुनौती दी थी कि वे साबित करें कि भाजपा से 500 करोड़ रुपये लिए गए और वह रकम शिंदे के बेटे, शिवसेना सांसद श्रीकांत शिंदे के जरिए पहुंची। इसी के बाद जरांगे ने रिकॉर्डिंग सार्वजनिक की।
मुख्यमंत्री फडणवीस ने शुक्रवार को कहा कि तथ्य सामने लाने के लिए रिकॉर्डिंग की फोरेंसिक जांच होगी। जरांगे ने निष्पक्ष विशेष जांच दल (एसआईटी) से जांच की मांग की है। बन और भाजपा के विधान परिषद सदस्य प्रसाद लाड ने अलग-अलग दावा किया कि एसआईटी जांच का आदेश भी हो चुका है। गृह राज्यमंत्री पंकज भोयर ने भी कहा है कि एसआईटी बनाई गई है।
लाड ने मांग की कि राउत को इस कथित साजिश का मुख्य आरोपी बनाया जाए और जांचकर्ता उनसे पूछताछ करें। उन्होंने पत्रकारों से कहा, "मामला दर्ज होना चाहिए और संजय राउत को सबसे पहले पूछताछ के लिए उठाया जाना चाहिए। उनसे पूछा जाए कि उन्हें कैसे पता कि क्लिप कैसे बनी, किसने बनाई और इसमें क्या-क्या लगा।"
लाड ने कहा कि उन्हें जो जानकारी मिली है, उसके मुताबिक रिकॉर्डिंग सामना प्रेस में बनी। राउत ने बातचीत की कल्पना की और आवाज़ें एआई से तैयार की गईं। उन्होंने कहा, "एसआईटी इसकी जांच करे कि ऑडियो क्लिप कैसे बनी और कैसे फैली, और जरांगे तक कैसे पहुंची।" उन्होंने फोरेंसिक जांच और अखबार के स्टूडियो की जांच की मांग की। लाड ने बताया कि वे फडणवीस, उपमुख्यमंत्री शिंदे और सुनेत्रा पवार, राज्य के पुलिस महानिदेशक और गृह राज्यमंत्री को चिट्ठी लिखकर राउत से पूछताछ की मांग करेंगे।
इस विवाद से सत्ताधारी गठबंधन के अंदर की खींचतान भी सामने आई है। शिवसेना नेता रामदास कदम ने आरोप लगाया कि भाजपा के अंदर के लोग जरांगे के साथ मिलकर शिंदे को राजनीतिक रूप से "खत्म" करना चाहते हैं।
रिकॉर्डिंग में एक महिला कथित तौर पर यह कहती सुनाई देती है कि श्रीकांत शिंदे के जरिए जरांगे को 500 करोड़ रुपये पहुंचाए गए। कथित तौर पर बोलने वाले 2024 के महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव से पहले मराठवाड़ा क्षेत्र में जरांगे के बढ़ते राजनीतिक असर को काटने की रणनीति पर भी बात करते सुनाई देते हैं। भाजपा ने रिकॉर्डिंग के असली होने पर सवाल उठाया है, जबकि जरांगे का कहना है कि यह उनके और मराठा आंदोलन के खिलाफ साजिश की ओर इशारा करती है।
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