जरांगे की ऑडियो क्लिप पर रामदास कदम बोले, क्लिप में सब बीजेपी के लोग, हमारा क्या लेना-देना
मराठा आरक्षण आंदोलक मनोज जरांगे पाटील की जारी 32 मिनट की ऑडियो क्लिप पर शिंदे गुट के नेता रामदास कदम ने बीजेपी की ओर इशारा किया और जांच की मांग की।
मराठा आरक्षण आंदोलक मनोज जरांगे पाटील ने आज एक 32 मिनट की ऑडियो क्लिप वायरल की, जिससे बड़ी हलचल मच गई है। क्लिप में एक महिला कहती सुनाई देती है कि मनोज जरांगे को मैनेज करने के लिए राज्य के उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे को 500 करोड़ रुपये दिए गए। इस क्लिप में तीन-चार लोगों की बातचीत है। क्लिप वायरल होते ही हर तरफ चर्चा शुरू हो गई।
इस पर शिंदे गुट की प्रतिक्रिया भी आ गई है। गुट के नेता और पूर्व मंत्री रामदास कदम ने कहा कि क्लिप में बोलने वाले सारे लोग बीजेपी के हैं और उनसे हमारा क्या संबंध है। इस तरह शिंदे गुट ने खुद को इस मामले से अलग कर लिया और पूरा ठीकरा बीजेपी पर फोड़ दिया। अब सबकी नजर इस पर है कि बीजेपी की तरफ से क्या जवाब आता है।
रामदास कदम ने प्रेस कॉन्फ्रेंस करके यह बात रखी। उन्होंने कहा कि मराठा समाज को न्याय दिलाने में एकनाथ शिंदे का योगदान बड़ा है। जरांगे को एक बात याद दिलाते हुए उन्होंने कहा कि चाहें तो वे विनोद पाटिल से पूछ लें कि मराठा समाज को न्याय दिलाने और सर्वोच्च न्यायालय जाने के लिए कानूनी अध्ययन किसके बंगले पर हुआ था। कदम के मुताबिक विनोद पाटिल इसका जवाब दे देंगे।
कदम ने कहा कि हम पर्दे के पीछे हैं। इस क्लिप को दो-ढाई साल हो चुके हैं, तो अब यह बाहर कैसे आई? विधानसभा चुनाव हुआ, लोकसभा चुनाव हुआ, तब यह क्लिप क्यों नहीं आई? उन्होंने माना कि उसमें तीन-चार लोग बोल रहे हैं और वे बीजेपी के ही हैं, इसमें दो राय नहीं। उन्होंने कहा कि उन्होंने खुद क्लिप सुनी है और ये लोग कॉन्फ्रेंस कॉल पर बात कर रहे हैं। इसमें छत्रपती संभाजीनगर और ठाणे का कनेक्शन है, मुंबई का भी है।
कदम ने कहा कि कल को कोई भी कॉन्फ्रेंस कॉल पर कह सकता है कि इसको हजार करोड़ दिए, उसको दो हजार करोड़ दिए। उनके मुताबिक ऐसी बात का कोई सिर-पैर नहीं है। उन्होंने सवाल किया कि फिर दो-ढाई साल तक आप क्यों रुके रहे? उन्होंने यह राय भी रखी कि अपने समाज के नेता पर कुछ लोग इस तरह आरोप लगाकर बदनाम कर रहे हों, तो जरांगे को एकनाथ शिंदे के साथ खड़ा होना चाहिए था।
कदम ने कहा कि क्लिप तीन साल पुरानी हो तब भी उसकी जांच होनी चाहिए। वह महिला कौन है, यह सामने आना चाहिए। पैसे कहां दिए गए, यह भी सामने आना चाहिए, और उस महिला के पास 500 करोड़ कहां से आए, यह भी। अगर एकनाथ शिंदे को बदनाम करने के लिए क्लिप बनाई गई है, तो समाज को एकजुट होकर इस साजिश को नाकाम करना चाहिए।
उन्होंने बताया कि वे इस बारे में मुख्यमंत्री को ज्ञापन देंगे और आज ही शिंदे से मिलकर चर्चा करेंगे। वे अमित शाह को भी ज्ञापन देंगे। कदम ने जोर देकर कहा कि क्लिप की गहराई से जांच होनी ही चाहिए।
उन्होंने यह भी कहा कि जांच के बाद सारी बातें सामने आ जाएंगी। यह करीब ढाई साल पुरानी क्लिप है, इसमें दो-तीन लोग बोल रहे हैं और उनमें बीजेपी का कोई बड़ा नेता नहीं है। क्या यह क्लिप सिर्फ शिंदे को बदनाम करने के लिए बनाई गई थी, यह जांच में सामने आएगा, ऐसा उन्होंने कहा।
खबर छप चुकी है, लेकिन लाइव थ्रेड अभी शुरू नहीं हुआ। डेस्क कोई अपडेट डालते ही वह यहाँ दिखेगा।
कमेंट
अभी कोई कमेंट नहीं। पहले आप लिखिए।