राउत का दावा: बीजेपी के एक एमएलसी ने लीक की जरांगे की ऑडियो क्लिप, पार्टी में आपसी होड़
शिवसेना (यूबीटी) नेता संजय राउत ने शनिवार को आरोप लगाया कि मनोज जरांगे की जारी की हुई ऑडियो क्लिप बीजेपी के ही एक एमएलसी ने लीक की।
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शिवसेना (यूबीटी) के नेता संजय राउत ने शनिवार को आरोप लगाया कि मराठा आरक्षण के कार्यकर्ता मनोज जरांगे ने जो विवादित ऑडियो क्लिप जारी की, उसे महाराष्ट्र बीजेपी के एक एमएलसी ने लीक किया था। राउत के मुताबिक यह पूरा मामला सत्ताधारी पार्टी के अंदर चल रही तेज आपसी होड़ का नतीजा है।
बताया जाता है कि इस कथित रिकॉर्डिंग में जरांगे को 500 करोड़ रुपये दिए जाने की बात है, और यह रकम उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के बेटे और शिवसेना सांसद श्रीकांत शिंदे के जरिए पहुंचाई गई बताई गई है। रिकॉर्डिंग असली है या नहीं, और वह कैसे सामने आई, इसकी पुष्टि अभी नहीं हुई है।
राउत का यह बयान ऐसे वक्त आया जब कुछ ही घंटे पहले बीजेपी नेताओं ने उन पर इल्जाम लगाया था कि उन्होंने पार्टी को बदनाम करने के लिए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस से यह रिकॉर्डिंग बनवाई। इन दोनों तरफ के दावों से बीजेपी और शिंदे की अगुवाई वाली शिवसेना के बीच तनाव बढ़ गया है, जबकि दोनों सत्ताधारी महायुति गठबंधन का हिस्सा हैं।
पत्रकारों से बात करते हुए राउत ने कहा, "क्लिप बीजेपी के एक एमएलसी ने लीक की। वह जरांगे से हुई बातचीत में शामिल था। मुख्यमंत्री ने उस पर बहुत मेहरबानी दिखाई, जो अब उल्टी पड़ गई है।" उन्होंने उस विधायक का नाम नहीं लिया।
बीजेपी एमएलसी प्रसाद लाड, जिन्हें मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के करीबी माना जाता है, अगस्त में मराठा आरक्षण को लेकर जरांगे के अनशन के दौरान उनसे बातचीत कर चुके हैं। शनिवार को ही पहले लाड ने राउत को ऑडियो क्लिप विवाद का मुख्य साजिशकर्ता बताया था।
बीजेपी के मुख्य प्रवक्ता नवनाथ बन ने भी आरोप लगाया कि राउत ने एआई से यह कथित रिकॉर्डिंग तैयार की। उन्होंने यह भी दावा किया कि बीजेपी को बदनाम करने का "ठेका" कांग्रेस नेता राहुल गांधी के पीछे से दिया गया था। राउत ने बीजेपी की यह बात खारिज कर दी और कहा कि असली सवाल यह है कि रिकॉर्डिंग लीक किसने की।
राउत ने कहा कि बीजेपी के भीतर होड़ इतनी तीखी हो गई है कि उसी का नतीजा यह लीक है। उनका कहना था कि फडणवीस को पहले यह पक्का करना चाहिए कि केस दर्ज हो, उसके बाद क्लिप की फॉरेंसिक जांच का आदेश दें। हालांकि राउत ने दावा किया कि इस जांच से "कुछ नतीजा नहीं निकलेगा"।
शिवसेना (यूबीटी) के इस सांसद ने यह भी आरोप लगाया कि फडणवीस का राज्य पर काबू नहीं रहा और वे मुख्यमंत्री और गृहमंत्री, दोनों भूमिकाओं में नाकाम रहे हैं। राउत ने कहा, "अगर अंदर की क्लिप लीक हो रही है, तो गृह विभाग आपके (मुख्यमंत्री के) खिलाफ चला गया है।" उन्होंने यह भी कहा कि बीजेपी एक स्टिंग ऑपरेशन का शिकार बन गई है।
राउत ने आगे दावा किया कि फडणवीस और उनके डिप्टी एकनाथ शिंदे के बीच का "कोल्ड वॉर" चरम पर पहुंच गया है, और दोनों नेता एक-दूसरे को राजनीतिक तौर पर कमजोर करने के लिए किसी भी हद तक जा सकते हैं।
इस विवाद से बीजेपी और शिंदे की शिवसेना के मतभेद खुलकर सामने आ गए हैं। दोनों तरफ के नेता रिकॉर्डिंग और उसके संभावित राजनीतिक असर पर एक-दूसरे पर इल्जाम लगा रहे हैं। शिवसेना नेता रामदास कदम पहले आरोप लगा चुके हैं कि जरांगे बीजेपी के एक धड़े के साथ मिलकर एक मराठा नेता को राजनीतिक तौर पर "खत्म" करना चाहते हैं, जो साफ तौर पर शिंदे की तरफ इशारा माना जा रहा है। वहीं बीजेपी नेताओं का कहना है कि यह ऑडियो क्लिप पार्टी और उसके सहयोगी दलों को नुकसान पहुंचाने की कथित साजिश का हिस्सा है।
जरांगे ने गुरुवार को जालना में यह ऑडियो क्लिप जारी की थी। उनका आरोप है कि उन्हें चुप कराने और मराठा आरक्षण आंदोलन को कमजोर करने की साजिश रची गई। शुक्रवार को फडणवीस ने क्लिप की फॉरेंसिक जांच का आदेश दिया।
रिकॉर्डिंग में एक महिला की आवाज बताई जाती है, जो कह रही है कि श्रीकांत शिंदे के जरिए जरांगे तक 500 करोड़ रुपये पहुंचाए गए। बाकी आवाजें कथित तौर पर 2024 के महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव से पहले मराठवाड़ा में जरांगे के राजनीतिक असर की काट पर बात करती सुनाई देती हैं। बीजेपी ने रिकॉर्डिंग के असली होने पर सवाल उठाया है, जबकि जरांगे ने निष्पक्ष एसआईटी जांच की मांग की है।
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