जरांगे की क्लिप पर शिवसेना और भाजपा आमने-सामने, 500 करोड़ के दावे पर श्रीकांत शिंदे खामोश
मनोज जरांगे पाटील की जारी की हुई ऑडियो क्लिप से महाराष्ट्र की राजनीति गरम है। शिवसेना और भाजपा के नेता आमने-सामने हैं, पर श्रीकांत शिंदे ने अब तक कुछ नहीं कहा।
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मराठा आरक्षण आंदोलन के नेता मनोज जरांगे पाटील ने एक ऑडियो क्लिप सबके सामने रखी और उसके बाद से महायुति के अंदर माहौल गरम है। क्लिप में भाजपा से जुड़े कुछ लोगों के नाम आते हैं। उसमें एक शख्स यह बोलता सुनाई देता है कि भाजपा की ओर से श्रीकांत शिंदे के हाथों जरांगे तक 500 करोड़ रुपये पहुंचाए गए। क्लिप सामने आते ही जरांगे ने सीधे उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे से इस पर सफाई मांगी थी।
इसके बाद शिवसेना के नेता तेवर में आ गए। रामदास कदम ने कहा कि यह क्लिप बाहर आना इत्तफाक नहीं है और इसके पीछे परोक्ष रूप से भाजपा का हाथ है। उनका आरोप था कि भाजपा के कुछ नेता बड़ी सफाई से शिंदे का गला काटने में लगे हैं। भाजपा ने भी चुप रहना ठीक नहीं समझा और जवाब देने में देर नहीं की। उधर जरांगे पाटील रोज प्रेस कॉन्फ्रेंस करके दोनों पार्टियों के बीच की तल्खी और बढ़ा रहे हैं।
शुक्रवार को विधायक प्रवीण दरेकर ने प्रेस कॉन्फ्रेंस बुलाकर कदम को कड़ा जवाब दिया। दरेकर का कहना था कि कदम जैसे बड़े और जिम्मेदार नेता का इस तरह बिना सोचे बोलना ठीक नहीं है। उन्होंने सवाल दागा कि परदे के पीछे रहकर जरांगे को हवा देने वाले कौन थे और देवेंद्र फडणवीस की छवि खराब करने की कोशिश में कौन-कौन शामिल था, यह भी जनता के सामने आएगा। उनकी चेतावनी साफ थी कि भाजपा पर उंगली उठाई गई तो उसे ईंट का जवाब पत्थर से मिलेगा।
दरेकर ने यह शक भी जताया कि कहीं भाजपा को बदनाम करने का कोई सोचा-समझा प्लान तो नहीं बना है। उनकी दलील यह थी कि रामदास कदम, उदय सामंत और प्रताप सरनाईक, तीनों एक ही सुर में बोल रहे हैं।
भाजपा विधायक प्रसाद लाड ने भी कदम को आड़े हाथों लिया। उनका कहना था कि शिंदे साहब और उनके बेटे के बारे में आप लोग पीठ पीछे जो कुछ कहते हैं, वह अगर सबके सामने आ गया तो आपके लिए बचना मुश्किल हो जाएगा।
कुल मिलाकर क्लिप के बहाने शिवसेना और भाजपा के बीच खींचतान खुलकर सामने आ गई है। दोनों तरफ से एक-दूसरे पर आरोप लग रहे हैं और हर कोई दूसरे को पछाड़ने की कोशिश में दिख रहा है। पिछले दो दिनों में महायुति के अंदर तनाव साफ बढ़ा है।
इस पूरे शोर में सबसे हैरानी की बात यह है कि जिन सांसद श्रीकांत शिंदे के जरिए पैसे दिए जाने की बात कही जा रही है, वही अब तक एक शब्द नहीं बोले हैं। इस पूरे मामले की अहम कड़ी वही माने जा रहे हैं, फिर भी उन्होंने एक बार भी सामने आकर अपना पक्ष नहीं रखा। राजनीतिक गलियारों में सबकी नजर इसी पर है कि जरांगे के 500 करोड़ वाले दावे पर वे कब और क्या कहते हैं। माहौल इतना गरम होने के बावजूद उनकी चुप्पी की चर्चा और तेज हो गई है।
शिवसेना के भीतर इस क्लिप से नाराजगी भी है। पार्टी के नेताओं का मानना है कि अपने सबसे बड़े नेता के परिवार पर ऐसे आरोप लगना श्रीकांत शिंदे की छवि के लिए झटका है। पिछले कुछ सालों में एकनाथ शिंदे मराठा नेता के तौर पर उभरे हैं, और इस विवाद से उनकी इस छवि को भी चोट पहुंची है। शिवसेना नेताओं के गुस्से की एक बड़ी वजह यही बताई जा रही है।
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