वैभव सूर्यवंशी को तीसरे नंबर पर भेजने पर सवाल, कार्तिक और अश्विन ने उठाई आवाज
न्यूज़ीलैंड के खिलाफ दूसरे टी-20 में वैभव सूर्यवंशी सिर्फ 4 रन बनाकर लौटे। पूर्व क्रिकेटरों का कहना है कि उन्हें ओपनिंग की जगह तीसरे नंबर पर भेजना ठीक फैसला नहीं था।
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भारतीय टीम के 15 साल के स्टार बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी की बैटिंग ऑर्डर को लेकर अब बहस छिड़ गई है। न्यूज़ीलैंड के खिलाफ दूसरे टी-20 में उन्हें ओपनिंग की जगह तीसरे नंबर पर उतारा गया और वे सिर्फ 4 रन बनाकर पवेलियन लौट गए। इसके बाद टीम मैनेजमेंट के फैसले पर सवाल उठ रहे हैं।
वैभव टी-20 टीम में अपनी जगह पक्की करने की कोशिश में लगे हैं। टीम में अभिषेक शर्मा और संजू सैमसन की ओपनिंग जोड़ी पहले से जमी हुई है, इसलिए वैभव को अक्सर बेंच पर बैठना पड़ता है। इस बार ईशान किशन को हैमस्ट्रिंग की चोट लगी, तो दूसरे टी-20 की प्लेइंग इलेवन में वैभव को मौका मिला। लेकिन मैनेजमेंट ने उनसे पारी की शुरुआत कराने के बजाय तीसरे नंबर पर बल्लेबाजी कराने का फैसला किया। नई जगह पर वे चल नहीं पाए और बैटिंग ऑर्डर में हुए इस बदलाव पर फिर से चर्चा शुरू हो गई।
वैभव की असली ताकत उनका बेफिक्र और आक्रामक अंदाज है, जो पावरप्ले में सबसे खतरनाक साबित होता है। आईपीएल में किसी भारतीय का सबसे तेज शतक (35 गेंद) हो या 2026 के अंडर-19 वर्ल्ड कप के फाइनल में 80 गेंदों पर खेली गई 175 रन की ऐतिहासिक पारी, उनकी सारी यादगार पारियां ओपनर के तौर पर ही आई हैं। तीसरे नंबर पर हालात के हिसाब से खुद को ढालने का दबाव आ जाता है और इससे उनकी कुदरती आक्रामकता पर असर पड़ सकता है। पावरप्ले की फील्डिंग पाबंदियों का फायदा उठाना ही वैभव की सबसे बड़ी खूबी है।
पूर्व क्रिकेटरों ने टीम मैनेजमेंट के इस प्रयोग पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। भारत के पूर्व स्पिन गेंदबाज मुरली कार्तिक ने कहा, "जब आप वैभव सूर्यवंशी को खिलाते हैं, तो वह सबसे अच्छा कहां खेलता है? वह ओपनर के तौर पर शानदार है। आपने उसे मिडिल ऑर्डर में रख दिया। उसने पहले वहां बल्लेबाजी नहीं की है। वह नौजवान खिलाड़ी है और उसने सिर्फ एक ही तरीके से बल्लेबाजी की है। इसीलिए टीम में तजुर्बेकार खिलाड़ी होते हैं, ताकि वे अलग-अलग रोल निभा सकें।"
पूर्व दिग्गज ऑलराउंडर रविचंद्रन अश्विन ने भी अपने यूट्यूब चैनल पर इस बारे में बात की। उन्होंने कहा, "मुझे ऐसा लगा जैसे पानी से बाहर निकाली गई मछली हो। छठे ओवर में क्रीज पर आना उसका कुदरती खेल नहीं है।" अश्विन ने आगे कहा, "अगर वे इसी कॉम्बिनेशन से खेलने वाले हैं, तो मेरे हिसाब से वैभव को तीसरे नंबर पर बल्लेबाजी नहीं करनी चाहिए, लेकिन जो है सो है, वैभव ने एक मौका गंवा दिया।"
अश्विन और कार्तिक, दोनों का मानना है कि तीसरे नंबर पर संजू सैमसन जैसे तजुर्बेकार बल्लेबाज को भेजा जा सकता था। एशियाई खेलों में वैभव और अभिषेक ने ही पारी की शुरुआत की थी। दोनों का यह भी कहना है कि अगर ओपनरों ने बड़ी साझेदारी कर दी होती, तो तीसरे नंबर पर आए वैभव के पास शुरुआती छह ओवरों में आक्रामक रहने का मौका ही नहीं बचता।
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