UPI पेमेंट पर MDR का नया नियम: बड़े मर्चेंट लेनदेन पर 0.4%, ग्राहक पर कोई चार्ज नहीं
गूगल पे, फोनपे और पेटीएम से UPI पेमेंट करने वालों के मन में सवाल है कि क्या अब हर पेमेंट पर पैसे कटेंगे। रिपोर्ट के मुताबिक MDR व्यापारी को देना होगा, ग्राहक को नहीं।
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अगर आप रोज की खरीदारी, ऑनलाइन पेमेंट या दूसरे लेनदेन के लिए गूगल पे, फोनपे या पेटीएम जैसे ऐप इस्तेमाल करते हैं, तो नई UPI व्यवस्था को समझ लेना जरूरी है। 15 अक्टूबर से कुछ बड़े UPI लेनदेन पर मर्चेंट डिस्काउंट रेट यानी MDR लागू होना था। लेकिन अब कहा जा रहा है कि ये चार्ज 1 जनवरी 2027 से लागू होंगे। इसी वजह से कई लोगों के मन में सवाल उठ गया है कि क्या डिजिटल पेमेंट अब महंगा हो जाएगा।
MDR वह शुल्क है जो डिजिटल पेमेंट स्वीकार करने वाले व्यापारियों पर लगता है। इसका मतलब यह नहीं कि ग्राहक को हर UPI पेमेंट के लिए अलग से पैसे देने पड़ेंगे। गूगल पे, फोनपे और पेटीएम के यूजर्स पर इसका क्या असर होगा, इसे आगे सिलसिलेवार देखते हैं।
इस नई व्यवस्था में Google Pay, PhonePe और Paytm जैसे ऐप से किए गए UPI पेमेंट पर ग्राहक से सीधे प्लेटफॉर्म शुल्क लेने की बात शामिल नहीं है। रिपोर्ट के मुताबिक, 15 अक्टूबर से Rs 2,000 से ज्यादा रकम के कुछ खास व्यापारी UPI लेनदेन पर 0.4% MDR लागू होगा, जिसकी अधिकतम सीमा Rs 300 होगी। यह शुल्क व्यापारी को भरना होगा। इसके तहत ग्राहक से अतिरिक्त शुल्क लेने की इजाजत नहीं दी जाएगी।
अब बात लेनदेन में आई गिरावट की। नेशनल पेमेंट्स कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया यानी NPCI के आंकड़ों के मुताबिक, अगस्त में 2,450 करोड़ लेनदेन के मुकाबले सितंबर में UPI से कुल 2,407 करोड़ लेनदेन हुए। यह करीब 1.8% की गिरावट है। अगस्त में UPI लेनदेन की कुल कीमत Rs 29.82 लाख करोड़ थी, जबकि सितंबर में यह घटकर 29.37 लाख करोड़ रुपये रह गई। यानी कुल लेनदेन की कीमत में अंदाजन 1.5% की कमी आई।
हालांकि इंडस्ट्री के जानकारों ने इसकी वजह बताई है कि अगस्त में 31 दिन थे और सितंबर में 30 दिन। उनके मुताबिक, रोजाना के औसत लेनदेन की संख्या में कमी नहीं आई है।
RBI गवर्नर संजय मल्होत्रा के मुताबिक, MDR के रूप में मामूली शुल्क लगाने से UPI लेनदेन की संख्या पर बड़ा असर पड़ने की उम्मीद नहीं है। उन्होंने कहा कि फिलहाल लेनदेन की संख्या में बड़ी गिरावट के कोई संकेत नहीं हैं।