ध्रुव राठी की अनुमानित संपत्ति 58 करोड़ रुपये, जानिए कमाई के रास्ते
जर्मनी में रहने वाले यूट्यूबर ध्रुव राठी की कुल संपत्ति का अनुमान करीब 58 करोड़ रुपये है। उन्होंने अपनी कमाई का आंकड़ा कभी सार्वजनिक नहीं किया।
तस्वीरें सत्यापित नहीं हैं
देश की राजनीति में इन दिनों काफी हलचल है। CJP समेत विपक्षी पार्टियां सत्ताधारी पार्टी के खिलाफ आक्रामक हैं और दिल्ली के हालात की वजह से माहौल गरम है। CJP ने 10 अक्टूबर को दिल्ली में आंदोलन का ऐलान किया था। भारतीय मूल के और जर्मनी में बसे मशहूर यूट्यूबर ध्रुव राठी भी इस आंदोलन में शामिल होने वाले थे। लेकिन केंद्र सरकार और दिल्ली पुलिस ने यह आंदोलन होने ही नहीं दिया।
इसी बीच लोगों में ध्रुव राठी की संपत्ति को लेकर उत्सुकता है। अनुमान के मुताबिक उनकी कुल संपत्ति करीब 58 करोड़ रुपये है। सवाल यह है कि वे इतना पैसा कैसे कमाते हैं। क्या यूट्यूब ही उनकी आमदनी का मुख्य जरिया है, या उनके दूसरे कारोबार भी हैं।
ध्रुव राठी ने अपनी पूरी संपत्ति और कमाई कभी सार्वजनिक रूप से घोषित नहीं की है। उनके पास टेस्ला, रेंज रोवर, बीएमडब्ल्यू और मर्सिडीज-बेंज जैसी गाड़ियां भी बताई जाती हैं। कमाई के आंकड़ों से भी बड़ा सवाल यह है कि जर्मनी में रहने वाले राठी भारत से ज्यादा कमाते हैं या जर्मनी से।
उनकी आमदनी का बड़ा हिस्सा यूट्यूब से आता है। उनके वीडियो राजनीति, अर्थशास्त्र, इतिहास, पर्यावरण और सामाजिक मुद्दों पर होते हैं। इन्हें बड़ी संख्या में देखा जाता है और यूट्यूब इसके लिए पैसे देता है। वीडियो पर विज्ञापन दिखाए जाने पर भी क्रिएटर को कमाई होती है।
यूट्यूब की कमाई सिर्फ सब्सक्राइबर्स पर निर्भर नहीं करती। व्यूज की संख्या, दर्शक का मूल देश, वीडियो की लंबाई और विज्ञापन कंपनियों का विज्ञापनों पर खर्च, इन सबका असर कमाई पर पड़ता है। उनके मुख्य चैनल के अलावा एक व्लॉग और शॉर्ट्स कंटेंट चैनल भी है, जिससे वे अलग-अलग तरह के दर्शकों तक पहुंच पाते हैं। हालांकि उनकी मासिक यूट्यूब कमाई का कोई आधिकारिक आंकड़ा उपलब्ध नहीं है।
बड़े डिजिटल क्रिएटर्स की कमाई सिर्फ यूट्यूब व्यूज या विज्ञापनों तक सीमित नहीं रहती। कंपनियां अपने प्रोडक्ट और सेवाओं के प्रचार के लिए क्रिएटर्स के साथ डील करती हैं और बदले में उन्हें पैसे देती हैं। ब्रांड पार्टनरशिप और स्पॉन्सरशिप भी ध्रुव राठी जैसे बड़े क्रिएटर्स के लिए आमदनी के स्रोत हैं।
राठी के दूसरे कारोबार भी हैं। बताया जाता है कि वे ऑनलाइन कोर्सेस, मर्चेंडाइज और 'एआई फिएस्टा' नाम के आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस प्लेटफॉर्म से भी कमाते हैं। लेकिन इन कारोबारों से मिलने वाली आमदनी का सही आंकड़ा उन्होंने कभी सार्वजनिक नहीं किया। क्लासेस की तरह ऑनलाइन कोर्स में भी अच्छा फायदा मिलता है।
फिलहाल चल रहे CJP प्रोटेस्ट में शामिल होने के लिए वे भारत आए हैं। आगे क्या होता है, यह देखना अहम होगा।