ठाणे महापालिका देगी हर कर्मचारी को 25,000 रुपये, आशा सेविकाओं को 6,000 रुपये दिवाली पर
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ठाणे महापालिका के स्थायी, कंत्राटी और परिवहन सेवा के कर्मचारियों को 25,000 रुपये और आशा सेविकाओं को 6,000 रुपये मिलेंगे। महापालिका पर 20 करोड़ 11 लाख रुपये का अतिरिक्त बोझ पड़ेगा।
दिवाली से पहले ठाणे महापालिका के अधिकारियों और कर्मचारियों के लिए अच्छी खबर आई है। महापौर शर्मिला पिंपळोलकर ने शुक्रवार को ऐलान किया कि महापालिका के स्थायी अधिकारी और कर्मचारी, संविदा कर्मचारी और परिवहन सेवा के कर्मचारी, सभी को इस बार 25,000 रुपये का सानुग्रह अनुदान दिया जाएगा। आशा सेविकाओं को भी दिवाली के तोहफे के तौर पर 6,000 रुपये मिलेंगे।
महापौर पिंपळोलकर की दी हुई जानकारी के मुताबिक महापालिका के 6,662 स्थायी और संविदा कर्मचारी हैं। इनके साथ परिवहन सेवा के 1,285 कर्मचारी जोड़ लें तो कुल 7,947 कर्मचारियों को हर एक के हिसाब से 25,000 रुपये मिलेंगे। वहीं महापालिका क्षेत्र में काम करने वाली 673 आशा सेविकाओं को हर एक को 6,000 रुपये का खास तोहफा दिया जाएगा।
ठाणे महापालिका हर साल दिवाली के वक्त कर्मचारियों को आर्थिक राहत देने के लिए सानुग्रह अनुदान देती है। इस साल इस रकम को बढ़ाकर 25,000 रुपये किया गया है। इस फैसले से महापालिका के खजाने पर 20 करोड़ 11 लाख रुपये का अतिरिक्त बोझ पड़ेगा। बताया गया है कि त्योहार के मौके पर कर्मचारियों को मदद मिले और उनकी दिवाली अच्छी गुजरे, इसी मकसद से यह फैसला लिया गया।
अनुदान को लेकर महापालिका में एक खास बैठक हुई थी। यह बैठक मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे से चर्चा के बाद हुई। बैठक में उपमहापौर कृष्णा पाटील, सदन नेता हणमंत जगदाळे, सभी पार्टियों के दल नेता और महापालिका आयुक्त सौरभ राव मौजूद थे। बैठक में हुई चर्चा के बाद अनुदान की रकम तय की गई।
पिछले कुछ सालों में यह अनुदान लगातार बढ़ता गया है। आर्थिक वर्ष 2020-21 में कर्मचारियों को 15,500 रुपये मिले थे। फिर यह रकम बढ़ते हुए 2024-25 में 24,500 रुपये तक पहुंची। अब 2026 में कर्मचारियों को 25,000 रुपये देने का फैसला हुआ है।
महापालिका प्रशासन को निर्देश दिए गए हैं कि अनुदान की रकम दिवाली से पहले ही कर्मचारियों के बैंक खातों में जमा कर दी जाए। इससे उम्मीद है कि त्योहार की खरीदारी के लिए कर्मचारियों के पास वक्त पर पैसे होंगे। घर का सामान, पकवान, कपड़े और दिवाली के दूसरे खर्चों में यह रकम काम आ सकती है।
कुल मिलाकर ठाणे महापालिका के इस फैसले से हजारों कर्मचारियों और आशा सेविकाओं को दिवाली की सौगात मिलेगी। बढ़े हुए अनुदान से कर्मचारियों में खुशी का माहौल बनने की संभावना है।
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