बल्लारपुर के लॉटिंग गँग मजदूरों को दिवाली से पहले मिली पांच महीने की बकाया मजदूरी
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अप्रैल से अगस्त तक की रुकी हुई मजदूरी अब मिल गई है। विधायक सुधीर मुनगंटीवार ने इस मामले में वन मंत्री को पत्र लिखा और अधिकारी से बात की।
चंद्रपुर जिले के बल्लारपुर में लॉटिंग गैंग के मजदूरों को अपनी मजदूरी के लिए महीनों इंतजार करना पड़ा। अब बताया गया है कि उनकी बकाया रकम मिल गई है। ये मजदूर बल्लारपुर में परिवहन और विपणन विभाग के डेपो में काम करते हैं। उनकी अप्रैल से अगस्त तक, यानी पूरे पांच महीने की मजदूरी रुकी हुई थी।
हालत यह थी कि दशहरा भी बिना मजदूरी के निकल गया। इसलिए मजदूरों और उनके परिवारों को चिंता सताने लगी थी कि कहीं दिवाली भी अंधेरे में न बीत जाए। पैसे न मिलने से घरों पर आर्थिक तंगी का साया था। मजदूर आंदोलन का रास्ता अपनाने की तैयारी में थे।
इसी बीच मजदूरों ने अपनी परेशानी भाजपा कामगार मोर्चा के प्रदेश महासचिव अजय दुबे को बताई। दुबे ने यह मामला तुरंत विधायक सुधीर मुनगंटीवार के सामने रखा। इसके बाद सरकार के स्तर पर इस मामले का पीछा किया गया।
बताया गया है कि मुनगंटीवार ने वन मंत्री गणेश नाईक को पत्र लिखा। उन्होंने वन विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव श्री खंदारे से फोन पर भी बात की। दोनों जगह उन्होंने मांग रखी कि अप्रैल से अगस्त तक की बकाया मजदूरी फौरन दी जाए। इतना ही नहीं, उन्होंने यह भी जोर दिया कि सितंबर और अक्टूबर महीने की मजदूरी भी समय पर मिले।
इस पहल के बाद बकाया मजदूरी की रकम सरकार की तरफ से मिल गई है। दिवाली से ठीक पहले मजदूरों के परिवारों को इससे बड़ी आर्थिक राहत मिली है। जिन मजदूरों को महीनों से पैसों का इंतजार था, उनके लिए यह इंतजार अब खत्म हुआ है।
मुनगंटीवार ने इस मामले में जिस भावना से पहल की, उसके बारे में बताया गया है कि मजदूरों की मेहनत का पैसा उनका हक है और त्योहार के दिनों में उनके घरों की खुशी पैसों की तंगी की वजह से छिन नहीं जानी चाहिए। बच्चों की दिवाली फीकी न पड़े, यही सोचकर उन्होंने इस मुद्दे पर ध्यान दिया।
मजदूरों के लिए काम मिलना जितना जरूरी है, उतना ही जरूरी है कि मेहनत का पैसा वक्त पर मिले। इसी मजदूरी से बच्चों की पढ़ाई, घर का चूल्हा और परिवार की छोटी-बड़ी जरूरतें चलती हैं। त्योहार के मौके पर हाथ में पैसे न हों तो घर की खुशी फीकी पड़ जाती है। अब बकाया रकम मिलने से बल्लारपुर के इन मजदूरों के परिवारों को दिवाली से पहले राहत मिली है।
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