टायगर श्रॉफ की कार पर फायरिंग के बाद संजय राऊत ने राज्य में राष्ट्रपति शासन की मांग की
शिवसेना ठाकरे गुट के सांसद संजय राऊत ने सोशल मीडिया पोस्ट में मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के गृह विभाग पर निशाना साधा और महाराष्ट्र में राष्ट्रपति शासन लागू करने की मांग की।
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अभिनेता टायगर श्रॉफ की कार पर हुई फायरिंग के बाद महाराष्ट्र में कानून-व्यवस्था का सवाल एक बार फिर उठ खड़ा हुआ है। सवाल पूछा जा रहा है कि मुंबई जैसे शहर में अगर बॉलीवुड स्टार्स पर इस तरह के हमले होंगे, तो आम नागरिकों की सुरक्षा का क्या होगा। इसी मुद्दे पर शिवसेना ठाकरे गुट के सांसद संजय राऊत ने राज्य सरकार को घेरा है।
राऊत ने सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए राज्य की कानून-व्यवस्था पर सवाल उठाए। उन्होंने ठाणे में पूर्णेकर की हत्या और मुंबई में टायगर श्रॉफ की कार पर हुई फायरिंग का जिक्र करते हुए सरकार के कामकाज की आलोचना की। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस को निशाने पर लेते हुए उन्होंने राज्य में राष्ट्रपति शासन लागू करने की मांग की।
राऊत का कहना है कि राज्य में अपराधों पर काबू रखना सरकार की जिम्मेदारी है। इसी आधार पर उन्होंने फडणवीस के गृह विभाग पर निशाना साधा। राऊत के मुताबिक इन घटनाओं की वजह से राज्य में सुरक्षा का सवाल गंभीर हो गया है।
रविवार, 18 अक्टूबर की शाम मुंबई के जुहू इलाके में टायगर श्रॉफ की कार पर अज्ञात हमलावरों ने फायरिंग की। बताया गया है कि वे फुटबॉल खेलकर लौट रहे थे। टायगर श्रॉफ बड़ी चोट से बच गए, लेकिन उनका ड्राइवर और पास मौजूद एक शख्स जख्मी हो गए।
घटना के बाद मुंबई पुलिस ने जांच के लिए टीमें लगाईं। सोशल मीडिया पर दावा किया गया है कि आरोपी लॉरेन्स बिश्नोई गैंग से जुड़े हैं। पुलिस टीमों ने तलाश की तो आरोपियों को राजस्थान के कोटा से हिरासत में लिया गया।
दूसरी तरफ प्रदीप पूर्णेकर के परिवार ने भी अपना दर्द बयां किया है। राम पूर्णेकर ने एकनाथ शिंदे की आलोचना की है। उनकी शिकायत है कि शिंदे ने टायगर श्रॉफ से मुलाकात की, लेकिन उनके घर से सिर्फ 20 मिनट की दूरी पर रहने वाले पूर्णेकर परिवार से मिलने नहीं आए। राम पूर्णेकर ने यह भी बताया कि प्रदीप पूर्णेकर को जल्द न्याय दिलाने के लिए वे एकनाथ शिंदे के घर के बाहर उपवास करेंगे।
इन दोनों घटनाओं की वजह से राज्य की सुरक्षा का मुद्दा सियासी चर्चा के केंद्र में आ गया है। पुलिस मामले की जांच कर रही है। अब सबकी नजर इस पर है कि जांच में क्या सामने आता है और दोषियों पर क्या कार्रवाई होती है।