सोम‌वार, 19 अक्टूबर 2026

अभी सब्सक्राइब करें
प्राइम अलर्ट
सारे लाइव अपडेट
20:03 IST

शिंदे की शिवसेना के दशहरा मेले में इस बार नहीं होंगे सांस्कृतिक कार्यक्रम

एकनाथ शिंदे की शिवसेना ने नेस्को सेंटर के दशहरा मेले में सांस्कृतिक कार्यक्रम न रखने का फैसला किया है, सीधे भाषणों से शुरुआत होगी।

शिंदे की शिवसेना के दशहरा मेले में इस बार नहीं होंगे सांस्कृतिक कार्यक्रम तस्वीरें सत्यापित नहीं हैं

दशहरा करीब आते ही महाराष्ट्र में राजनीतिक पार्टियों की दशहरा रैली को लेकर उत्सुकता बढ़ जाती है। शिवसेना की रैली के लिए तो शिवसैनिक पूरे महाराष्ट्र से मुंबई पहुंचते हैं। इस बार भी शिवसेना के दोनों गुटों ने जोरदार तैयारी की है। मुंबई में शिवसैनिकों की बड़ी भीड़ जुटना तय माना जा रहा है और दोनों गुटों के नेताओं के तेज भाषण सुनने को मिलेंगे।

इसी बीच एकनाथ शिंदे की शिवसेना ने रैली के आयोजन में बड़ा बदलाव किया है, ऐसी जानकारी मिली है। इस बदलाव से यह उत्सुकता और बढ़ गई है कि इस बार की दशहरा रैली कैसी रहेगी।

हर साल दशहरा रैली में शिवसेना की तरफ से बड़े पैमाने पर राजनीतिक ताकत का प्रदर्शन होता है। शिवसेना में फूट के बाद ठाकरे गुट और शिंदे गुट के बीच इस बात की एक तरह की होड़ दिखती है कि किसकी रैली ज्यादा दमदार रही। इसके लिए बड़े सांस्कृतिक कार्यक्रमों की भरमार भी देखने को मिलती रही है। लेकिन इस बार एकनाथ शिंदे की शिवसेना ने इन कार्यक्रमों के आयोजन में बड़ा बदलाव किया है।

एकनाथ शिंदे की शिवसेना की दशहरा रैली मुंबई के नेस्को सेंटर में होगी। हर साल इस रैली में सेलिब्रिटी के सांस्कृतिक कार्यक्रम और परफॉर्मेंस होते थे। पर इस बार बताया जा रहा है कि इन कार्यक्रमों को छोड़ दिया जाएगा।

जानकारी के मुताबिक इस बार रैली की शुरुआत सीधे भाषणों से होगी और कार्यक्रम को करीब दो से ढाई घंटे में खत्म करने की योजना है। यानी इस बार मनोरंजन से ज्यादा जोर राजनीतिक भूमिका और नेताओं के भाषणों पर रहेगा।

खबर है कि पिछले साल बाढ़ पीड़ितों के लिए मदद भेजी गई थी। इस बार शिंदे की शिवसेना की तरफ से सूखा प्रभावित इलाकों के लोगों को मदद देने की तैयारी की जा रही है। ऐसे में रैली के राजनीतिक भाषणों के साथ इस मदद की भी चर्चा होने की संभावना है।

दूसरी तरफ उद्धव ठाकरे की शिवसेना की दशहरा रैली दादर के शिवाजी पार्क यानी शिवतीर्थ पर होगी। इस रैली के लिए पार्टी ने पोस्टर जारी किया है, जिसमें तानाशाही को झटका देने और लोकतंत्र को अटूट रखने के लिए हल्ला बोलने की अपील की गई है। अब सबकी नजर इस पर है कि उद्धव ठाकरे अपने भाषण में किस पर निशाना साधते हैं और आने वाली राजनीतिक हलचलों पर क्या रुख रखते हैं।

मुंबई में शिवसेना की रैलियों के साथ नागपुर में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ का कार्यक्रम, नारायणगढ़ पर मनोज जरांगे पाटील की रैली और भगवानगढ़ पर पंकजा मुंडे की रैली भी लोगों की नजर में रहेगी।

कुल मिलाकर दशहरे के मौके पर राज्य में राजनीतिक माहौल गरमाने के आसार हैं। अब देखना अहम होगा कि किस नेता के भाषण से कौन सा राजनीतिक संदेश जाता है और कार्यकर्ताओं की कितनी भीड़ जुटती है।

क्या हम इस विज़िट को गिन लें? PT24 गूगल एनालिटिक्स से देखता है कि कौन सी खबरें किस पर पढ़ी जाती हैं। आपके हां कहने तक यह बंद है, आप सोच रहे हैं तब तक कुछ नहीं गिना जाता, और आप You पर कभी भी अपना मन बदल सकते हैं। हम क्या लेंगे