संजय राऊत का दावा: संघ में फडणवीस को उपप्रधानमंत्री बनाने की चर्चा चल रही है
ठाकरे गुट के सांसद संजय राऊत ने कहा है कि आने वाले तीन-चार महीनों में बड़ी राजनीतिक हलचल होगी और संघ फडणवीस को उपप्रधानमंत्री बनाना चाहता है।
ठाकरे गुट के सांसद संजय राऊत ने दावा किया है कि राजनीति के अंदर बड़ी हलचल शुरू हो चुकी है। राऊत के मुताबिक आने वाले तीन-चार महीनों में बड़े राजनीतिक घटनाक्रम होंगे। उनका कहना है कि मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ही प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के वारिस हैं और संघ की भूमिका है कि उन्हें पहले उपप्रधानमंत्री का पद दिया जाए। राऊत ने यह भी कहा कि इसके लिए चर्चा शुरू है।
राऊत ने कहा कि देश में राजनीतिक हवा बदलने लगी है। उनके शब्दों में, नरेंद्र मोदी प्रधानमंत्री पद पर नहीं रहेंगे। उन्होंने दावा किया कि संघ परिवार में मोदी और शाह की हालत बहुत खराब है और अगर मोदी उस पद पर बने रहे तो उन्हें पूरी सरकार ही बदलनी पड़ेगी। राऊत का कहना है कि पार्टी और संघ दोनों में मोदी-शाह की हालत ठीक नहीं है।
राऊत ने यह भी कहा कि संघ के लिए अब उनका बोझ हो गया है। उनके मुताबिक देश और बीजेपी के लिए यह बोझ पहले ही हो चुका था, अब संघ के लिए भी हो गया है। राऊत ने दावा किया कि सब तरफ से उनसे नफरत की जा रही है। उन्होंने कहा कि मोदी को जाना पड़ेगा और उससे पहले ज्ञानेश कुमार भी चले गए होंगे।
आने वाली हलचल को समझाते हुए राऊत ने कहा कि भूकंप से पहले जमीन के नीचे से छोटे-बड़े झटके लगते हैं, खाटें हिलती हैं, पंखे हिलते हैं। उनके मुताबिक देश में और बीजेपी के अंदर अभी वैसा ही कुछ शुरू हो गया है। राऊत ने इशारा किया कि नवंबर, दिसंबर और जनवरी में राजनीति में बहुत बड़े झटके लगेंगे।
राऊत ने कहा कि कोई कितना भी मना करे, फडणवीस को उपप्रधानमंत्री के तौर पर जगह मिले और वही मोदी के वारिस बनें, ऐसी भूमिका बीजेपी और संघ में वरिष्ठ स्तर पर चल रही है। उनके मुताबिक संघ में इस पर चर्चा है। राऊत ने कहा कि अगर ऐसा हो रहा है, तो फडणवीस से उनकी अपील है कि वे महाराष्ट्र में लोकशाही की नींव रखें। उन्होंने कहा कि कल फडणवीस ने जिस तरह सीजेपी के आंदोलन को मना कर दिया, वह गलत है।
राऊत ने यह दावा भी किया कि मोदी लोकशाही के खिलाफ हैं, इसलिए उन्हें जाना पड़ेगा। उनका कहना है कि फडणवीस को जाने से पहले यह सबक ले लेना चाहिए कि नागरिकों ने मोदी के खिलाफ बगावत क्यों की है। राऊत ने कहा कि इस देश में आप कितने भी बड़े हों और उद्योगपतियों का साथ भी हो, लेकिन अगर लोग एक बार गुस्से में सड़कों पर उतर आए तो वे दौड़ा-दौड़ाकर मारेंगे। राऊत के मुताबिक वह वक्त न आए, इसलिए कई लोग सरकार से दूर होने की कोशिश कर रहे हैं। ये सारी बातें संजय राऊत के दावे हैं।