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20:03 IST

मणिपुर में लकड़ी लेने गए लोगों पर फायरिंग, 4 की मौत; सीएम के घर के बाहर रखे शव

इंफाल पूर्व और कांगपोकपी की सीमा के पास हुई फायरिंग के बाद लोग भड़क उठे और मुख्यमंत्री वाय. खेमचंद सिंह के घर के बाहर शव रखकर विरोध किया।

मणिपुर में लकड़ी लेने गए लोगों पर फायरिंग, 4 की मौत; सीएम के घर के बाहर रखे शव तस्वीरें सत्यापित नहीं हैं

मणिपुर में एक बार फिर हिंसा भड़क उठी है और हालात तनावपूर्ण बने हुए हैं। रविवार रात और सोमवार सुबह हुई दो अलग-अलग घटनाओं में कम से कम 4 लोगों की मौत होने की बात सामने आ रही है। इन घटनाओं के बाद गुस्साए लोगों ने मुख्यमंत्री वाय. खेमचंद सिंह के इंफाल स्थित घर के बाहर शव रखकर विरोध जताया। हालात संभालने के लिए सुरक्षा बलों ने आंसू गैस के गोले छोड़े।

बताया गया है कि यह मामला इंफाल पूर्व और कांगपोकपी जिलों की सीमा के पास हुई फायरिंग से जुड़ा है। आरोप है कि घर के इस्तेमाल के लिए लकड़ी इकट्ठा करने पहाड़ी इलाके में गए लोगों के एक समूह पर संदिग्ध हथियारबंद हमलावरों ने गोलियां चलाईं।

इस घटना में जान गंवाने वाले दो लोगों की पहचान अरुबम रोनिल (35) और लैरेनलाकपम इनओबी (51) के तौर पर हुई है। अधिकारियों से मिली जानकारी के मुताबिक सोमवार सुबह करीब 7 बजे लगभग 16 लोगों का एक समूह गांव के पास की पहाड़ी पर घरेलू इस्तेमाल की लकड़ी जमा करने गया था। उसी वक्त उन पर अंधाधुंध फायरिंग की गई।

यह वारदात इंफाल पूर्व जिले के नोंगशुम गांव के पास हुई, जो कांगपोकपी जिले की सीमा में आता है। गोलीबारी में घायल हुए लोगों को इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया। घटना के बाद 3 लोगों की तलाश की कोशिशें चल रही थीं।

फायरिंग और मौतों की खबर फैलते ही इंफाल में लोगों का गुस्सा फूट पड़ा। नाराज प्रदर्शनकारी शव लेकर मुख्यमंत्री वाय. खेमचंद सिंह के घर के बाहर पहुंच गए और गेट के पास शव रखकर विरोध किया।

भीड़ बढ़ने से माहौल और तनावपूर्ण हो गया। प्रदर्शनकारियों को वहां से हटाने के लिए सुरक्षा बलों ने आंसू गैस के गोले दागे। इसके बाद शवों को जवाहरलाल नेहरू इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज (JNIMS) ले जाया गया। घटना के वक्त मुख्यमंत्री घर पर मौजूद थे या नहीं, इसकी फौरन पुष्टि नहीं हो सकी।

मणिपुर के पहाड़ी इलाकों में हाल के दिनों में हिंसा की घटनाएं होने से राज्य की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर चिंता बढ़ी है। इससे पहले कामजोंग जिले के चस्साद गांव में कुकी और नागा समुदायों से जुड़े हथियारबंद गुटों के बीच फायरिंग की खबर आई थी। उस घटना में एक व्यक्ति की मौत हुई थी और कई लोग घायल हुए थे।

नई घटनाओं से इंफाल में तनाव बढ़ गया है और हालात को काबू में रखना प्रशासन के सामने चुनौती बन गया है।

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