कल्याण-डोंबिवली महानगरपालिका: दस प्रभाग समिति सभापति पदों के लिए 18 उम्मीदवारों के नामांकन
गठबंधन में शामिल पार्टियों के बावजूद कुछ प्रभागों में अलग-अलग दलों के उम्मीदवारों ने पर्चे भरे हैं। चार प्रभागों में निर्विरोध चुनाव की संभावना बनी है।
तस्वीरें सत्यापित नहीं हैं
कल्याण-डोंबिवली महानगरपालिका के दस प्रभाग समिति सभापति पदों के चुनाव की प्रक्रिया शुरू हो गई है। इन दस पदों के लिए कुल 18 उम्मीदवारों ने नामांकन पत्र दाखिल किए हैं।
खास बात यह है कि कल्याण-डोंबिवली में शिवसेना शिंदे गुट, भाजपा और महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना का गठबंधन है। इसके बावजूद कुछ प्रभागों में अलग-अलग पार्टियों के उम्मीदवारों ने आवेदन भरे हैं। इस वजह से राजनीतिक गलियारों में हैरानी जताई जा रही है।
दस में से चार प्रभागों में शिवसेना शिंदे गुट के एक-एक उम्मीदवार ने ही आवेदन दाखिल किया है। इसलिए फिलहाल इन चार प्रभागों में सभापति के निर्विरोध चुने जाने की संभावना बन गई है।
बाकी छह प्रभागों की तस्वीर अलग है। यहां शिवसेना शिंदे गुट, भाजपा, मनसे, शिवसेना ठाकरे गुट और राष्ट्रवादी कांग्रेस शरदचंद्र पवार पार्टी के उम्मीदवारों ने आवेदन दाखिल किए हैं। इसलिए इन प्रभागों में चुनाव में मुकाबला बढ़ने की संभावना है।
जिन प्रभागों में भाजपा के सदस्यों की संख्या ज्यादा है, वहां भाजपा ने सभापति पद के लिए अपने उम्मीदवारों के आवेदन दाखिल किए हैं। इसी को देखकर यह सवाल उठ रहा है कि गठबंधन में सीटों के बंटवारे और सभापति पदों के चुनाव को लेकर सहयोगी दलों के बीच मतभेद हैं या नहीं।
अब देखना यह होगा कि चुनाव से पहले गठबंधन के नेताओं के बीच तालमेल बैठाया जाता है, या शिवसेना शिंदे गुट, भाजपा और मनसे के उम्मीदवार एक-दूसरे के सामने खड़े रहते हैं।
उल्हासनगर महानगरपालिका में शिवसेना शिंदे गुट और भाजपा के बीच जो राजनीतिक संघर्ष शुरू हुआ है, उसकी गूंज अब कल्याण-डोंबिवली की राजनीति में भी सुनाई देती दिख रही है। गठबंधन के घटक दलों के अलग-अलग आवेदन केवल स्थानीय राजनीतिक समीकरणों का हिस्सा हैं, या गठबंधन के भीतर के मतभेदों का संकेत हैं, इसे लेकर उत्सुकता है। यह भी देखा जा रहा है कि आने वाले चुनावों से पहले गठबंधन के नेता यह मामला सुलझाते हैं या आगे क्या होता है।
आगे आवेदनों की छंटनी होगी, फिर नाम वापस लेने की प्रक्रिया चलेगी। असली चुनाव के वक्त कौन-से उम्मीदवार मैदान में रहते हैं, इसी पर आगे की राजनीतिक तस्वीर साफ होगी। इसलिए कल्याण-डोंबिवली के प्रभाग समिति सभापति पदों के चुनाव पर सभी राजनीतिक पार्टियों की नजर लगी हुई है।