सूखे से निपटने की तैयारी: पानी की किल्लत के कामों का पैसा 15 दिन में जिलों को, बोले बावनकुले
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राजस्व मंत्री चंद्रशेखर बावनकुले ने सूखा निवारण उपसमिति की बैठक के बाद चारा, पानी, मजदूरी और किसानों की मदद पर सरकार के फैसले बताए।
राज्य में सूखे के हालात से निपटने के लिए सरकार ने अलग-अलग उपायों की रफ्तार बढ़ाने का फैसला किया है। सूखा निवारण उपसमिति की बैठक में चारा प्रबंधन, जल संरक्षण, पानी की सप्लाई और रोजगार जैसे अहम मुद्दों पर बात हुई। राजस्व मंत्री चंद्रशेखर बावनकुले ने बताया कि 2025-26 के पानी की किल्लत दूर करने के काम पूरे हो चुके हैं और इन कामों का पैसा अगले 15 दिनों में जिला प्रशासन को दिया जाएगा।
बावनकुले के मुताबिक महाराष्ट्र में अकुशल मजदूरों की मजदूरी दूसरे राज्यों के मुकाबले कम है। इसे बढ़ाने के लिए मुख्य सचिव की अध्यक्षता में एक समिति बनाई गई है और इस बारे में जल्द ही सरकारी आदेश जारी किया जाएगा। उन्होंने यह भी कहा कि राज्य की 75 फीसदी नल पानी सप्लाई योजनाओं का काम पूरा हो गया है। बाकी 25 फीसदी काम पूरे करने के लिए पैसे का इंतजाम कर दिया गया है।
किसानों के लिए सरकार ने गालपेर जमीनों पर चना, ज्वार और मक्का की फसल लेने की इजाजत दी है। देवस्थान इनाम जमीन और आदिवासी वन पट्टों पर खेती करने वाले, जिनकी फसल दर्ज नहीं है, उन किसानों को भी पाँच हजार रुपये की मदद दी जाएगी। इसके लिए अलग कार्यप्रणाली तय की जा रही है। सातबारा या फसल के रिकॉर्ड में नाम न रखने वाले करीब 4 से 5 लाख किसान परिवारों को इसका फायदा मिल सकता है।
चारे को लेकर बावनकुले ने साफ किया कि राज्य के बाहर चारा ले जाने पर रोक है। राज्य के भीतर एक जिले से दूसरे जिले में चारा ले जाने की इजाजत रहेगी। सिंधुदुर्ग जिले का फालतू चारा सोलापुर और कोल्हापुर जिलों में भेजा जा सकेगा।
बैठक में गोंदिया शहर की नजूल जमीनों पर बने घरों को फ्रीहोल्ड करके मालिकाना हक देने का अहम फैसला भी लिया गया। जिन मामलों में शर्तें तोड़ी गई हैं, वहाँ दो फीसदी दंड लेकर जमीन संबंधित मालिकों के नाम की जाएगी। दूसरी तरफ सरकार ने सिद्धिविनायक मंदिर न्यास को पास की जमीन खरीदने पर स्टांप ड्यूटी माफ करने का फैसला किया है। बावनकुले ने बताया कि मंदिर न्यास ने सूखा पीड़ितों की मदद का भरोसा दिया है।
महायुति में निधि बंटवारे की शिकायतों पर उन्होंने कहा कि भाजपा, शिवसेना और राष्ट्रवादी कांग्रेस के लिए बंटवारे का फॉर्मूला समन्वय समिति तय कर चुकी है। महायुति समन्वय महामंडल पर अगले दो महीनों में फैसला लिया जाएगा, यह भी उन्होंने कहा।
राहुल गांधी के बयान पर बावनकुले ने कहा कि कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे को इस पर सफाई देनी चाहिए। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि इंडिया गठबंधन अभी से 2029 की हार की वजहें खोजने में लगा है।
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