बुधवार, 4 नवंबर 2026

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नागपुर जिले में नए बोअरवेल पर रोक, कलेक्टर कुमार आशीर्वाद का संशोधित आदेश

नागपुर जिले में नए बोअरवेल पर रोक, कलेक्टर कुमार आशीर्वाद का संशोधित आदेश तस्वीरें सत्यापित नहीं हैं
शहर PT24 टीम

नागपुर जिले में कम बारिश और घटते जलाशयों को देखते हुए नए बोअरवेल की खुदाई पर अगले आदेश तक रोक लगा दी गई है। घरेलू और पीने के पानी के कामों को छूट है।

नागपुर जिले में अब नए बोअरवेल खोदने पर रोक लगा दी गई है। कलेक्टर कुमार आशीर्वाद ने इसका संशोधित आदेश जारी किया है। यह रोक शहरी और ग्रामीण, दोनों इलाकों में लागू रहेगी।

प्रशासन का कहना है कि बारिश ने इस बार साथ नहीं दिया और उसका असर अब भूजल स्तर पर दिखने लगा है। जलाशयों में पानी का स्टॉक घट रहा है और आगे पानी की किल्लत की आशंका है। इसी को देखते हुए जिला प्रशासन ने यह सख्त कदम उठाया है, ताकि पानी की हर बूंद बचाई जा सके।

आदेश के मुताबिक कम बारिश और जलाशयों में कम पानी की वजह से आने वाले दिनों में पानी की कमी हो सकती है। भूजल स्रोतों को बचाने के लिए जिले में नए बोअरवेल की खुदाई पर रोक रहेगी। पुराने बोअरवेल को और गहरा करने के काम पर भी रोक रहेगी। यह रोक अगले आदेश तक जारी रहेगी।

राहत और पुनर्वास विभाग की सूखा आकलन प्रक्रिया के तहत जिले की सभी तहसीलों में ट्रिगर-1 लागू किया गया है। सार्वजनिक पीने के पानी के स्रोतों पर पड़ रहा अतिरिक्त दबाव कम करने के लिए यह एहतियाती फैसला लिया गया है।

कुछ जरूरी कामों को इस रोक से छूट दी गई है। घरेलू इस्तेमाल के पानी के लिए होने वाली बोअरवेल की खुदाई की इजाजत रहेगी। पुराने बोअरवेल की फ्लशिंग की भी इजाजत रहेगी। इसके अलावा पीने के पानी और पानी की किल्लत दूर करने के लिए जरूरी बोअरवेल की खुदाई भी हो सकेगी।

सरकारी एजेंसी के आधिकारिक वर्क ऑर्डर पर ठेकेदारों के जरिए होने वाले काम भी इस छूट में आएंगे। लेकिन इन अपवादों के अलावा जो भी खुदाई चल रही है, उसे तुरंत बंद करने के निर्देश दिए गए हैं।

रोक पर अमल के लिए तहसीलदार, पुलिस, स्थानीय स्वशासन संस्थाओं और भूजल सर्वेक्षण और विकास एजेंसी के आपसी तालमेल से जांच की जाएगी। बोअरवेल ठेकेदारों, रिंग मालिकों और मशीन चलाने वालों को साफ कहा गया है कि रोक के दौरान प्रतिबंधित खुदाई का काम न लें।

खुदाई बंद करने के बाद कोई भी बोअरवेल खुला या असुरक्षित हालत में नहीं छोड़ा जा सकेगा। सरकारी स्तर पर पानी की किल्लत दूर करने का काम करते समय संबंधित वर्क ऑर्डर की कॉपी मौके पर रखना जरूरी होगा। आदेश तोड़ने वालों पर आपदा प्रबंधन अधिनियम 2005 की धारा 51 और बाकी लागू कानूनी प्रावधानों के तहत कार्रवाई की जाएगी।

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