वाशिम में पानी बचाने की मुहिम, जिला प्रशासन और WOTR के बीच तीन साल का करार
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विदर्भ के 7 जिलों के 535 गांवों में जल संरक्षण का काम होगा। वाशिम में कलेक्टर योगेश कुंभेजकर की मौजूदगी में शुक्रवार को करार हुआ।
वाशिम जिले में सूखे जैसे हालात से निपटने के लिए जिला प्रशासन ने बड़ा कदम उठाया है। मकसद है पानी की सुरक्षा पक्की करना, खेती की पैदावार बढ़ाना और गांव के परिवारों की आमदनी में इजाफा करना। इसी के तहत शुक्रवार को जिला प्रशासन और वॉटरशेड ऑर्गनाइजेशन ट्रस्ट (WOTR) के बीच सामंजस्य करार (MoU) हुआ। यह करार विदर्भ जल संवर्धन उपक्रम को असरदार ढंग से लागू करने के लिए किया गया है और इस मौके पर कलेक्टर योगेश कुंभेजकर मौजूद थे।
करार पर जिला प्रशासन की ओर से कलेक्टर योगेश कुंभेजकर ने दस्तखत किए। WOTR की ओर से संस्था के कार्यकारी निदेशक प्रकाश केसकर ने दस्तखत किए। कार्यक्रम में मृदा व जलसंधारण विभाग के कार्यकारी इंजीनियर हरेंद्र वाघमारे, प्रादेशिक प्रबंधक शरद भनगडे, प्रोजेक्ट मैनेजर प्रवीण वरकर और विजय बनसोडे भी हाजिर थे। इनके अलावा HDFC बैंक के ग्रुप हेड राजकुमार पोजगे और जिला प्रबंधक राम शर्मा भी मौजूद रहे।
विदर्भ जल संवर्धन उपक्रम का मकसद कुदरती संसाधनों को फिर से ज़िंदा करना, खेती की पैदावार बढ़ाना और रोज़ी-रोटी के टिकाऊ मौके मजबूत करके गांव के लोगों का जीवन स्तर ऊपर उठाना है। योजना है कि विदर्भ के 7 जिलों के 9 तालुकों में आने वाले 535 गांवों में यह कार्यक्रम चलाया जाए। इनमें से 350 गांवों में सरकार की अलग-अलग योजनाओं को मिलाकर काम होगा, जबकि 185 गांवों में HDFC परिवर्तन के सामाजिक उत्तरदायित्व (CSR) फंड से खास उपाय किए जाएंगे।
जल संरक्षण, भूजल पुनर्भरण और खेती को तरजीह देने वाले इस कार्यक्रम में पहाड़ की चोटी से लेकर घाटी तक पूरे जलग्रहण क्षेत्र का एकीकृत विकास किया जाएगा। बारिश का पानी रोकना, उसे जमीन में उतारना, भूजल पुनर्भरण बढ़ाना, पानी जमा करने वाले ढांचों को मजबूत करना और मिट्टी की पानी थामने की क्षमता बढ़ाना, इन सब पर जोर रहेगा। किसानों को प्रदर्शन, ट्रेनिंग और लगातार मार्गदर्शन देकर खेती के बेहतर तरीके अपनाने के लिए प्रोत्साहित किया जाएगा।
काम का बंटवारा भी तय है। जिला प्रशासन अलग-अलग विभागों के बीच तालमेल, प्रशासनिक मदद और बुनियादी सुविधाओं के विकास में सहयोग करेगा। वहीं WOTR गांव के स्तर पर लोगों की भागीदारी बढ़ाने, जागरूकता फैलाने, ट्रेनिंग, क्षमता निर्माण, सूक्ष्म नियोजन और गांव की संस्थाओं को सक्षम बनाने में मदद देगी।
कार्यक्रम की प्रगति का जायजा लेने के लिए तिमाही या छमाही बैठकें होंगी। यह सामंजस्य करार तीन साल के लिए है।
वाशिम जिले के मालेगाव तालुका में इस कार्यक्रम के लिए HDFC परिवर्तन के सहयोग से 20 गांव चुने गए हैं। इन गांवों के 6 हजार 828 परिवारों के 31 हजार 291 लोगों को इस प्रोजेक्ट का फायदा मिलने की उम्मीद है।
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