दिवाली से पहले किसानों के हाथ में पहुंचेगी कुछ मदद, बावनकुले बोले- पंचनामे जल्द निपटाने की कोशिश
राजस्व मंत्री चंद्रशेखर बावनकुले ने कहा कि सूखे में किसानों को दिवाली से पहले कुछ आर्थिक मदद मिले, यही सरकार की सोच है।
राजस्व मंत्री और मंत्रिमंडल की सूखा निवारण उपसमिति के अध्यक्ष चंद्रशेखर बावनकुले ने कहा कि सरकार पंचनामे जल्द से जल्द पूरे करने की कोशिश में है। उनके मुताबिक सरकार का विचार यह है कि दिवाली से पहले किसानों के हाथ में कुछ न कुछ आर्थिक मदद पहुंच जाए। मंत्रिमंडल की सूखा निवारण उपसमिति ने भी यही सिफारिश की है।
बावनकुले ने बताया कि राज्य में सूखे के हालात हैं, फिर भी करीब 15 से 18 तहसीलें ट्रिगर-1 में शामिल नहीं हो पाई हैं। इन तहसीलों को सटीक पंचनामा और आनेवारी के आधार पर सूखे के दायरे में लाया जाएगा और किसानों को न्याय दिया जाएगा।
उन्होंने यह भी बताया कि मुख्यमंत्री ने 11 सदस्यों वाली उपसमिति को पूरे अधिकार दिए हैं। समिति को 25 अक्टूबर तक अपनी अंतिम रिपोर्ट पेश करनी है, ऐसा फैसला लिया गया है। सूखे की स्थिति में टैंकर, पानी की कमी और चारा शिविरों का इंतजाम सरकार करेगी। साथ ही हर जिलाधिकारी को निर्देश दिए गए हैं कि वे अपने जिले के बड़े औद्योगिक क्षेत्रों से बात करें और सीएसआर के जरिए मदद लें।
नागपुर जिले के बेला-उमरेड इलाके को लेकर बावनकुले ने बताया कि जिन जरूरतमंद और गरीब लोगों के पास घर नहीं है, उनके लिए सरकारी जमीन देने का फैसला मंत्रिमंडल ने लिया है। गडकरी ने बेला में 'स्मार्ट विलेज' बनाने की संकल्पना भी रखी थी। मंत्रिमंडल ने बेला की सरकारी जमीन निःशुल्क देने का निर्णय लिया है। इससे पारधी और घुमंतू समाज के लोगों के साथ दूसरे वंचित गरीब नागरिकों को भी फायदा मिलेगा।
कांग्रेस पर निशाना साधते हुए बावनकुले ने कहा कि जनता का काम करके वोट हासिल करने चाहिए और समाज में अपना असर बनाना चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस ने यह रास्ता छोड़ दिया है और फिलहाल नकारात्मकता के भरोसे चल रही है। उनका दावा है कि कांग्रेस को लगता है कि नकारात्मकता फैलाकर चुनाव जीता जा सकता है। उन्होंने कहा कि देश और जनता ऐसी नहीं है, जनता विकास के साथ खड़ी है, नकारात्मकता के साथ नहीं।
बावनकुले ने कहा कि मोर्चा एक दिन चलेगा और दो दिन आंदोलन होगा, लेकिन जनता को असली काम चाहिए। महाविकास आघाड़ी की बैलेट पेपर पर चुनाव कराने की मांग पर उनका कहना था कि जब-जब महाविकास आघाड़ी हारती है, तब-तब उसे बैलेट पेपर याद आता है।
रोहित पवार की चेतावनी थी कि 'किसी मंत्री को दिवाली नहीं मनाने देंगे'। इस पर बावनकुले ने कहा कि वे मेरे घर आएं, मैं दिवाली नहीं मनाऊंगा, लेकिन उन्हें निमंत्रण है। रोहित पवार नागपुर आएं। उन्होंने बताया कि सूखे को देखते हुए शादी समारोह सादगी से करने के निर्देश दिए गए हैं और विधायकों ने अपने जन्मदिन के कार्यक्रम भी रद्द कर दिए हैं। रोहित पवार से उनकी अपील है कि किसानों के साथ खड़ा रहना जरूरी है।