चंद्रपूर मनपा के 147 सफाई कामगार वारिसों की नियुक्ति के निर्देश, मंत्रालय में बैठक
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मुंबई मंत्रालय की बैठक में चंद्रपुर महानगरपालिका के 147 वारिसों को वारिस हक के तहत नियुक्ति देने की प्रक्रिया चलाने के निर्देश दिए गए।
सफाई कामगारों के वारिस हक़ नियुक्ति के मामले पर मुंबई के मंत्रालय में एक अहम बैठक हुई। इसमें चंद्रपुर महानगरपालिका के 147 वारिसों को नियुक्ति देने की प्रक्रिया चलाने के निर्देश दिए गए। बताया गया कि नगर विकास राज्यमंत्री माधुरी मिसाल ने ये निर्देश दिए।
यह बैठक विधायक किशोर जोरगेवार के लगातार पीछे लगे रहने के बाद हुई। बैठक में लाड-पागे समिति की सिफारिशों और सफाई कामगारों के वारिस हक़ नियुक्ति के मसले पर बात हुई। जोरगेवार की मांग पर ही इसे बुलाया गया था।
बैठक में विधायक किशोर जोरगेवार, शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र के विधायक सुधाकर अडबाले, नगर विकास विभाग की उप सचिव मंजुषा कारंडे, सामाजिक न्याय विभाग की उपसचिव वर्षा देशमुख, सामान्य न्याय विभाग की अवर सचिव श्रुति तोडसकर, कक्ष अधिकारी करंगुरकर, मुख्याधिकारी माधुरी सलामे, मनपा उपायुक्त शेषराव टाले, डिएमए के उपायुक्त रोहिदास दोरकुटकर, सूरज घडसे और एडवोकेट राजेश कुसरे वगैरह मौजूद थे।
बैठक में नियुक्ति की प्रक्रिया में आ रही कई अड़चनों और पेंडिंग मामलों पर विस्तार से चर्चा हुई। खास तौर पर सफाई कुली और सफाई रेजा पदों पर काम करने वाले कर्मचारियों के वारिसों को नियुक्ति देते वक्त पैदा होने वाली तकनीकी दिक्कतें जोरगेवार ने सामने रखीं। उनका कहना था कि लाड-पागे समिति की सिफारिशों और सामाजिक न्याय और विशेष सहायता विभाग के 24 फरवरी 2023 के सरकारी आदेश के हिसाब से ये दोनों पद सफाई कामगारों के बराबर माने जाएं, ताकि इन कर्मचारियों के वारिसों को भी वारिस हक़ नियुक्ति का फायदा मिले।
इस पर राज्यमंत्री माधुरी मिसाल ने सफाई कुली और सफाई रेजा को सफाई कामगारों के समकक्ष मानकर उनकी गिनती सफाई कामगारों में करने के निर्देश दिए। साथ ही संबंधित अधिकारियों को साफ कहा गया कि वारिसों के दिए आवेदनों के आधार पर पात्र वारिसों की फौरन लिस्ट बनाई जाए और पद भर्ती की प्रक्रिया चलाई जाए।
बैठक में यह मुद्दा भी उठा कि मंजूर पद संरचना के पदों की सीमा, खाली पद और स्थापना खर्च की शर्तों का हवाला देकर वारिस हक़ नियुक्ति के मामले अटकाए न जाएं। बताया गया कि 24 फरवरी 2023 के सरकारी आदेश के मुताबिक सफाई कामगारों के वारिस हक़ नियुक्ति के मामलों में पद संरचना और स्थापना खर्च की सीमा की शर्त लागू नहीं होती। वित्त विभाग की पद भर्ती पर रोक भी ऐसे मामलों पर लागू नहीं होती, ऐसा प्रावधान है।
12 अगस्त 1975 से 23 फरवरी 2023 के बीच के पेंडिंग मामलों का सवाल भी उठाया गया। 13 अक्टूबर 2024 के सरकारी आदेश के मुताबिक उस दौर के पेंडिंग मामलों पर 24 फरवरी 2023 के सरकारी आदेश के सुधारे हुए प्रावधान लागू होते हैं, यह बात ध्यान दिलाई गई। 28 जनवरी 2025 के सरकारी परिपत्र के प्रावधानों के हिसाब से गंदगी साफ करने का काम करने वाले सफाई कामगारों के वारिसों को नियुक्ति देने पर भी बात हुई।
जोरगेवार ने यह मुद्दा भी रखा कि वारिसों की पढ़ाई-लिखाई देखकर उन्हें सही पद पर नियुक्ति दी जाए। ध्यान दिलाया गया कि वारिस चाहे तो उसकी शैक्षणिक पात्रता के हिसाब से समूह-क के लिपिक, स्वच्छता निरीक्षक, सिविल इंजीनियरिंग या विद्युत विभाग के पदों पर नियुक्ति का प्रावधान है।
चंद्रपुर महानगरपालिका के सफाई कामगारों के परिवारों को न्याय मिले और बरसों से अटका वारिस हक़ नियुक्ति का सवाल सुलझे, इसके लिए जोरगेवार ने पीछा किया था और उसी का नतीजा है कि बैठक में ये फैसले जैसे निर्देश दिए गए। इससे 147 वारिसों की नियुक्ति प्रक्रिया को रफ्तार मिलने का रास्ता खुला है और उम्मीद जताई जा रही है कि पात्र वारिसों को जल्द राहत मिलेगी।
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