शिकागो के पास हिंदू मंदिर पर गोलीबारी की साजिश नाकाम, 19 साल का आरोपी गिरफ्तार
अमेरिका के इलिनॉय में अरोरा के श्री व्यंकटेश्वर मंदिर पर हमले की साजिश नाकाम रही। आरोपी की बंदूक जाम हो गई थी।
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अमेरिका के इलिनॉय राज्य में शिकागो के पास अरोरा में श्री व्यंकटेश्वर मंदिर पर सामूहिक गोलीबारी की साजिश का मामला सामने आया है। बताया गया है कि 19 साल का एक युवक हथियार लेकर मंदिर के परिसर तक पहुंच गया था। ऐन वक्त पर उसकी बंदूक जाम हो गई और इस वजह से बड़ा हादसा टल गया।
अमेरिकन पुलिस ने आरोपी को फौरन गिरफ्तार कर लिया। उसे 14 अक्टूबर को कोर्ट में पेश किया गया। उस पर आतंकवादी धमकियां देने और गैरकानूनी तरीके से खतरनाक हथियार रखने जैसी गंभीर धाराओं में केस दर्ज किया गया है।
इस घटना से भारतीय-अमेरिकन समुदाय और प्रवासी भारतीयों में डर और चिंता का माहौल है। अमेरिकी संसद (कांग्रेस) के भारतीय-अमेरिकन सदस्य राजा कृष्णमूर्ती ने घटना को गंभीरता से लिया है। उन्होंने सोशल मीडिया पर फैल रही भारत विरोधी और हिंदू विरोधी नफरत के खिलाफ सख्त कानूनी कदम उठाने की जोरदार मांग की है। उनका कहना है कि इंटरनेट पर फैलाई जा रही नफरत भरी सामग्री नौजवानों को कट्टरपंथी बना रही है और यह पूरे समाज के लिए बड़ा खतरा बन गया है।
कृष्णमूर्ती ने मामले की पड़ताल करते हुए बताया कि आरोपी युवक अपने आसपास के माहौल और खासकर सोशल मीडिया की भड़काऊ सामग्री की वजह से बेहद कट्टरपंथी हो चुका था। जांच रिपोर्ट के मुताबिक आरोपी ने अपने एक साथी के साथ भारतीयों पर हमला करने और उन्हें मारने के बारे में पहले ही बात की थी।
कृष्णमूर्ती ने कई रिसर्च रिपोर्टों का हवाला दिया। उनके मुताबिक पिछले कुछ समय में सोशल मीडिया पर दक्षिण एशियाई समुदाय (भारतीय, हिंदू, सिख वगैरह) के खिलाफ नफरत भरी पोस्ट और सामग्री में 240 फीसदी से ज्यादा बढ़ोतरी हुई है। उन्होंने बड़ी टेक और सोशल मीडिया कंपनियों पर सीधा आरोप लगाया कि वे नफरत वाली सामग्री से मिलने वाले ट्रैफिक से भारी मुनाफा कमाती हैं, लेकिन ऐसे खतरनाक कंटेंट पर काबू पाने में पूरी तरह नाकाम रही हैं। इसलिए इन कंपनियों को जवाबदेह बनाने के लिए कानूनी सुरक्षा के प्रावधानों में फौरन सुधार की जरूरत है, ऐसा उन्होंने कहा।
इस घटना की गूंज भारत में भी सुनाई दी। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जयस्वाल ने मामले पर गहरी चिंता जताई है। भारत सरकार ने अमेरिकी प्रशासन से अपील की है कि वहां रहने वाले भारतीय नागरिकों, हिंदुओं और दूसरे अल्पसंख्यक समुदायों के धार्मिक स्थलों और उनकी जान की सुरक्षा पक्की की जाए।
अमेरिकी कांग्रेस के इंडिया कॉकस ने भी इस मामले में सख्त रुख अपनाया है। कॉकस के सांसदों ने FBI और अमेरिकी न्याय विभाग से गुजारिश की है कि इस मामले की 'हेट क्राइम' के तौर पर गहराई से जांच की जाए। उनका कहना है कि यह पता लगाना जरूरी है कि इस साजिश के पीछे ऑनलाइन या ऑफलाइन किसी ने आरोपी को बढ़ावा दिया या मदद की थी या नहीं। साथ ही हिंदू मंदिरों, सिख गुरुद्वारों और दूसरे दक्षिण एशियाई धार्मिक स्थलों के आसपास सुरक्षा फौरन बढ़ाने की मांग भी की गई है।
कृष्णमूर्ती ने अपनी बात आगे बढ़ाते हुए कहा कि सिर्फ एक समुदाय तक सीमित न रहकर हर तरह की नफरत के खिलाफ एकजुट होना चाहिए। उनके मुताबिक अमेरिका के राजनीतिक और सामाजिक नेताओं को भारतीय, हिंदू, मुस्लिम, यहूदी, सिख, अश्वेत, हिस्पैनिक, महिलाओं और LGBTQ समुदाय के खिलाफ होने वाली हर नफरती घटना की एक आवाज में कड़ी निंदा करनी चाहिए।