सट्टेबाजी नेटवर्क केस में ईडी ने सागर डैश को गिरफ्तार किया, तीन दिन की कस्टडी में
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ईडी के मुंबई जोनल ऑफिस-II ने ऑनलाइन सट्टेबाजी और साइबर फ्रॉड नेटवर्क से जुड़े मामले में सागर डैश को पीएमएलए के तहत गिरफ्तार किया है।
प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) के मुंबई जोनल ऑफिस-II ने ऑनलाइन सट्टेबाजी और साइबर फ्रॉड के एक मामले में सागर डैश को गिरफ्तार किया है। माना जा रहा है कि डैश का ताल्लुक 'ऑल पैनल एक्सचेंज' (ए पीएक्स) के चलाए जा रहे नेटवर्क से है। उस पर शक है कि उसने सहकारी बैंकों, फर्जी कंपनियों (शेल एंटिटीज) और क्रिप्टोकरेंसी चैनलों के जरिए सैकड़ों करोड़ रुपये की आपराधिक संपत्ति इधर से उधर की।
डैश को 27 अक्टूबर को प्रिवेंशन ऑफ मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट, 2002 के तहत गिरफ्तार किया गया। मुंबई की विशेष पीएमएलए कोर्ट ने उसे तीन दिन की ईडी कस्टडी में भेजा है। वरिष्ठ अधिकारियों का कहना है कि इस गिरफ्तारी के बाद मुंबई, पुणे, बेंगलुरु और दूसरे शहरों से जुड़े इस सट्टेबाजी नेटवर्क के पैसों के लेनदेन की नए सिरे से जांच शुरू हुई है।
ईडी की जांच के मुताबिक ऑनलाइन सट्टेबाजी और साइबर फ्रॉड से जुड़ी तीन एफआईआर दर्ज हैं। अधिकारियों का कहना है कि पीड़ितों से जमा की गई रकम हैदराबाद की 'जुबली हिल्स मर्केंटाइल को-ऑपरेटिव बैंक' के कई 'म्यूल' यानी बेनामी खातों से घुमाई गई थी। इसके बाद यह पैसा अलग-अलग फर्जी कंपनियों में भेजा गया और उसका बड़ा हिस्सा बेंगलुरु की 'नगरभावी क्रेडिट को-ऑपरेटिव सोसायटी' के नोडल खाते में जमा हुआ। अधिकारियों के अनुसार यह खाता 'आर्मस्ट्रांग एक्सचेंज प्राइवेट लिमिटेड' के लिए इस्तेमाल हो रहा था, जिस कंपनी को डैश ने ही खड़ा किया था।
जांच अधिकारियों के मुताबिक डैश ने कथित तौर पर इस सहकारी संस्था की केवाईसी डिटेल और फर्जी कागजात का इस्तेमाल करके क्रिप्टोकरेंसी अकाउंट खोले थे। संस्था के बैंक खाते से सैकड़ों करोड़ रुपये का लेनदेन हुआ। अधिकारियों का कहना है कि इसमें से बड़ी रकम सीधे गैरकानूनी गेमिंग, सट्टेबाजी प्लेटफॉर्म और साइबर फ्रॉड की कमाई से जुड़ी दिख रही है।
इस केस में मुंबई का कनेक्शन अहम बताया गया है, क्योंकि ईडी का मुंबई जोनल ऑफिस ही इसकी जांच कर रहा है। जांच के तहत मुंबई, पुणे, बेंगलुरु, हैदराबाद, सूरत और मेहसाणा (गुजरात) में छापे मारे गए। इन छापों में आपत्तिजनक कागजात जब्त हुए और अलग-अलग बैंक खातों में पड़े करीब 9 करोड़ रुपये फ्रीज कर दिए गए। इससे पहले इसी जांच में ईडी 'एडसम फिनटेक प्राइवेट लिमिटेड' के मुख्य कार्यकारी अधिकारी राम यू. रामधानी को गिरफ्तार कर चुकी है।
उधर, सामाजिक कार्यकर्ता संतोष घोलप ने आठ केंद्रीय एजेंसियों के पास अलग से शिकायत दर्ज कराई है। इसमें समुद्र सिंह राठौड़, मुकेश जैन, रामधानी और डैश के कथित नेटवर्क की गहरी आर्थिक जांच की मांग की गई है। आरोप है कि ऑपरेटरों ने ऑनलाइन बेटिंग, मटका, कैसीनो गेमिंग और साइबर फ्रॉड के प्लेटफॉर्म के लिए फर्जी बैंक खाते और यूपीआई आईडी मुहैया कराए, जिससे औपचारिक वित्तीय व्यवस्था के बाहर बड़े पैमाने पर पैसों का लेनदेन हो सका।
शिकायत में यह भी आरोप लगाया गया है कि इस नेटवर्क के विदेशी ऑपरेटरों से आर्थिक रिश्ते थे और पैसा भेजने के लिए हवाला व क्रिप्टोकरेंसी का सहारा लिया गया। जांच अधिकारियों की ओर से ये आरोप अभी अलग से साबित होने बाकी हैं।
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