मंगलवार, 3 नवंबर 2026

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कापूरबावडी पुलिस स्टेशन में युवकों से बदसलूकी का आरोप, तीन पुलिसवाले कंट्रोल रूम भेजे गए

कापूरबावडी पुलिस स्टेशन में युवकों से बदसलूकी का आरोप, तीन पुलिसवाले कंट्रोल रूम भेजे गए तस्वीरें सत्यापित नहीं हैं
जुर्म PT24 टीम

ठाणे में प्रदीप पूर्णेकर हत्या के विरोध में हुए आंदोलन में पकड़े गए युवकों के साथ हिरासत में थर्ड डिग्री और यौन उत्पीड़न का आरोप लगा है। इसके बाद कापूरबावडी पुलिस स्टेशन के बाहर विरोध प्रदर्शन हुआ।

ठाणे में शिवसेना (ठाकरे गुट) के विभागप्रमुख प्रदीप पूर्णेकर की हत्या का मामला अब एक नए विवाद में घिर गया है। आरोप है कि हत्या के विरोध में हुए आंदोलन के दौरान पकड़े गए युवकों को कापूरबावडी पुलिस स्टेशन में 'थर्ड डिग्री' दी गई और उनका यौन उत्पीड़न भी किया गया। इस बात के सामने आते ही इलाके में तीखी प्रतिक्रिया हुई।

विवाद की शुरुआत उस आंदोलन से हुई, जो पूर्णेकर की हत्या के विरोध में और आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग को लेकर ठाणे में हुआ था। उस दौरान रास्ता रोको हुआ और पथराव की घटनाएं भी हुईं। पुलिस ने इस मामले में 250 से ज्यादा लोगों के खिलाफ केस दर्ज किया और दो युवकों को गिरफ्तार किया। अब आरोप लगाया जा रहा है कि कस्टडी में रहते हुए इन युवकों को बेरहमी से पीटा गया और उनके साथ यौन उत्पीड़न किया गया।

सामाजिक कार्यकर्ता अजय जया ने इन युवकों की मेडिकल रिपोर्ट हासिल की। इसके बाद उन्होंने मानवाधिकार प्राधिकरण और पुलिस उपायुक्त (डीसीपी) प्रशांत कदम के पास विधिवत शिकायत दर्ज कराई। मेडिकल रिपोर्ट में मिले सबूतों की वजह से पुलिस बल के भीतर के इस कथित कृत्य का मामला और गंभीर हो गया।

खबर फैलते ही ठाणे का राजनीतिक माहौल गरम हो गया। राष्ट्रवादी कांग्रेस (शरदचंद्र पवार गट), शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे), कांग्रेस और महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (मनसे) के पदाधिकारी और कार्यकर्ता बड़ी संख्या में कापूरबावडी पुलिस स्टेशन के बाहर जमा हो गए। इन लोगों ने पुलिस के खिलाफ जोरदार नारेबाजी की और आरोपी कर्मचारियों पर फौरन केस दर्ज करने की मांग रखी। करीब एक घंटे तक चले इस धरने से पुलिस स्टेशन के आसपास काफी तनाव रहा।

प्रदर्शन का जोर देखकर वरिष्ठ पुलिस अधिकारी बीच में आए और उन्होंने आंदोलनकारियों का निवेदन ले लिया। इस मामले में शुरुआती तौर पर संदिग्ध पाए गए तीन पुलिस कर्मचारियों को तुरंत पुलिस कंट्रोल रूम में भेज दिया गया है।

राष्ट्रवादी कांग्रेस (शरदचंद्र पवार गट) के शहराध्यक्ष मनोज प्रधान के मुताबिक, पुलिस ने निवेदन स्वीकार कर लिया है। उन्होंने बताया कि आरोपी कर्मचारियों को कंट्रोल रूम भेजा जा चुका है और पुलिस ने भरोसा दिया है कि पीड़ित युवकों के बयान दर्ज होने के बाद जो दोषी निकलेंगे, उन पर सख्त कानूनी कार्रवाई होगी।

मेडिकल रिपोर्ट और मानवाधिकार प्राधिकरण में हुई शिकायत के बाद ठाणे पुलिस अब दबाव में दिख रही है। निष्पक्ष जांच में क्या सामने आता है और पीड़ित युवकों को इंसाफ दिलाने के लिए दोषी पुलिसवालों पर कानूनी तौर पर केस दर्ज होता है या नहीं, इस पर पूरे ठाणे की नजर टिकी है।

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