ED ने नागपुर में बिल्डर पांडे के दो ठिकानों से पकड़ी 1.95 करोड़ रुपये की बेहिसाब नकदी
तस्वीरें सत्यापित नहीं हैं
प्रवर्तन निदेशालय ने 26 अक्टूबर को PMLA के तहत प्रयाग डेवलपर्स एंड बिल्डर्स के प्रोपराइटर शशांक गोविंदप्रसाद पांडे से जुड़े ठिकानों पर कार्रवाई की।
प्रवर्तन निदेशालय (ED) के नागपुर कार्यालय ने नागपुर जिले में बिल्डर शशांक गोविंदप्रसाद पांडे से जुड़े दो ठिकानों पर छापा मारा। पांडे प्रयाग डेवलपर्स एंड बिल्डर्स के प्रोपराइटर हैं। यह कार्रवाई 26 अक्टूबर को धन शोधन निवारण अधिनियम (PMLA), 2002 के तहत हुई और इसमें 1.95 करोड़ रुपये की बेहिसाब नकदी जब्त की गई।
नकदी के अलावा ED ने कई आपत्तिजनक दस्तावेज, रिकॉर्ड और डिजिटल डिवाइस भी अपने कब्जे में लिए हैं। 40 लाख रुपये से ज्यादा की बैंक राशि फ्रीज कर दी गई है। जांच में करोड़ों रुपये की कई अचल संपत्तियों की पहचान भी हुई है। इन्हें कथित तौर पर अपराध की कमाई से खरीदे जाने का संदेह है।
ED की जांच के मुताबिक, शशांक पांडे ने एक बुजुर्ग विधवा की जमीन के विकास का समझौता किया था। समझौते में महिला को 1.75 करोड़ रुपये और 14 रिहायशी फ्लैट देने का वादा किया गया था।
आरोप है कि महिला के नाम तय किए गए फ्लैटों की डीड उनकी जानकारी और रजामंदी के बिना रद्द करा दी गई और फ्लैट तीसरे पक्ष को बेच दिए गए। इन फ्लैटों की बिक्री से मिले 8.93 करोड़ रुपये कथित तौर पर निजी इस्तेमाल के लिए हड़प लिए गए। साथ ही 45 लाख रुपये का भुगतान भी नहीं किया गया। इस तरह शिकायतकर्ता को कुल 9.4 करोड़ रुपये का नुकसान होने का आरोप है।
जांच में दिव्या प्रयाग अपार्टमेंट प्रोजेक्ट को लेकर भी कथित गड़बड़ियां सामने आई हैं। इस प्रोजेक्ट के 22 फ्लैट दीवान हाउसिंग फाइनेंस कॉर्पोरेशन लिमिटेड (DHFL) के पास 22 करोड़ रुपये के प्रोजेक्ट लोन के बदले गिरवी रखे गए थे। इस लोन में से 11 करोड़ रुपये जारी हुए थे।
आरोप है कि पांडे ने बैंक से जरूरी अनापत्ति प्रमाणपत्र (NOC) लिए बिना ये फ्लैट बेच दिए। खरीदारों को भी नहीं बताया गया कि फ्लैट गिरवी हैं। होम लोन के सिलसिले में बैंक को कथित तौर पर गलत हलफनामा दिया गया, जिसमें पहले से मौजूद गिरवी की बात छिपाई गई। इसके बाद 12.84 करोड़ रुपये की बकाया राशि सामने आई और SARFAESI Act के तहत कार्रवाई शुरू हुई।
ED ने यह जांच नागपुर के अजनी पुलिस स्टेशन और राणाप्रतापनगर पुलिस स्टेशन में भारतीय दंड संहिता की धारा 418 और 420 के तहत दर्ज FIR के आधार पर शुरू की थी। मामले की आगे की जांच जारी है।
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