सतेज पाटील का दावा: गोकुल के महायुती के 12 संचालक उदयपुर के मैरियट होटल में हैं
तस्वीरें सत्यापित नहीं हैं
गोकुल दूध संघ के अध्यक्ष पद का पेच बना हुआ है। सतेज पाटील ने दावा किया है कि महायुती के संचालक उदयपुर में हैं, जबकि सरकार के 5 स्वीकृत संचालकों पर नया विवाद खड़ा हो गया है।
गोकुल दूध संघ का मामला इन दिनों राज्य की राजनीति में गरमाया हुआ है। संघ के चुनाव में कुल 25 सीटें थीं। इनमें से सतेज पाटील के पैनल ने 13 सीटें जीतीं, जबकि महायुती के हिस्से में 12 सीटें आईं। आंकड़ों को देखें तो पाटील गुट का पलड़ा भारी दिखता था। फिर भी अध्यक्ष चुनने के लिए 14 सदस्यों का कोरम जरूरी है और वह पूरा नहीं हो पाया। इसी वजह से अध्यक्ष की चुनाव प्रक्रिया अटक गई है।
इसी बीच चर्चा है कि अध्यक्ष पद के चुनाव के दौरान कोई राजनीतिक दगाबाजी न हो, इसलिए महायुती के 12 संचालकों को सैर पर भेज दिया गया है। शुरुआत में कहा जा रहा था कि ये संचालक अलिबाग में हैं। लेकिन सतेज पाटील ने इस बारे में अलग ही जानकारी सामने रखी।
एक इंटरव्यू में बोलते हुए पाटील ने दावा किया कि महायुती के संचालक गोवा और सूरत होते हुए उदयपुर पहुंचे हैं। उन्होंने यह भी कहा कि ये सभी संचालक उदयपुर के मैरियट होटल में ठहरे हैं। पाटील के मुताबिक उन्हें हर एक संचालक के रूम नंबर की भी जानकारी है। उनका दावा है कि पहली मंजिल पर 130 से रूम नंबर शुरू होते हैं। इस दावे से सियासी चर्चा और तेज हो गई। यहां यह साफ रहे कि ये बातें पाटील ने कही हैं, इन्हें किसी और ने पुष्ट नहीं किया है।
अध्यक्ष पद का पेच अभी सुलझा नहीं था कि राज्य सरकार ने 5 स्वीकृत संचालक नियुक्त करने का फैसला ले लिया। इससे विवाद को नया मोड़ मिल गया है। चर्चा इस बात की भी है कि इन संचालकों को वोट देने का अधिकार दिया गया है। इसी को लेकर सवाल उठ रहा है कि क्या इससे गोकुल में सत्ता का गणित बदल जाएगा।
सतेज पाटील ने इस फैसले पर ऐतराज जताया है। उन्होंने सरकार पर आरोप लगाया है कि वह गोकुल पर कब्जा करने की कोशिश कर रही है। दूसरी तरफ मंत्री हसन मुश्रीफ ने विरोधियों के आरोपों का जवाब दिया है।
अब सबकी नजर इस पर है कि पूरे मामले में अदालत क्या रुख लेती है और गोकुल के अध्यक्ष पद की माला आखिर किसके गले में पड़ती है। पूरे राज्य की निगाहें इसी पर टिकी हैं।
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