मंगलवार, 3 नवंबर 2026

अभी सब्सक्राइब करें
प्राइम अलर्ट
सारे लाइव अपडेट

सातारा में सूखे को देखते हुए पानी बंटवारे पर फैसले, पीने के लिए 11 टीएमसी पानी रिज़र्व

सातारा में सूखे को देखते हुए पानी बंटवारे पर फैसले, पीने के लिए 11 टीएमसी पानी रिज़र्व तस्वीरें सत्यापित नहीं हैं
शहर PT24 टीम

प्रभारी मंत्री शंभूराज देसाई की अध्यक्षता में हुई कालवा सलाहकार समिति की बैठक में पीने के पानी को प्राथमिकता देने और कोयना बांध के पानी के नियोजन का अधिकार सातारा की समिति को देने का प्रस्ताव सरकार को भेजने के निर्देश दिए गए।

सूखे के हालात को देखते हुए सातारा जिले के बांधों के पानी का बंटवारा सबके साथ बराबरी से हो और किसी भी तालुका के साथ अन्याय न हो, यह ध्यान रखने के निर्देश प्रभारी मंत्री शंभूराज देसाई ने दिए। उन्होंने कहा कि बांधों का पानी सबसे पहले पीने के लिए रिज़र्व रखा जाए।

धोम, बलकवडी, उरमोडी, कण्हेर और तारळी परियोजनाओं के रबी मौसम सन 2026-27 के लिए नहर सलाहकार समिति की बैठक हुई। यह बैठक जिलाधिकारी कार्यालय के नियोजन भवन में देसाई की अध्यक्षता में संपन्न हुई। जल संसाधन मंत्री राधाकृष्ण विखे-पाटील बैठक में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से जुड़े। ग्रामविकास व पंचायतराज मंत्री जयकुमार गोरे, सार्वजनिक निर्माण मंत्री शिवेंद्रसिंहराजे भोसले, राहत व पुनर्वास मंत्री मकरंद पाटील और जिला परिषद अध्यक्ष प्रिया शिंदे भी मौजूद थे। विधायकों में अरुण लाड, धैर्यशील कदम, महेश शिंदे, मनोज घोरपडे, डॉ. अतुल भोसले और सुहास बाबर आए। जिलाधिकारी संतोष पाटील, मुख्य कार्यकारी अधिकारी याशनी नागराजन और जल संसाधन विभाग के अधीक्षक अभियंता जयंत शिंदे भी शामिल हुए। विश्वजित कदम वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से जुड़े थे।

देसाई ने कहा कि पानी का इस्तेमाल बहुत किफ़ायत से और सही नियोजन के हिसाब से होना चाहिए। उन्होंने सुझाव दिया कि जनवरी महीने में जितना जल भंडार उपलब्ध हो, उसे देखकर पानी बंटवारे का नया नियोजन फिर से किया जाए। इससे सभी इलाकों को पीने और खेती, दोनों के पानी का बराबर फायदा मिल सकेगा।

प्रभारी मंत्री ने यह भी निर्देश दिया कि कोल्हापूर पद्धति के बांधों और तालाबों से गाद निकालने के प्रस्ताव तुरंत पेश किए जाएं। लिफ्ट सिंचाई योजनाओं का रिसाव रोकने का काम भी फौरन हाथ में लिया जाए। साथ ही कोयना बांध के 20 प्रतिशत पानी को सिंचाई और पीने के लिए रिज़र्व रखने का प्रस्ताव, और कोयना के पानी के नियोजन का अधिकार सातारा जिला नहर सलाहकार समिति को देने का प्रस्ताव, जल्द से जल्द सरकार को भेजने को कहा गया।

जयकुमार गोरे ने बैठक में प्रस्ताव रखा कि कोयना बांध के पानी के नियोजन का अधिकार सातारा नहर समिति को दिया जाए। उन्होंने इस प्रस्ताव को सरकार के पास भेजने के लिए भी कहा।

शिवेंद्र राजे भोसले ने कहा कि पीने के पानी की योजनाओं को पहले ध्यान में रखकर बांधों से खेती और पीने के लिए पानी छोड़ा जाए। उनके मुताबिक जिले के सभी कोल्हापूर पद्धति के बांध अच्छी हालत में रखे जाएं, ताकि लोगों को सिंचाई और पीने के पानी की सप्लाई सुचारु रूप से मिलती रहे।

मकरंद पाटील ने सुझाव दिया कि खरीफ का बचा हुआ पानी बलकवडी से छोड़ा जाए, जिससे धान की फसल को फायदा होगा। उन्होंने कहा कि लिफ्ट सिंचाई योजनाओं के बिजली बिल किसानों से वसूल न किए जाएं और उन्हें सूखा निधि में समायोजित किया जाए। साथ ही पीने के पानी की योजनाओं की बिजली काटी न जाए।

बैठक में जयंत शिंदे ने बताया कि जिले में 61 हजार हेक्टेयर क्षेत्र के लिए रबी सिंचाई का नियोजन किया गया है। इसमें गेहूं, ज्वार और चारा फसलों को प्राथमिकता दी जाएगी। पीने के पानी के लिए 11 टीएमसी पानी रिज़र्व रखा गया है, यह जानकारी भी उन्होंने दी।

#नागपुर#शहर#PT24#Civic#Nagpur

विज्ञापन

क्या हम इस विज़िट को गिन लें? PT24 गूगल एनालिटिक्स से देखता है कि कौन सी खबरें किस पर पढ़ी जाती हैं। आपके हां कहने तक यह बंद है, आप सोच रहे हैं तब तक कुछ नहीं गिना जाता, और आप 'आप' पर कभी भी अपना मन बदल सकते हैं। हम क्या लेंगे