कर्जत-जामखेड की चार सड़कों के लिए 20 करोड़ रुपये मंजूर, राम शिंदे की कोशिश रंग लाई
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कर्जत-जामखेड विधानसभा क्षेत्र की चार अहम सड़कों की चौड़ाई, डामरीकरण और मरम्मत के लिए कुल 20 करोड़ रुपये का फंड मंजूर हुआ है।
कर्जत-जामखेड क्षेत्र की सड़कों के लिए कुल 20 करोड़ रुपये का फंड मंजूर हुआ है। इस पैसे से सड़कों की चौड़ाई बढ़ाई जाएगी, डामरीकरण होगा, मरम्मत की जाएगी और सड़कों को गड्ढों से मुक्त करने समेत जरूरी सुधार किए जाएंगे। महाराष्ट्र विधान परिषद के सभापति प्रा. राम शिंदे इस क्षेत्र की सड़कों और आवाजाही की सुविधाओं को मजबूत करने के लिए लगातार कोशिश कर रहे थे। उनकी इसी कोशिश को बड़ी कामयाबी मिली है।
इस फंड से क्षेत्र के कई अहम रास्तों की तस्वीर बदलेगी। लोगों का सफर ज्यादा सुरक्षित, तेज और आरामदायक होगा। खास तौर पर गांवों को बाजार, शिक्षा संस्थानों, स्वास्थ्य सुविधाओं और बड़े शहरों से जोड़ने वाली सड़कों के विकास को इससे काफी बढ़ावा मिलेगा।
प्रा. राम शिंदे ने कर्जत-जामखेड क्षेत्र की सड़कों की मौजूदा हालत, लोगों को होने वाली परेशानियों और बढ़ते ट्रैफिक को देखते हुए जरूरी सुधारों के बारे में लगातार पीछे लगकर काम किया। उनकी इन कोशिशों पर सकारात्मक ध्यान देते हुए सड़क कामों के लिए यह फंड मंजूर किया गया है।
अब बात इस फंड के बंटवारे की। 20 करोड़ रुपये चार सड़कों पर खर्च होंगे।
पहली सड़क जामखेड-खर्डा-भूम रोड है, जिसके लिए 10 करोड़ रुपये रखे गए हैं। इस रास्ते की चौड़ाई बढ़ाई जाएगी और इसका डामरीकरण होगा। इससे इलाके के ट्रैफिक को काफी सहूलियत मिलेगी।
दूसरी सड़क घोगरगांव-कोंभली-वालवड-कर्जत रोड है। इसके लिए 1 करोड़ 20 लाख रुपये मंजूर हुए हैं। यहां मरम्मत होगी, गड्ढे भरे जाएंगे और जरूरी सुधार किए जाएंगे। इससे यहां से गुजरने वालों को राहत मिलेगी।
तीसरी सड़क राहाता-लोहारे-मांडवा-पारनेर-बेलवंडी-श्रीगोंदा-हिरडगांव-कुलधरण-कर्जत-करमाला रोड है। इसके लिए 6 करोड़ 80 लाख रुपये रखे गए हैं। इस रास्ते में सुधार होने से अलग-अलग गांवों के बीच संपर्क और आवाजाही आसान होगी।
चौथी सड़क अमरापूर-पाथर्डी-माणिकदौंडी-कडा-मिरजगांव-कर्जत-राशिन-बारामती रोड है। इसमें डिकसल से चिंचोली फाटा तक के हिस्से में सुधार के लिए 2 करोड़ रुपये मिले हैं। इससे इस इलाके में ट्रैफिक की दिक्कत दूर होने में मदद मिलेगी।
सड़कें सिर्फ एक गांव को दूसरे गांव से जोड़ने का जरिया नहीं होतीं। वे उस इलाके की आर्थिक, सामाजिक और शैक्षणिक तरक्की का भी बड़ा साधन होती हैं। अच्छी सड़क का मतलब है कि किसान अपना माल आसानी से बाजार तक पहुंचा सकें, विद्यार्थियों का सफर आसान हो, मरीजों को वक्त पर इलाज मिले और व्यापारियों और उद्यमियों को कारोबार के नए मौके मिलें।
इसी सोच के साथ सभापति प्रा. राम शिंदे ने क्षेत्र के बुनियादी ढांचे के लिए लगातार कोशिश की है। सरकार के जरिए विकास कामों के लिए फंड हासिल करना और क्षेत्र के अटके हुए मसले सुलझाना, इसमें उनकी सक्रिय भागदौड़ एक बार फिर सामने आई है।
20 करोड़ रुपये के इस फंड से कर्जत-जामखेड की सड़कों के विकास को नई दिशा और रफ्तार मिलेगी। आगे चलकर अगर ये काम अच्छी क्वालिटी के साथ और वक्त पर पूरे हुए, तो क्षेत्र की आवाजाही की व्यवस्था और मजबूत होगी और विकास के नए मौके बनेंगे।
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