सोलापुर में आवारा कुत्तों के लिए देगाव में बनेगा करीब 10 करोड़ का शेल्टर, 1000 की क्षमता
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सोलापुर महापालिका की स्थायी समिति ने नसबंदी और शेल्टर के लिए 7 करोड़ 20 लाख रुपये की अतिरिक्त रकम को मंजूरी दी है।
सोलापुर महानगरपालिका शहर में आवारा कुत्तों की बढ़ती परेशानी और नसबंदी की धीमी रफ्तार को देखते हुए बड़ी तैयारी कर रही है। महानगरपालिका की स्थायी समिति ने साल 2026-27 के बजट में नसबंदी और शेल्टर बनाने के लिए 7 करोड़ 20 लाख रुपये की अतिरिक्त रकम रखने को मंजूरी दे दी है।
स्थायी समिति की बैठक सोमवार, 2 नवंबर को सभापति रंजिता चाकोते की अध्यक्षता में हुई। बैठक में शहर की नागरिक सुविधाओं से जुड़े पांच विषयों को हरी झंडी मिली। इनमें आवारा कुत्तों की नसबंदी के लिए अतिरिक्त रकम और शेल्टर बनाने का विषय सबसे अहम रहा। समिति ने मौजूदा रकम को दोबारा आवंटित करके, फंड उपलब्ध होने के हिसाब से, संशोधित बजट में प्रावधान करने की मंजूरी दी। शेल्टर का प्रस्ताव अब आखिरी मंजूरी के लिए आम सभा के पास भेजा जाएगा।
योजना के मुताबिक देगाव में एसटीपी प्लांट के सामने साढ़े चार एकड़ जमीन पर एक हजार कुत्तों की क्षमता वाला शेल्टर बनेगा। जीएसटी समेत इस प्रोजेक्ट का खर्च 9 करोड़ 99 लाख 96 हजार 638 रुपये बताया गया है। यहां दस-दस कुत्तों की क्षमता वाले 100 केज बनाने का प्लान है, यानी एक बार में एक हजार कुत्तों को ठिकाना मिल सकेगा। नसबंदी, ऑपरेशन और कुत्तों के रखरखाव की जरूरी सुविधाएं खड़ी करने पर जोर रहेगा।
शहर में अभी करीब 35 हजार आवारा कुत्ते होने का अंदाजा है। इन पर काबू पाने के लिए नसबंदी की रफ्तार बढ़ाना जरूरी है, लेकिन अभी रोज औसतन सिर्फ 18 कुत्तों की नसबंदी का ऑपरेशन हो रहा है। इतनी कम क्षमता में कुत्तों की तादाद काबू करना महानगरपालिका के सामने बड़ी चुनौती है।
शेल्टर की प्रोजेक्ट रिपोर्ट के मुताबिक खर्च का ब्योरा यह है: डॉग शेल्टर (1,000 कुत्तों की क्षमता) 3.12 करोड़, एबीसी सेंटर 2.50 लाख, ऑपरेशन थिएटर 56.51 लाख, विकास कार्य 1.21 करोड़, बिजली व्यवस्था 61 लाख और फायर सिस्टम 20 लाख रुपये।
स्टाफ की कमी भी साफ दिखती है। आवारा कुत्तों के प्रबंधन के लिए महानगरपालिका के संबंधित विभाग में अभी दो डॉक्टर और चार मददगार मिलाकर करीब आठ कर्मचारी हैं। मंजूर ढांचे के हिसाब से करीब 60 कर्मचारी चाहिए। यानी सिर्फ शेल्टर बना देने से मसला हल नहीं होगा। नसबंदी के ऑपरेशन बढ़ाने के लिए पर्याप्त डॉक्टर, स्टाफ और जरूरी इंतजाम भी देने होंगे।
बैठक में दूसरे कामों की जानकारी भी ली गई। महात्मा गांधी चिड़ियाघर के जानवरों के खाने की सप्लाई के वर्क ऑर्डर में मे. उन्नती कंस्ट्रक्शन के लिए चिकन 240 रुपये प्रति किलो, भैंस वर्ग का बीफ 230 रुपये प्रति किलो और अंडा पांच रुपये प्रति नग का रेट तय हुआ है।
पानी की सप्लाई के लिए क्षेत्रीय कार्यालय नंबर एक से आठ और मुख्य कार्यालय के तहत देखभाल और मरम्मत का सालाना ठेका चार ठेकेदारों को देने की मंजूरी मिली। डीआई और एमएस पाइपलाइन की मरम्मत, खास मरम्मत और स्लुईस वाल्व की सप्लाई व फिटिंग के काम के लिए करीब चार करोड़ रुपये की निविदा प्रक्रिया चलाई गई है।
समिति ने वार्ड नंबर 22 में जन्नतुल फिरदोस कब्रस्तान के रास्तों के कंक्रीटीकरण के वर्क ऑर्डर की जानकारी भी ली। क्षेत्रीय कार्यालय नंबर छह के तहत रोजमर्रा की देखभाल और छोटी मरम्मत समय पर पूरी करने के लिए श्रीकांत सिद्राम भोले को मंजूर निविदा दर पर ठेकेदार बनाकर वर्क ऑर्डर देने की मंजूरी दी गई।
एक तरफ आवारा कुत्तों के लिए बड़ी रकम रखी गई है, दूसरी तरफ स्टाफ की कमी बनी हुई है। अब सोलापुर के लोग देख रहे हैं कि शेल्टर कब जमीन पर उतरता है, नसबंदी की रफ्तार कब बढ़ती है और इस परेशानी से उन्हें राहत कब मिलती है।
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