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रविवार, 8 नवंबर 2026

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सातारा में जिला परिषद उपाध्यक्ष भोसले ने पत्रकार तुषार खरात पर किया 100 करोड़ की मानहानि का दावा

सातारा में जिला परिषद उपाध्यक्ष भोसले ने पत्रकार तुषार खरात पर किया 100 करोड़ की मानहानि का दावा तस्वीरें सत्यापित नहीं हैं
सियासत PT24 टीम

जिला परिषद उपाध्यक्ष राजू भैय्या भोसले ने यूट्यूब पत्रकार तुषार खरात पर 100 करोड़ रुपये की मानहानि का दावा ठोका है। उनके मुताबिक अदालत ने अस्थायी रोक का आदेश भी दे दिया है।

सातारा के जिला परिषद उपाध्यक्ष राजू भैय्या भोसले ने यूट्यूब चैनल 'लय भारी' के पत्रकार तुषार खरात के खिलाफ 100 करोड़ रुपये की मानहानि का दावा दाखिल किया है। पत्रकार परिषद में उन्होंने बताया कि अदालत ने उनके पक्ष में अस्थायी रोक का आदेश दिया है। भोसले ने साफ चेतावनी दी कि सोशल मीडिया के जरिए जानबूझकर बदनाम करने की हरकतें बर्दाश्त नहीं की जाएंगी। उनके मुताबिक बिना सबूत के आरोप लगाकर किसी की छवि खराब करने की कोशिश हुई तो कानूनी कार्रवाई का सामना करना पड़ेगा।

भोसले का कहना है कि तुषार खरात ने 24 अक्टूबर 2026 को अपने यूट्यूब चैनल पर उनके बारे में वीडियो चलाए। इन वीडियो में उन्हें तारले बांध इलाके में अदाणी समूह की बिजली उत्पादन परियोजना से जोड़ा गया था। भोसले के दावे के मुताबिक वीडियो में उनकी तुलना वाल्मिक कराड से की गई। सड़क चौड़ी करने के लिए किसानों की जमीन इस्तेमाल करने, गैरकानूनी कामकाज और गुंडागर्दी जैसे आरोप भी लगाए गए। भोसले ने कहा कि इन सबसे उनकी सामाजिक छवि खराब करने की कोशिश हुई।

उन्होंने कहा कि पत्रकारिता के बुनियादी नियमों के हिसाब से कोई भी खबर चलाने से पहले उसकी सच्चाई परखना और संबंधित लोगों का पक्ष जानना जरूरी है। उनका आरोप है कि उनकी बात सुने बिना एकतरफा और बदनाम करने वाले वीडियो चलाए गए।

भोसले ने बताया कि इस मामले में वकील कमलेश पिसाल के जरिए संबंधित पत्रकार, उनकी कंपनी और गूगल को कानूनी नोटिस भेजा गया था। जवाब नहीं मिलने पर सातारा की दीवानी अदालत में विशेष दीवानी दावा क्रमांक 231/2026 दाखिल किया गया।

भोसले के अनुसार दावे के साथ लगाई गई अस्थायी रोक की अर्जी अदालत ने मंजूर कर ली है। इसके तहत तुषार खरात और लय भारी न्यूज मीडिया प्राइवेट लिमिटेड को भोसले के खिलाफ बदनामी वाले वीडियो न चलाने की अस्थायी ताकीद दी गई है। संबंधित पक्षों को 16 नवंबर को अदालत में हाजिर होकर अपनी बात रखने का मौका दिया गया है।

भोसले ने कहा, "परली इलाके की गरीब जनता के सवाल सुलझाने और विकास के लिए हमारा परिवार कई दशकों से काम कर रहा है। चुनाव में हराया नहीं जा सकता, इसलिए अफवाह और बदनामी का रास्ता अपनाया जा रहा है। ऐसी हरकतों को मैं भाव नहीं दूंगा।" उन्होंने यह भी चेतावनी दी कि आगे से सिर्फ तुषार खरात ही नहीं, कोई भी बिना सबूत के बदनाम करने वाला बयान देगा तो उसके खिलाफ मानहानि के साथ फौजदारी कार्रवाई भी की जाएगी।

पत्रकार परिषद में वकील कमलेश पिसाल, वकील इरा भोसले, जिला परिषद सदस्य कामेश कांबले, अजित सालुंखे और कई अन्य लोग मौजूद थे।

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