म्हसवड-शिंगणापुर रोड पर दो अर्टिगा कारों की आमने-सामने टक्कर, छह घायल; खतरनाक मोड़ फिर चर्चा में
माण तालुका में भवानी टेक के पास रविवार दोपहर हुए हादसे में दोनों कारों को काफ़ी नुकसान पहुंचा है। लोग रोड सुरक्षा के इंतज़ाम की मांग कर रहे हैं।
तस्वीरें सत्यापित नहीं हैं
माण तालुका में म्हसवड-शिंगणापुर रोड पर भवानी टेक (राजेमाने का खेत) के पास रविवार, 11 अक्टूबर को दोपहर करीब चार बजे दो अर्टिगा कारें आमने-सामने टकरा गईं। टक्कर बहुत ज़ोरदार थी और इस भीषण हादसे में दोनों कारों में सवार छह लोग घायल हो गए। दोनों गाड़ियों को काफ़ी नुकसान पहुंचा है। यह हादसा माण तालुका के उसी रास्ते पर हुआ, जो म्हसवड को शिंगणापुर से जोड़ता है।
मिली जानकारी के मुताबिक हादसे में शामिल दो अर्टिगा कारों में से एक कार वरकुटे-म्हसवड की बनवस्ती की है, जबकि दूसरी कार माळशिरस तालुका के पिलीव की बताई जा रही है। यानी दोनों कारें अलग-अलग गांवों की थीं। दोनों गाड़ियों के नंबर MH 45 AZ 4052 और MH 04 LY 5388 हैं।
वरकुटे की बनवस्ती वाली कार में सवार महेश तानाजी चव्हाण (28), उनकी मां सुनंदा तानाजी चव्हाण (47), पत्नी सायली महेश चव्हाण (24) और गौरी दादा जाधव (22) इस हादसे में घायल हुए हैं। पिलीव की कार में बैठे समाधान खरात भी घायल हुए हैं। छठे घायल व्यक्ति का नाम अभी तक पता नहीं चल सका है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि म्हसवड-शिंगणापुर रोड पर भवानी टेक इलाके में एक छोटा सा मोड़ है और वहीं पहाड़ी भी है। इसी वजह से सामने से आती गाड़ी वक़्त पर दिखाई नहीं देती। स्थानीय लोगों का आरोप है कि रोड की खराब बनावट की वजह से ही यह हादसा हुआ।
बताया जा रहा है कि इससे पहले म्हसवड-मायणी रोड पर वडजल में भी इसी तरह का हादसा हो चुका है। इसलिए मांग उठ रही है कि सार्वजनिक निर्माण विभाग इन खतरनाक जगहों का तुरंत मुआयना करे और ज़रूरी उपाय करे।
हादसे के बाद सवाल उठ रहा है कि क्या अब प्रशासन जागेगा। नागरिकों की मांग है कि भवानी टेक के खतरनाक मोड़ पर सूचना बोर्ड, स्पीड लिमिट के बोर्ड और रोड सुरक्षा के बाकी ज़रूरी इंतज़ाम फ़ौरन किए जाएं। लोगों का कहना है कि आगे कोई बड़ी जानलेवा घटना होने से पहले संबंधित विभाग को इस गंभीर समस्या पर ध्यान देने की ज़रूरत है।