सपकाळ का आरोप: भाजपा के मुंह में संविधान, मन में मनुस्मृति; फडणवीस, मोदी, शाह पर निशाना
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कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष हर्षवर्धन सपकाळ ने भाजपा की संविधान बचाओ रॅलियों पर पलटवार करते हुए मुख्यमंत्री फडणवीस, पीएम मोदी और गृहमंत्री अमित शाह पर वोटचोरी समेत कई आरोप लगाए।
मुंबई: कांग्रेस के प्रदेशाध्यक्ष हर्षवर्धन सपकाळ ने भाजपा, मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह पर निशाना साधा है। सपकाळ का कहना है कि भाजपा के मुंह में संविधान है और मन में मनुस्मृति। इस बयान से महाराष्ट्र की सियासत फिर गरमा गई है।
पृष्ठभूमि यह है कि भाजपा देशभर में लोकतंत्र और संविधान बचाओ रैलियां कर रही है। इधर रविवार, 1 नवंबर को INDIA गठबंधन ने दिल्ली के रामलीला मैदान पर ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर बड़ा आंदोलन किया था। इसी के बाद सपकाळ का यह बयान आया।
सपकाळ ने कहा कि रामलीला मैदान पर INDIA गठबंधन की "वोट बचाओ, देश बचाओ" महारैली अभूतपूर्व थी और उससे दिल्ली की मोदी सरकार को जबरदस्त झटके लगे हैं। उनके मुताबिक इसी महारैली के डर से भाजपा देशभर में लोकतंत्र बचाओ, संविधान बचाओ रैली कर रही है। उन्होंने कहा कि संविधान और लोकतंत्र के असली हत्यारे भाजपा और RSS ही हैं। मुख्यमंत्री फडणवीस का संविधान और लोकतंत्र के नाम पर कांग्रेस पर आरोप लगाना सपकाळ के शब्दों में हास्यास्पद है।
सपकाळ ने दावा किया कि भाजपा की मातृसंस्था RSS को बाबासाहेब आंबेडकर का संविधान मंजूर ही नहीं है और भाजपा वाले खुलेआम संविधान बदलने की बात करते हैं। उन्होंने भाजपा की इस बौखलाहट को "उल्टा चोर कोतवाल को डांटे" बताया।
सपकाळ ने यह भी कहा कि 13 साल सत्ता में रहने के बाद भी भाजपा आज जवाहरलाल नेहरू, इंदिरा गांधी और राहुल गांधी पर ही आरोप लगा रही है, पर यह नहीं बताती कि खुद उसने क्या किया। उनका आरोप है कि 2024 के चुनाव में वोटचोरी करके मोदी और फडणवीस की सरकार सत्ता में आई, उनकी वोटचोरी पकड़ी गई है और सत्ता जाने के बाद कार्रवाई के डर से उनकी नींद उड़ गई है।
सपकाळ का आरोप है कि मोदी-शाह सरकार ज्ञानेश कुमार की मदद से 13 करोड़ नागरिकों को मतदान से वंचित रख रही है और संविधान से मिला वोट का अधिकार छीन रही है। उन्होंने कहा कि घुसपैठियों की बात तो होती है, लेकिन कितने घुसपैठिए पकड़े गए यह नहीं बताया जाता। सपकाळ ने फडणवीस को चुनौती दी कि हिम्मत हो तो घुसपैठियों के आंकड़े जाहिर करें और घुसपैठियों के नाम पर नागरिकों का वोट का अधिकार न छीनें। उन्होंने सवाल किया कि लोकतंत्र में रेजिम चेंज का मतलब चुनाव के जरिए सत्ता परिवर्तन है और राजनीतिक पार्टियां इसीलिए होती हैं, तो मोदी, शाह और फडणवीस को इससे इतना डर क्यों है।
संवैधानिक संस्थाओं को लेकर सपकाळ ने आरोप लगाया कि मोदी के कार्यकाल में सभी संस्थाओं पर कब्जा करके लोकतंत्र को हाईजैक करने की कोशिश चल रही है। उनके मुताबिक विश्वविद्यालयों में संघ और भाजपा से जुड़े लोग घुसाए गए हैं। उन्होंने कहा कि चुनाव आयोग सत्ताधारी पार्टी को नोटिस तक नहीं भेजता, और न्यायपालिका में भाजपा सरकार का दखल बहुत बढ़ गया है, जो रिटायर्ड जज खुलकर कह रहे हैं। आयोग के कामकाज को उन्होंने "आनंद ही आनंद" कहा।
सपकाळ ने यह भी कहा कि भाजपा ने लोकसभा चुनाव में 400 पार का नारा संविधान बदलने के लिए ही दिया था। उनके अनुसार भाजपा के कई नेताओं ने जाहिर सभाओं में कहा था कि सत्ता में आए तो संविधान बदलेंगे, जिसे फडणवीस सुविधा से भूल गए हैं।
नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी का जिक्र करते हुए सपकाळ ने पूछा कि उनके हाथ में लाल कवर वाला संविधान भाजपा को क्यों खटकता है और लाल रंग से भाजपा इतना क्यों डरी हुई है। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी तो बाबासाहेब आंबेडकर का ही संविधान दिखा रहे हैं। सपकाळ के मुताबिक भाजपा के पैरों तले जमीन खिसक गई है, इसलिए वह बौखला रही है। उन्होंने कहा कि "किस खेत की मूली" और "कौन राहुल" से शुरू हुआ सफर अब मोदी-शाह की सत्ता को हिला रहा है, और उन्हें नींद में भी राहुल गांधी ही दिखने लगे हैं।
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