दिया मिर्झा का वीडियो हटाने पर पेडणेकर ने पूछा, क्या महानगरपालिका भाजपा से बंधी है
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मुंबई महानगरपालिका की प्रदूषणमुक्त दिवाली मुहिम से अभिनेत्री दिया मिर्झा का वीडियो हटने पर शिवसेना ठाकरे गुट की नेता किशोरी पेडणेकर ने भाजपा, अमित साटम और मेयर रितू तावडे पर सवाल उठाए।
मुंबई में महानगरपालिका की प्रदूषणमुक्त दिवाली मुहिम को लेकर एक नया विवाद खड़ा हो गया है। इस मुहिम में लोगों से पर्यावरण का ख्याल रखते हुए दिवाली मनाने की अपील की जा रही थी। इसी के तहत अभिनेत्री दिया मिर्जा ने एक वीडियो के जरिए जागरूकता का संदेश दिया था। बताया गया है कि भाजपा ने इस वीडियो पर नाराजगी जताते हुए आक्रामक रुख अपनाया और उसके बाद महानगरपालिका के सोशल मीडिया अकाउंट से वीडियो हटा दिया गया।
मामला गरमाया तो शिवसेना ठाकरे गुट की नेता किशोरी पेडणेकर ने तीखी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने भाजपा की मुंबई इकाई के अध्यक्ष अमित साटम और मेयर रितू तावड़े पर निशाना साधा। पेडणेकर ने कहा, "जो इंसान हमारी सोच से अलग बात रखे, उसे मुजरिम ठहरा देना भाजपा का तरीका बन गया है।"
पेडणेकर ने इस मुद्दे पर मीडिया से बात की और बृहन्मुंबई महानगरपालिका की आलोचना की। उनके शब्द थे, "महानगरपालिका ने एक बार किसी कलाकार को जागरूकता के लिए चुना और वह कलाकार मुंबई वालों को प्रदूषण के बारे में मुफ्त में जागरूक कर रहा है, तो इसमें गलत क्या है? एक बार फैसला जाहिर करने के बाद फिर पीछे हट जाना मुंबई महानगरपालिका को शोभा नहीं देता। यह निंदनीय बात है।"
दिया मिर्जा के बारे में पेडणेकर ने कहा, "दिया मिर्जा कौन हैं, यह पता है क्या? उन्होंने देश को कई पुरस्कार दिलाए हैं। उनका जन्म हैदराबाद में हुआ है। वे वहां के पर्यावरण के सवालों पर भी बोलती हैं।"
मेयर रितू तावड़े के बारे में पेडणेकर ने कहा, "मेयर को तो इस पूरे मामले की जानकारी ही नहीं है। उनका बार-बार अपमान हो रहा है। ऐसी बचकानी मेयर को मैं जवाब नहीं दूंगी। वे पहले महानगरपालिका का कामकाज समझ लें।"
अमित साटम पर पेडणेकर ने कहा, "अमित साटम कौन हैं? वे विधानसभा के विधायक हैं और भाजपा के पदाधिकारी होंगे। लेकिन यहां मेयर बैठी हैं ना? तो महानगरपालिका का कामकाज मेयर के जरिए ही चलना चाहिए। क्या महानगरपालिका का अपना अलग कानून और वजूद नहीं है? क्या मुंबई महानगरपालिका भाजपा के खूंटे से बंधी है? मुंबई वाले यह समझ लें कि मुंबई का अपमान हो रहा है और महानगरपालिका हर बार बैकफुट पर जा रही है।"
अब देखें कि पूरा विवाद क्या है। मुंबई में बढ़ते वायु प्रदूषण को देखते हुए महानगरपालिका ने दिवाली के दौरान एक खास जागरूकता मुहिम शुरू की थी। इसमें अभिनेत्री दिया मिर्जा भी शामिल थीं। अपने वीडियो में उन्होंने मुंबई वालों से पटाखों से होने वाले शोर और वायु प्रदूषण से बचने की अपील की थी। उनका संदेश था कि दिवाली की खुशी मनाते समय पर्यावरण और सेहत का ध्यान रखा जाए।
अमित साटम ने इस वीडियो पर एतराज जताया, जिसके बाद महानगरपालिका ने उसे डिलीट कर दिया। इससे राजनीतिक गलियारों में चर्चा शुरू हो गई। साटम ने कहा, "दिवाली कैसे मनानी है, इसके सबक हमें दिया मिर्जा न सिखाएं। दिवाली हमारी परंपरा है, वह हमारी जड़ों तक रची-बसी है। हमें कोई यह सिखाने न आए।"
वीडियो हटाए जाने के बाद दिया मिर्जा ने प्रतिक्रिया दी, "भलाई का जमाना ही नहीं रहा। इस मुहिम के लिए मैंने कोई पैसा नहीं लिया था।"
इस तरह मामला अब सिर्फ पर्यावरण जागरूकता तक सीमित नहीं रहा। मुंबई महानगरपालिका के फैसले लेने के तरीके को लेकर यह राजनीतिक बहस का मुद्दा बन गया है।
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