शनिवार, 10 अक्टूबर 2026

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21:58 IST

रूसी डीजल पर छूट से जेलेंस्की नाराज, अमेरिका के फैसले को बताया पुतिन को तोहफा

अमेरिका ने रूसी डीजल के निर्यात पर लगी पाबंदियां ढीली की हैं। यूक्रेन के राष्ट्रपति जेलेंस्की ने इसे पुतिन के लिए "तोहफा" कहा है।

रूसी डीजल पर छूट से जेलेंस्की नाराज, अमेरिका के फैसले को बताया पुतिन को तोहफा तस्वीरें सत्यापित नहीं हैं

रूस-यूक्रेन जंग के बीच अमेरिका और यूक्रेन के बीच फिर मतभेद खड़े हो गए हैं। यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमिर जेलेंस्की ने रूसी डीजल के निर्यात पर लगी पाबंदियां ढीली करने के वॉशिंगटन के फैसले पर कड़ी नाराजगी जताई है।

यूक्रेन का कहना है कि अमेरिका के इस कदम से रूस को आर्थिक फायदा हो सकता है और जंग के लिए जरूरी पैसा जुटाने में उसे मदद मिल सकती है। इसी वजह से जेलेंस्की ने इस फैसले को रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के लिए "तोहफा" कहा है। इस रुख से यह सवाल भी उठ रहा है कि जंग चलते हुए रूस पर आर्थिक दबाव घटाना कितना सही है।

ऊर्जा निर्यात से रूस को जो कमाई होती है, वह उसकी अर्थव्यवस्था के लिए अहम है। यूक्रेन को चिंता है कि इसी कमाई का इस्तेमाल जंग जारी रखने में हो सकता है। इसलिए रूस के ऊर्जा कारोबार को राहत देने वाला कोई भी फैसला यूक्रेन के लिए फिक्र की बात बन जाता है।

जेलेंस्की के मुताबिक रूस पर आर्थिक दबाव बनाए रखना जरूरी है। पाबंदियां ढीली होने से मॉस्को को राहत मिल सकती है और जंग रुकवाने के लिए बनाया जा रहा दबाव कम पड़ सकता है। इसीलिए उन्होंने अमेरिका के फैसले की सख्त लफ्जों में आलोचना की।

अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन से फोन पर बात करने के बाद ऐलान किया कि रूसी डीजल की सप्लाई अमेरिका समेत दुनिया के बाजार में करने पर सहमति बनी है। ट्रम्प ने बताया कि इस फैसले का मुख्य मकसद अमेरिका में बढ़ते ईंधन के दामों पर काबू पाना है।

अमेरिकी अर्थव्यवस्था पर ईंधन की बढ़ती कीमतों का दबाव है। ट्रांसपोर्ट सेक्टर, किसान और माल ढुलाई के कारोबार के लिए डीजल अहम है, इसलिए अमेरिका सप्लाई बढ़ाकर दाम घटाने की कोशिश कर रहा है। लेकिन चूंकि इससे रूस को डीजल बिक्री से कमाई होगी, इसके राजनीतिक और आर्थिक नतीजे भी अहम होंगे।

गौरतलब है कि रूस के यूक्रेन पर हमले के बाद पश्चिमी देशों ने मॉस्को पर कई आर्थिक पाबंदियां लगाई थीं। इनका मुख्य मकसद रूस के ऊर्जा क्षेत्र से होने वाली कमाई घटाना था। ऐसे में डीजल निर्यात में छूट देने के फैसले से अमेरिका की रूस संबंधी नीति पर सवाल उठ रहे हैं।

जेलेंस्की ने सिर्फ आलोचना ही नहीं की, जंग रुकवाने के लिए आपसी सहयोग का प्रस्ताव भी रखा है। उन्होंने साफ किया कि अगर रूस यूक्रेन के ऊर्जा ढांचे पर हमले रोक दे, तो यूक्रेन भी रूस की तेल शोधन परियोजनाओं पर हमले रोकने को तैयार है।

यूक्रेन के ऊर्जा प्रकल्पों पर होने वाले हमले बिजली सप्लाई और आम जनजीवन पर असर डालते हैं। दूसरी तरफ यूक्रेन रूस की तेल रिफाइनरियों को निशाना बनाकर उसके जंग के आर्थिक स्रोतों पर दबाव बनाने की कोशिश कर रहा है। जेलेंस्की का कहना है कि दोनों तरफ से हमले रोकने पर ठोस सहमति होनी चाहिए।

इस फैसले से अमेरिका और यूक्रेन के रिश्तों में तनाव बढ़ने की आशंका है। हालांकि जेलेंस्की ने माना है कि जंग खत्म कराने में अमेरिका की भूमिका अहम है। अब अंतरराष्ट्रीय समुदाय की नजर इस पर है कि वॉशिंगटन रूस पर पाबंदियों को लेकर आगे क्या रुख अपनाता है और मॉस्को जंग रोकने के लिए कोई ठोस कदम उठाता है या नहीं।

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