लंदन में गाजा युद्ध के खिलाफ हजारों लोगों का मार्च, इजरायल को हथियार सप्लाई रोकने की मांग
शनिवार को लंदन में 'नेशनल मार्च फॉर पैलेस्टाइन' के तहत हजारों प्रदर्शनकारी जमा हुए और गाजा में संघर्ष रोकने की मांग की।
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शनिवार को लंदन की सड़कों पर हजारों प्रदर्शनकारी जमा हुए। वजह थी गाजा में चल रहा युद्ध और वहां के फिलिस्तीनी नागरिकों की तकलीफें। 'नेशनल मार्च फॉर पैलेस्टाइन' नाम से आयोजित इस मार्च के जरिए इजरायल की सैन्य कार्रवाई का विरोध किया गया।
आंदोलनकारियों की मांगें साफ थीं। फिलिस्तीनी नागरिकों की हिफाजत की जाए, गाजा में चल रहा संघर्ष रुके और इजरायल को जाने वाली हथियारों की सप्लाई बंद हो। इस आंदोलन की वजह से ब्रिटेन में इजरायल-फिलिस्तीन संघर्ष को लेकर चल रही बहस एक बार फिर गरमा गई है।
लंदन में निकाले गए इस मार्च में फिलिस्तीन का समर्थन करने वाले अलग-अलग संगठनों के कार्यकर्ता और आम नागरिक शामिल हुए। लोगों के हाथ में फिलिस्तीन के झंडे थे और युद्ध के खिलाफ संदेश लिखे पोस्टर। इन्हीं को लेकर उन्होंने गाजा में हो रही सैन्य कार्रवाई का विरोध जताया।
प्रदर्शनकारियों की मांग थी कि गाजा के लोगों को सुरक्षित माहौल मिले और उन्हें खाना, पानी और इलाज की सुविधा उपलब्ध कराई जाए। आंदोलनकारियों का कहना था कि युद्ध की वजह से आम लोगों की जिंदगी बिखर गई है और अंतरराष्ट्रीय समुदाय को इस हालात पर गंभीरता से ध्यान देना चाहिए।
इस आंदोलन की सबसे बड़ी मांग इजरायल को होने वाली हथियारों की सप्लाई रोकने की थी। आंदोलनकारियों ने ब्रिटिश सरकार से कहा कि वह इजरायल की सैन्य कार्रवाई को लेकर सख्त रुख अपनाए और फिलिस्तीनी नागरिकों की हिफाजत के लिए ठोस कदम उठाए।
फिलिस्तीन समर्थक संगठनों ने रेखांकित किया कि गाजा के युद्ध में नागरिकों की मौतें, लोगों का विस्थापन और बुनियादी ढांचे का नुकसान जैसी समस्याएं गंभीर हो गई हैं। इसलिए उनके मुताबिक युद्ध रुकवाने के लिए कूटनीतिक कोशिशें बढ़ाने की जरूरत है।
मार्च को देखते हुए लंदन पुलिस ने संबंधित इलाके में सुरक्षा इंतजाम बढ़ा दिए थे। बड़ी तादाद में लोगों के शामिल होने की संभावना को ध्यान में रखकर ट्रैफिक और भीड़ का इंतजाम पहले से किया गया। आंदोलन के दौरान पुलिस का जोर कानून और व्यवस्था कायम रखने पर रहा।
इजरायल-फिलिस्तीन संघर्ष को लेकर ब्रिटेन समेत कई देशों में आंदोलन और सियासी चर्चा चल रही है। एक तरफ फिलिस्तीनी नागरिकों की हिफाजत की मांग उठ रही है, तो दूसरी तरफ इजरायल की सुरक्षा और हमास के हमलों का मुद्दा भी चर्चा में है। ऐसे माहौल में लंदन के इस मार्च ने युद्ध रोकने और नागरिकों की हिफाजत करने की मांगों को फिर सामने रखा है।