बुधवार, 7 अक्टूबर 2026

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17:57 IST

अलिबाग-रोहा मार्ग पर बना कंक्रीट रस्ता साल भर में खराब, फिर तोड़कर बन रहा है

अलिबाग-रोहा मार्ग पर एमएसआयडीसी के जरिए बनाए गए कंक्रीट रस्ते के कुछ हिस्से खराब हो गए हैं। उन्हें तोड़कर दोबारा कंक्रीट डाला जा रहा है।

अलिबाग-रोहा मार्ग पर बना कंक्रीट रस्ता साल भर में खराब, फिर तोड़कर बन रहा है तस्वीरें सत्यापित नहीं हैं

अलिबाग-रोहा मार्ग पर कंक्रीट रस्ते का काम पिछले एक साल से चल रहा है, और अब हालत यह है कि जो रस्ता बन चुका था, उसे फिर तोड़कर नए सिरे से कंक्रीट डालना पड़ रहा है। बायपास से सहाण और बायपास से नागांव के बीच एमएसआयडीसी के जरिए बनाए गए कंक्रीट रस्ते के कुछ हिस्से खराब हो गए थे। इन पैच को तोड़कर दोबारा बनाया जा रहा है। नतीजा यह है कि इस मार्ग से गुजरने वाले लोगों को ट्रैफिक जाम और मरम्मत के कामों की वजह से अक्सर परेशानी झेलनी पड़ती है।

इस मार्ग पर बायपास से सहाण और आगे नागांव तक कंक्रीट रस्ते का काम पिछले साल शुरू हुआ था। काम के दौरान यहां बार-बार ट्रैफिक जाम लगता रहा। फिर भी यात्रियों ने यह सोचकर इस तकलीफ को सह लिया कि रस्ता अच्छा बन जाएगा। लेकिन सिर्फ सात-आठ महीने में ही रस्ते के कुछ हिस्से खराब दिखने लगे।

करीब एक महीने पहले सहाण-मोठी गांव से बायपास के बीच खराब हुआ पैच तोड़कर वहां फिर से कंक्रीट डाला गया था। मगर शिकायत है कि नए बने रस्ते का भी लेवल ठीक नहीं है। यात्रियों का कहना है कि उस जगह आज भी रस्ता खराब है। अब बायपास से ढवर के बीच खराब हुआ पैच तोड़कर नए सिरे से कंक्रीट डाला जा रहा है। यानी एक साल पहले बना रस्ता फिर तोड़कर बनाना पड़ रहा है। खास बात यह है कि यह काम रात के अंधेरे में किया जाता है और सुबह तक पूरा कर दिया जाता है। इससे काम करने के तरीके पर भी सवाल उठे हैं।

रस्ते के कंक्रीटीकरण पर बड़ी रकम खर्च हो रही है। इसके बावजूद कुछ ही महीनों में रस्ता खराब हो गया और उसे दोबारा तोड़ना पड़ा, इसलिए लोग काम की क्वालिटी पर सवाल उठा रहे हैं। यात्री यह भी पूछ रहे हैं कि अब जो नया कंक्रीट डाला जा रहा है, वह कितने दिन टिकेगा।

बार-बार चल रहे इस काम से ट्रैफिक बिगड़ रहा है और वाहन चालकों व यात्रियों को बेवजह तकलीफ उठानी पड़ रही है। इसी वजह से मांग जोर पकड़ रही है कि संबंधित विभाग मौके पर जाकर इस काम का मुआयना करे और उसकी क्वालिटी की जांच करे। साथ ही अगर काम घटिया निकले तो जिम्मेदारी तय की जाए।

यात्रियों के सवाल सीधे हैं। एक साल पहले बना रस्ता फिर तोड़ने की नौबत क्यों आई? रस्ते के काम में कौन-सी कमियां रह गईं, और अब जो नया काम हो रहा है, वह क्वालिटी के हिसाब से ठीक हो रहा है या नहीं? यात्रियों की मांग है कि जिला प्रशासन इन सब बातों की जांच करे और सच्चाई सामने रखे।

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