रत्नागिरी में घरेलू पानी के बिल नहीं बढ़ेंगे, नगर परिषद की सभा में सबकी सहमति से प्रस्ताव पास
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रत्नागिरी नगर परिषद की आम सभा में घरेलू जलकर न बढ़ाने का प्रस्ताव मंज़ूर हुआ। एक इंच के नल कनेक्शन की अनुमतियां भी तुरंत स्थगित की गईं।
रत्नागिरी शहर के लोगों के लिए राहत की खबर है। नगर परिषद ने घरेलू इस्तेमाल की पानीपट्टी में कोई बढ़ोतरी न करने का फैसला किया है। यह प्रस्ताव गुरुवार को नगर परिषद के सभागार में हुई आम सभा में सबकी सहमति से मंजूर हुआ।
इस सभा में शहर की पानी सप्लाई में हो रहे घाटे को कम करने पर विस्तार से बात हुई। सभापति निमेश नायर ने प्रस्ताव रखा कि पानी सप्लाई योजना को कम से कम "ना नफा, ना नुकसान" के सिद्धांत पर लाया जाए। उन्होंने बताया कि पानी सप्लाई पर साल भर में करीब 9 करोड़ रुपये खर्च होते हैं, जबकि पानीपट्टी से सिर्फ 4 करोड़ रुपये की आमदनी होती है।
खर्च और आमदनी के इसी बड़े फासले की वजह से पानीपट्टी की दर बढ़ाना जरूरी बन गया था और प्रशासन के सामने दर बढ़ोतरी का प्रस्ताव आया था। लेकिन आम लोगों को आर्थिक राहत देते हुए सभा ने घरेलू पानीपट्टी में कोई भी बढ़ोतरी न करने का प्रस्ताव सबकी सहमति से पास कर दिया।
सभा में नगर परिषद की लघुउद्योग कॉलोनी के भूखंडों पर भी फैसला हुआ। इन भूखंडों की मियाद बढ़ाते समय उनका पुनर्मूल्यांकन करने का अहम प्रस्ताव मंजूर किया गया। पिछली सभा के मुद्दे को आगे बढ़ाते हुए भाजपा के सचेतक राजू तोडणकर ने उन भूखंडों की हालत के बारे में और सवाल पूछे, जिन पर उद्योग शुरू ही नहीं हुआ है। इस पर संपत्ति विभाग के अधिकारी विजय कदम ने बताया कि कुछ भूखंडधारकों ने एक साल की मियाद बढ़ाने के लिए लिखित अर्जी दी है।
इसके अलावा इमारत निर्माण और सर्विसिंग रैंप के लिए दी गई एक इंच के नल कनेक्शन की इजाज़तें तुरंत स्थगित करने का बेहद अहम प्रस्ताव भी मंजूर हुआ। बिना इजाज़त निर्माण की ओर प्रशासन का ध्यान भी खींचा गया।
पार्षद सायली पाटील ने प्रशासन को सुझाव दिया कि तालाब से पानी खींचते समय इस बात का खास ध्यान रखा जाए कि आसपास के कुओं के पानी के स्तर पर कोई बुरा असर न पड़े। नगराध्यक्ष शिल्पा सुर्वे ने पार्षदों का यह जनहित का सुझाव फौरन मान लिया और संबंधित महकमे को इसके आदेश दे दिए।
इस चर्चा में अमित विलणकर, सुहेल मुकादम, राजन शेट्ये, मेधा कुलकर्णी और उपाध्यक्ष समीर तिवरेकर समेत कई प्रमुख पार्षदों ने हिस्सा लिया। सभा में शहर के विकास के कई सवाल, पानी सप्लाई का हिसाब और अनधिकृत निर्माणों पर रोक जैसे कई मुद्दे निपटाए गए।
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