रत्नागिरी में पानी की किल्लत से बचने के लिए हर सोमवार शटडाउन, मंगलवार से 10% कटौती
शील बांध में अभी 99 प्रतिशत पानी है, फिर भी नगर परिषद ने आगे की गर्मी को देखते हुए पानी बचाने की योजना बनाई है।
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रत्नागिरी शहर में आने वाले दिनों में पानी की किल्लत न हो, इसके लिए रत्नागिरी नगर परिषद ने अभी से पानी बचाने की योजना बना ली है। नगर परिषद के पानी सभापति निमेश नायर ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में यह जानकारी दी। इस मौके पर नगराध्यक्ष शिल्पाताई सुर्वे और उपनगराध्यक्ष समीर तिवरेकर भी मौजूद थे और उन्होंने भी पानी की इस नीति के बारे में पत्रकारों को बताया।
शहर को मुख्य रूप से शीळ बांध से पानी मिलता है और फिलहाल इस बांध में 99 फीसदी पानी जमा है। लेकिन आगे गर्मी बढ़ने की संभावना है, जिससे पानी का वाष्पीकरण तेजी से होगा और पानी का स्टॉक घट सकता है। इसी बात को ध्यान में रखकर नगर परिषद ने एहतियात के तौर पर अभी से नियोजित तरीके से पानी की कटौती लागू करने का फैसला किया है। नगर परिषद का मुख्य मकसद यही है कि अगले पांच से छह महीनों में शहर में किसी भी तरह की पानी की किल्लत न हो।
इस योजना के तहत हर सोमवार को पानी की सप्लाई का शटडाउन रखा जाएगा। यह कटौती आने वाले मंगलवार से 10 फीसदी पानी कटौती के साथ शुरू होगी। शहर को रोज 20 एमएलडी पानी की जरूरत पड़ती है। हर सोमवार के शटडाउन से महीने में करीब 80 एमएलडी पानी की बड़ी बचत होगी, जिससे स्टॉक को ज्यादा समय तक टिकाए रखना मुमकिन होगा। इसके अलावा रोज की पानी की सप्लाई के समय में 15 मिनट की कटौती करके पानी की बर्बादी रोकी जाएगी। नायर के मुताबिक इन उपायों से मौजूदा पानी का स्टॉक अप्रैल और मई महीने तक चल सकेगा।
शीळ बांध का पानी बचाने के साथ-साथ नगर परिषद ने दूसरे और नए पानी के स्रोतों पर भी तेजी से काम शुरू किया है। इसमें सबसे बड़ी राहत की बात यह है कि नए बने पानवल बांध से अगले दो महीनों के बाद शहर को पानी की सप्लाई शुरू होगी। पानवल बांध में अभी भरपूर पानी है, लेकिन उसे शहर तक लाने में कुछ तकनीकी अड़चनें आ रही थीं। बांध से पाइपलाइन जोड़ने का काम अटका हुआ था, इसलिए अब तक इस पानी का सीधा इस्तेमाल नहीं हो पाया था। अब इस काम के सारे रास्ते साफ हो गए हैं और काम में तेजी लाई गई है।
पानवल बांध से शहर में पानी लाने के लिए 1300 मीटर की मुख्य पाइपलाइन डालने का काम अधूरा रह गया था। इसी अधूरे काम की वजह से बांध में भरपूर पानी होने के बावजूद रत्नागिरी के लोगों के लिए उसका इस्तेमाल नहीं हो पा रहा था। लेकिन प्रभारी मंत्री और जिलाधिकारी की मध्यस्थता के बाद ठेकेदारों के बकाया बिल और निधि का सवाल सुलझा लिया गया है। प्रशासन ने भरोसा जताया है कि अगले दो महीनों में 1300 मीटर की यह पाइपलाइन जोड़ने का काम पूरा कर लिया जाएगा।