मंगलवार, 3 नवंबर 2026

अभी सब्सक्राइब करें
प्राइम अलर्ट
सारे लाइव अपडेट

फ्रैंकफर्ट में युवाओं के प्रदर्शन के बाद भड़की हिंसा, 17 दुकानों में तोड़फोड़, 5 में लूट

फ्रैंकफर्ट में युवाओं के प्रदर्शन के बाद भड़की हिंसा, 17 दुकानों में तोड़फोड़, 5 में लूट तस्वीरें सत्यापित नहीं हैं
दुनिया PT24 टीम

जर्मनी के फ्रैंकफर्ट में युवाओं के आंदोलन के बाद दंगाइयों ने दुकानों में तोड़फोड़ और लूटपाट की। 100 से ज्यादा पुलिसवाले जख्मी हुए और 54 लोग गिरफ्तार किए गए।

जर्मनी के फ्रैंकफर्ट शहर में युवाओं के आंदोलन के बाद बड़े पैमाने पर हिंसा भड़क उठी। आंदोलनकारियों की भीड़ में घुसे दंगाइयों ने दुकानों में तोड़फोड़ की और लूटपाट की। इस घटना में 17 दुकानों को नुकसान पहुंचा, जबकि पांच दुकानों का सामान लूट लिया गया। पुलिस पर भी हमले किए गए। इसके बाद जर्मनी की सरकार ने कहा है कि दोषियों को ढूंढकर कड़ी सजा दी जाएगी।

जर्मनी के कई शहरों में युवाओं ने प्रदर्शन किए थे। उनकी मांग थी कि शिक्षा व्यवस्था सुधारी जाए, बढ़ती महंगाई पर काबू पाया जाए और जरूरी चीजों का खर्च घटाया जाए। 'Gen Z regelt' नाम की मुहिम की अगुवाई में हजारों नौजवान सड़कों पर उतरे थे।

ज्यादातर जगहों पर आंदोलन शुरू में शांति से चल रहा था। लेकिन शनिवार की रात फ्रैंकफर्ट के बीच वाले इलाके में हालात बिगड़ गए। कुछ दंगाइयों ने दुकानों के शीशे तोड़े, माल लूटा और पुलिस पर पत्थर फेंके। इमरजेंसी सेवाओं के कर्मचारियों पर पेट्रोल बम फेंके जाने की भी खबर है।

हिंसा को काबू में करने के लिए पुलिस ने भारी बंदोबस्त किया था। हेसन राज्य के गृहमंत्री रोमन पोसेक की जानकारी के मुताबिक, हालात संभालने के लिए करीब 1300 पुलिसवालों को सड़क पर उतारा गया। इस टकराव में 100 से ज्यादा पुलिसकर्मी जख्मी हो गए।

पुलिस की कार्रवाई में 13 से 29 साल की उम्र के 54 लोगों को गिरफ्तार किया गया। पुलिस का शुरुआती अंदाजा है कि हिंसा में शामिल दंगाइयों की तादाद 1 हजार से 1 हजार 500 के बीच हो सकती है। हालात पर काबू पाने के लिए खास टीमों, पानी की बौछार और हेलिकॉप्टर की भी मदद ली गई।

हिंसा के बाद जर्मनी के केंद्रीय गृहमंत्री अलेक्जेंडर डोब्रिंट ने नाराजगी जताई है। उन्होंने साफ कहा कि दुकानों में तोड़फोड़ और लूटपाट करने वालों की पहचान की जाएगी और उन्हें जिम्मेदार ठहराया जाएगा। उनका कहना है कि ऐसी हिंसा पर कड़ी सजा होनी चाहिए।

हेसन के मुख्यमंत्री बोरिस राइन ने भी घटना की निंदा की। उन्होंने चेतावनी दी कि शांतिपूर्ण आंदोलन के नाम पर हिंसा करने वालों को छोड़ा नहीं जाएगा। इस बीच, प्रशासन फ्रैंकफर्ट के प्रभावित दुकानदारों की मदद के बारे में सोच रहा है। इस घटना से जर्मनी में कानून और व्यवस्था का सवाल फिर से सामने आ गया है।

#नागपुर#दुनिया#PT24#World#Nagpur

विज्ञापन

क्या हम इस विज़िट को गिन लें? PT24 गूगल एनालिटिक्स से देखता है कि कौन सी खबरें किस पर पढ़ी जाती हैं। आपके हां कहने तक यह बंद है, आप सोच रहे हैं तब तक कुछ नहीं गिना जाता, और आप 'आप' पर कभी भी अपना मन बदल सकते हैं। हम क्या लेंगे