इस्रायल में अमेरिकी टैंकर विमान उतरने का दावा, ईरान के खिलाफ कार्रवाई की चर्चा तेज
तस्वीरें सत्यापित नहीं हैं
दावा है कि 48 घंटे में अमेरिकी वायुसेना की बड़ी हलचल हुई, पर 80 टैंकर विमानों की संख्या की अमेरिका या इस्रायल से कोई अधिकृत पुष्टि नहीं है।
अमेरिका में मध्यावधि चुनाव खत्म होने के बाद ट्रम्प फिर ईरान पर हमला कर सकते हैं, इसकी चर्चा हर तरफ चल रही है। इसी बीच खबर आई है कि अमेरिकी वायुसेना के हवा में ईंधन भरने वाले टैंकर विमान इस्रायल पहुंच रहे हैं। दावा किया जा रहा है कि सिर्फ 48 घंटे में अमेरिका की बड़ी सैन्य हवाई हलचल हुई है और इसमें ईंधन भरने वाले विमान भी शामिल हैं। इससे सवाल उठा है कि क्या अमेरिका और इस्रायल ईरान के खिलाफ नए सैन्य विकल्पों की तैयारी कर रहे हैं।
30 अक्टूबर को दी गई एक रिपोर्ट में दावा किया गया कि अमेरिका के करीब 80 टैंकर विमान इस्रायल में उतर चुके हैं। साथ में कम से कम 10 अमेरिकी सैन्य मालवाहक विमान भी पहुंचने की बात कही गई है। लेकिन 80 टैंकर विमानों की इस संख्या को न अमेरिका ने और न इस्रायल ने अधिकृत तौर पर कन्फर्म किया है। यानी इस आंकड़े की कोई स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।
अमेरिका की इन हवाई हलचलों को ईरान के साथ बढ़े तनाव से जोड़कर देखा जा रहा है। वजह यह है कि ट्रम्प की राजनीति और दुनिया भर के दूसरे राजनीतिक विश्लेषकों की तरफ से संकेत मिले हैं। ईरान की तरफ से भी किसी भी हमले के लिए तैयार होने के संकेत दिए गए हैं। ईरान के साथ किसी जंग में हवाई लड़ाई का हिस्सा ज्यादा रहने की बात कही गई है।
ईंधन भरने वाले विमान लड़ाकू विमानों को हवा में ही ईंधन देते हैं। इससे लड़ाकू विमानों को बार-बार जमीन पर उतरना नहीं पड़ता और लंबी दूरी के सैन्य अभियान चलाना मुमकिन होता है। KC-135 Stratotanker और KC-46 Pegasus जैसे विमान अमेरिका के हवाई अभियानों में अहम भूमिका निभाते हैं। ईरान के खिलाफ संभावित कार्रवाई को देखते हुए ऐसे विमानों की तैनाती अहम मानी जा रही है।
इस्रायल के सैन्य ठिकानों पर अमेरिकी विमानों की बढ़ती मौजूदगी सिर्फ बचाव की तैयारी है या संभावित हमलों की पूर्व तैयारी, इस पर अभी तस्वीर साफ नहीं है। हालात इतने संवेदनशील हैं कि कभी भी कोई भी फैसला लिया जा सकता है।
इससे पहले जुलाई 2026 में भी अमेरिका ने इस्रायल में अतिरिक्त टैंकर विमान तैनात करने का फैसला किया था। अब अंतरराष्ट्रीय समुदाय की नजर इस पर है कि अमेरिका की इन हरकतों पर ईरान क्या जवाब देता है। फिर भी टैंकर विमानों की कथित नई तैनाती के आधार पर यह नतीजा निकालना जल्दबाजी होगी कि सीधी जंग शुरू होने वाली है।
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