मंगलवार, 3 नवंबर 2026

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पतंजलि के गाय के घी का 20.20 लाख रुपये का स्टॉक जब्त, नागपुर के होटल-ढाबों में भी जांच

पतंजलि के गाय के घी का 20.20 लाख रुपये का स्टॉक जब्त, नागपुर के होटल-ढाबों में भी जांच तस्वीरें सत्यापित नहीं हैं
जुर्म PT24 टीम

महाराष्ट्र एफडीए ने छत्रपति संभाजीनगर के सुपर डिस्ट्रीब्यूटर से 2,279.7 लीटर घी जब्त किया। मिसब्रांडिंग और मिलावट के शक की जांच जारी है।

महाराष्ट्र के फूड एंड ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन (एफडीए) ने पतंजलि आयुर्वेद के गाय के घी का बड़ा स्टॉक जब्त किया है। छत्रपति संभाजीनगर में पतंजलि के एक सुपर डिस्ट्रीब्यूटर के यहां से 2,279.7 लीटर घी उठाया गया, जिसकी कीमत 20.20 लाख रुपये बताई गई है। एफडीए को शक है कि इस घी में मिसब्रांडिंग और मिलावट हुई है। कुल 4,032 यूनिट जब्त की गई हैं।

कार्रवाई एम/एस दिव्य महावितरक पर हुई, जो छत्रपति संभाजीनगर में पतंजलि आयुर्वेद का सुपर डिस्ट्रीब्यूटर है। जब्त माल दो हिस्सों में है। पहले हिस्से में 2,998 यूनिट हैं, जिनमें 1,349.1 लीटर घी है और कीमत 12.29 लाख रुपये है। दूसरे हिस्से में 1,034 यूनिट हैं, जिनमें 930.6 लीटर घी है और कीमत 7.91 लाख रुपये है। एफडीए के मुताबिक पहली नजर में ये प्रोडक्ट फूड सेफ्टी एंड स्टैंडर्ड्स एक्ट, 2006 के प्रावधानों का उल्लंघन करते पाए गए।

मिसब्रांडिंग और मिलावट के आरोपों की अभी नियामक जांच होनी है और आगे की कार्यवाही बाकी है। इसलिए इस बारे में कोई अंतिम नतीजा नहीं निकाला जा सकता। फिर भी इस जब्ती से सवाल उठता है कि खाने के सामान की सप्लाई में क्वालिटी कंट्रोल कितना पुख्ता है और नियमों पर खरा न उतरने वाले माल से ग्राहकों को बचाने के क्या इंतजाम हैं।

यह जब्ती त्योहारों के सीजन में पूरे राज्य में चले एफडीए के अभियान का हिस्सा है। इस अभियान में सात डिवीजनों के 114 प्रतिष्ठानों से करीब 3.53 लाख किलो खाद्य सामग्री जब्त की गई, जिसकी अनुमानित कीमत 9.01 करोड़ रुपये है। त्योहारों में घी, खाद्य तेल और मिठाई जैसी चीजों की मांग तेजी से बढ़ती है, इसीलिए यह जांच खास मायने रखती है।

अभियान में 19 फूड बिजनेस ऑपरेटरों के लाइसेंस और रजिस्ट्रेशन भी सस्पेंड किए गए। इनमें मुंबई, अमरावती और छत्रपति संभाजीनगर डिवीजन की नमकीन, मिठाई और मसाला बनाने वाली इकाइयां शामिल हैं। आरोप है कि ये प्रतिष्ठान गंभीर सफाई संबंधी खामियों के साथ चल रहे थे। खाने का सामान ठीक से रखा नहीं जा रहा था, कीड़े-मकोड़ों से बचाव के इंतजाम नाकाफी थे, परिसर गंदा था, सफाई का रिकॉर्ड नहीं था और जरूरी दस्तावेज भी नहीं रखे गए थे। एफडीए ने कहा कि ये फूड सेफ्टी की तय शर्तों का उल्लंघन है।

नागपुर भी इस जांच अभियान में शामिल रहा। नागपुर, नासिक और छत्रपति संभाजीनगर डिवीजन में 34 होटल, रेस्टोरेंट और ढाबों की जांच हुई। खाने की सुरक्षा और सफाई में कमियां मिलने पर 29 प्रतिष्ठानों को सुधार के नोटिस दिए गए। हालांकि एफडीए के बयान में यह नहीं बताया गया कि नागपुर के कौन से प्रतिष्ठान जांचे गए, और न यह कि नागपुर डिवीजन में पतंजलि का कोई माल जब्त हुआ या नहीं। पतंजलि के घी की जब्ती सिर्फ छत्रपति संभाजीनगर की है।

इसके अलावा 28 से 31 अक्टूबर के बीच एफडीए ने 17 प्रतिष्ठानों से 79.40 लाख रुपये का प्रतिबंधित खाद्य सामान जब्त किया। इस कार्रवाई में 13 एफआईआर दर्ज हुईं, 16 गिरफ्तारियां हुईं, सात प्रतिष्ठान सील किए गए और छह गाड़ियां जब्त की गईं।

दूसरी बड़ी जब्तियों में ठाणे जिले के भिवंडी में एवेन्यू सुपरमार्ट्स लिमिटेड से 1,44,218 किलो खाद्य तेल शामिल है। सातारा में अमीन ट्रेडर्स से चावल, दाल, गुड़ और दूसरी खाने की चीजें मिलाकर 20,560 किलो जब्त हुआ। सातारा के स्वाति ऑइल मिल्स और सोलापुर के एस जी ट्रेडर्स से भी खाद्य तेल जब्त किया गया।

पतंजलि जैसे देशभर में जाने-पहचाने ब्रांड का नाम इसमें आने से यह मामला और अहम हो गया है। एफडीए ने मिसब्रांडिंग और मिलावट का शक जताया है, पर प्रोडक्ट नियमों के मुताबिक है या नहीं, यह तय करने के लिए तय प्रक्रिया पूरी करनी होगी। एफडीए ने दोहराया कि कार्रवाई फूड सेफ्टी एंड स्टैंडर्ड्स एक्ट, 2006 और उसके तहत बने नियमों के हिसाब से हो रही है, ताकि ग्राहकों तक पहुंचने वाला खाना तय सुरक्षा और क्वालिटी के मानकों पर खरा उतरे।

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