सोम‌वार, 26 अक्टूबर 2026

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मिलावट पर लगाम के लिए महाराष्ट्र में खास जांच मुहिम की मांग, नागपुर पर रहे नजर

एडवोकेट अक्षय समर्थ ने दूध, मिठाई, खाद्य तेल और व्रत के खाने की चीजों में मिलावट रोकने के लिए सरकार से नियमित और औचक जांच की मांग की है।

मिलावट पर लगाम के लिए महाराष्ट्र में खास जांच मुहिम की मांग, नागपुर पर रहे नजर तस्वीरें सत्यापित नहीं हैं

नागपुर: महाराष्ट्र में दूध, दूध से बनी चीजों, मिठाइयों, खाद्य तेलों और व्रत में खाई जाने वाली चीजों में मिलावट रोकने के लिए खास जांच मुहिम चलाने की मांग उठी है। एडवोकेट अक्षय समर्थ ने राज्य सरकार और संबंधित अधिकारियों से अपील की है कि नियमित और औचक निरीक्षण किए जाएं। खाद्य सुरक्षा नियम तोड़ने वालों पर सख्त कानूनी कार्रवाई की जाए। उन्होंने कहा है कि इस मुहिम में नागपुर शहर पर खास ध्यान दिया जाए।

समर्थ ने यह आवेदन मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस, खाद्य एवं औषधि प्रशासन (FDA) के आयुक्त तुकाराम मुंढे और महाराष्ट्र प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष हर्षवर्धन सपकाल को सौंपा है। इसमें जरूरी कदम उठाने की मांग की गई है।

समर्थ के मुताबिक दूध, दही, पनीर, खोया, मावा, घी, मक्खन, श्रीखंड और मिठाइयां आम लोगों के रोज के खानपान का अहम हिस्सा हैं। इनमें मिलावट, गंदी सामग्री या नुकसानदेह रंगों का इस्तेमाल सेहत के लिए गंभीर खतरा बन सकता है। इसका असर खासकर बच्चों और बुजुर्गों की सेहत पर पड़ सकता है।

उन्होंने मांग की कि डेयरियों, दूध बेचने वालों, मिठाई की दुकानों, होटलों, रेस्टोरेंट, बेकरी और स्ट्रीट फूड के ठेलों में इस्तेमाल होने वाले दूध, मावा, खोया, घी, खाद्य तेल, रंग और दूसरी कच्ची सामग्री की नियमित जांच हो।

समर्थ का कहना है कि सिर्फ दुकानों को बाहर से देख लेना काफी नहीं है। खाने की चीजों के नमूने लेकर मान्यता प्राप्त प्रयोगशालाओं में उनकी वैज्ञानिक जांच भी करवानी चाहिए, ताकि पता चल सके कि क्वालिटी और शुद्धता की असली हालत क्या है।

नवरात्रि और दूसरे धार्मिक मौकों पर व्रत में खाई जाने वाली चीजों की मांग बढ़ जाती है। ऐसे वक्त में राजगिरा आटा, सिंघाड़े का आटा, कुट्टू का आटा, समा के चावल, साबूदाना और इनसे बनी चीजों की क्वालिटी और शुद्धता की खास जांच की मांग की गई है। साथ ही होटलों, रेस्टोरेंट और सड़क किनारे के खाने के स्टॉलों में इस्तेमाल होने वाले खाद्य तेलों की क्वालिटी और उनके सुरक्षित इस्तेमाल की भी नियमित जांच पर जोर दिया गया है।

समर्थ ने पूरे महाराष्ट्र में, खासकर नागपुर में, डेयरियों, दूध बेचने वालों, मिठाई की दुकानों और दूसरे खाने के प्रतिष्ठानों में नियमित और औचक निरीक्षण मुहिम चलाने को कहा है। उनके मुताबिक जांच के दौरान पैकेजिंग, बनने की तारीख, एक्सपायरी डेट, बैच नंबर, सामग्री की जानकारी, स्टोरेज का इंतजाम और साफ-सफाई के नियमों का पालन भी देखा जाना चाहिए।

उन्होंने कहा कि अगर जांच में मिलावट, गंदी सामग्री, घटिया क्वालिटी या खाद्य सुरक्षा नियमों की अनदेखी मिलती है, तो संबंधित विक्रेताओं, निर्माताओं और प्रतिष्ठानों पर कानून के हिसाब से सख्त कार्रवाई होनी चाहिए। जरूरत पड़े तो असुरक्षित खाने की चीजों की बिक्री पर रोक जैसे कदम भी उठाए जाएं।

समर्थ ने लोगों को जागरूक करने पर भी जोर दिया है। उनका कहना है कि मिलावट की पहचान कैसे करें, पैकेट पर लिखी जानकारी कैसे पढ़ें और बनने व एक्सपायरी की तारीख कैसे जांचें, यह बताने के लिए खास जनजागृति अभियान चलाया जाए।

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