पालघर के मथाणे, एडवण, उसरणी और घाटीम में तेंदुए की हलचल, वन विभाग ने किया सतर्क
सफाले वनपरिक्षेत्र कार्यालय ने बच्चों, बुजुर्गों और मवेशियों की सुरक्षा के लिए लोगों से खास सावधानी बरतने को कहा है।
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पालघर तालुका के मथाणे, एडवण, उसरणी और घाटीम इलाके में तेंदुए के घूमने की बात सामने आई है। इसी को देखते हुए सफाले वनपरिक्षेत्र कार्यालय की तरफ से लोगों को सतर्क रहने की चेतावनी दी गई है। वन विभाग ने अपील की है कि खासकर छोटे बच्चों, बुजुर्गों और मवेशियों की सुरक्षा का पूरा ध्यान रखा जाए।
वनपरिक्षेत्र अधिकारी रिता वैद्य के मार्गदर्शन में वन विभाग के फील्ड कर्मचारियों ने इन गांवों में जागरूकता अभियान चलाया। इस दौरान वन विभाग की रेस्क्यू टीम ने गांव वालों से बातचीत की और बताया कि तेंदुए से बचने के लिए कौन सी सावधानियां रखनी चाहिए।
वन विभाग ने बच्चों को लेकर साफ कहा है कि उन्हें घर के बाहर या आंगन में अकेला न छोड़ा जाए। अंधेरा होने के बाद बच्चे सुनसान जगहों पर, झाड़ियों में या खेतों की तरफ खेलने न जाएं। बुजुर्गों से कहा गया है कि वे रात में और तड़के सुनसान इलाकों में अकेले जाने से बचें। आम तौर पर भी रात के वक्त लोग जहां तक हो सके अकेले घर से बाहर न निकलें। घर के आसपास, आंगन में और बाड़े (मवेशी बांधने की जगह) के पास पूरी रोशनी रखने को भी कहा गया है।
गांव के मवेशियों की हिफाजत के लिए वन विभाग ने कहा है कि रात में गाय, बैल, बकरियां जैसे जानवर खुले में न बांधे जाएं। उन्हें सुरक्षित और बंद बाड़े में रखा जाए। बाड़े के आसपास भी काफी रोशनी रखने की अपील की गई है।
सफाले वनपरिक्षेत्र कार्यालय ने लोगों से यह भी कहा है कि अपनी और परिवार की सुरक्षा का ख्याल रखते हुए इस बात का भी ध्यान रखें कि जंगली जानवर को कोई नुकसान न पहुंचे। तेंदुए की मौजूदगी की खबरों के बीच अफवाहों पर यकीन न करें और वन विभाग की हिदायतों का पालन करें।
अगर इलाके में कहीं तेंदुआ दिखे तो घबराएं नहीं, सतर्क रहें। उसे खुद पकड़ने या भगाने की कोशिश बिल्कुल न करें। तेंदुआ दिखते ही महाराष्ट्र वन विभाग की टोल-फ्री हेल्पलाइन 1926 पर तुरंत संपर्क करें, यह अपील की गई है।