पालघर के सफाले में बिबट्या का हमला, नावझे के जुई पाड़ा में एक गाय मरी, बैल को घसीट ले गया
सफाले पूर्व पट्टे के नावझे गांव के जुई पाड़ा में शुक्रवार आधी रात बिबट्या ने घर के पास बंधे मवेशियों पर हमला किया।
पालघर के सफाले इलाके में बिबट्या ने फिर दहशत फैला दी है। सफाले पूर्व पट्टे में नावझे के जुई पाड़ा में शुक्रवार को आधी रात बिबट्या ने घर के पास बंधे मवेशियों पर हमला कर दिया। इस हमले में एक गाय मारी गई, जबकि एक बैल को बिबट्या घसीटकर ले गया।
पिछले कुछ समय से महाराष्ट्र में बिबट्यों की आवाजाही काफी बढ़ गई है। जो बिबट्या पहले जंगल तक ही सीमित रहते थे, वे अब बस्तियों में घुसने लगे हैं। ऐसी घटनाएं वक्त-वक्त पर होती रही हैं, और सफाले की यह वारदात उसी की ताजा कड़ी है। सफाले पूर्व पट्टे में बिबट्या की मौजूदगी बढ़ी हुई दिखाई दी है।
जुई पाड़ा के किसान रमेश जाधव ने रोज की तरह अपने घर के सामने के पेड़ों से मवेशियों को बांधा था। आधी रात को दबा बैठे बिबट्या ने अचानक इन मवेशियों पर हमला बोल दिया।
शनिवार तड़के जाधव परिवार के लोग मवेशियों को चारा-पानी देने गए तो गोठे के पास खून के धब्बे और मवेशियों के अवशेष पड़े मिले। यह नजारा देखकर गांव वालों में डर बैठ गया। इसके बाद ग्रामीण मौके पर दौड़ पड़े। कुछ दिन पहले सफाले पूर्व के साखरे इलाके में भी बिबट्या दिखाई दिया था।
वन विभाग ने लोगों से रात के वक्त सतर्क रहने की अपील की थी। लेकिन अब बिबट्या सीधे बस्ती में आकर पालतू मवेशियों पर हमले कर रहा है, इसलिए किसानों और दूध का कारोबार करने वालों की चिंता बढ़ गई है। गांव वालों में यह डर भी है कि मवेशियों के बाद बिबट्या इंसानों का शिकार करने लगेगा, और एक बार इंसानी खून की चटक लग गई तो हालात हाथ से निकलने में देर नहीं लगेगी।
घटना की खबर मिलते ही वन विभाग की टीम ने मौके पर जाकर मुआयना किया और पंचनामा किया। ग्रामीणों ने मांग की है कि मरे हुए मवेशियों का मुआवजा तुरंत दिया जाए और बिबट्या को पकड़ने के लिए इलाके में पिंजरा लगाया जाए। गांव वालों के बीच अब यह सवाल उठ रहा है कि क्या उन्हें बिबट्या के खौफ में ही जिंदगी गुजारनी पड़ेगी।