शनिवार, 7 नवंबर 2026

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ओवल ऑफिस में ट्रम्प ने मनाई दिवाली, विशाल गोंडल ने भेंट की हनुमान चालीसा

ओवल ऑफिस में ट्रम्प ने मनाई दिवाली, विशाल गोंडल ने भेंट की हनुमान चालीसा तस्वीरें सत्यापित नहीं हैं
PT24 टीम

व्हाइट हाउस के ओवल ऑफिस में भारतीय मूल के उद्योगपतियों की मौजूदगी में दिवाली मनी। विशाल गोंडल ने राष्ट्रपति ट्रम्प को हनुमान चालीसा दी और तस्वीरें सोशल मीडिया पर फैल गईं।

अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने व्हाइट हाउस के ओवल ऑफिस में दिवाली मनाई। अमेरिकी समय के मुताबिक यह कार्यक्रम शुक्रवार को हुआ। इसमें भारतीय मूल के कई जाने-माने उद्योगपति और अधिकारी मौजूद थे।

भारतीय मूल के मशहूर उद्यमी विशाल गोंडल, मिशेलिन-स्टार शेफ विकास खन्ना और कनाडा की पूर्व सांसद रुबी ढल्ला समेत भारतीय-अमेरिकी समुदाय की कई असरदार हस्तियां समारोह में पहुंचीं। गोंडल ने ट्रम्प से अलग से मुलाकात की और उन्हें हनुमान चालीसा की एक प्रति भेंट की। इस मौके की तस्वीरें अब दुनिया भर में सोशल मीडिया पर खूब शेयर हो रही हैं।

गोंडल ने अपने सोशल मीडिया अकाउंट पर दीया जलाने और ट्रम्प को हनुमान चालीसा देने का अपना अनुभव साझा किया। उन्होंने लिखा, "राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प के साथ व्हाइट हाउस के ओवल ऑफिस में दिवाली मनाना मेरे लिए बेहद सम्मान का पल है। संत तुलसीदास ने प्रभु श्रीराम के परम भक्त श्री हनुमान की स्तुति में जो हनुमान चालीसा रची, उसे ट्रम्प को भेंट करते हुए मुझे बहुत गर्व हुआ। हमारे देश के करोड़ों लोग हिम्मत, ताकत और भक्ति पाने के लिए रोज इसका पाठ करते हैं।"

गोंडल ने आगे बताया कि व्हाइट हाउस में पारंपरिक दीये जलाते समय उन्होंने प्रार्थना की कि भारत और अमेरिका की दोस्ती और मजबूत हो और अज्ञान के अंधेरे पर ज्ञान की रोशनी जीते। राष्ट्रपति ट्रम्प ने भी भारतीय समुदाय को "जुग जुग जियो" का पारंपरिक आशीर्वाद देते हुए दिवाली की शुभकामनाएं दीं। गोंडल के मुताबिक इसका मतलब है "आप युगों तक जिएं", और उन्होंने यह दुआ दुनिया भर के लोगों के लिए की: शांति, खुशहाली, अच्छी सेहत और लंबी उम्र।

अमेरिका के राजनीतिक विश्लेषकों के मुताबिक इस आयोजन का सिर्फ सांस्कृतिक नहीं, बड़ा राजनीतिक पहलू भी है। ट्रम्प यह समारोह हाल के मध्यावधि चुनावों के बाद कर रहे हैं। चुनावी आंकड़ों के अनुसार राष्ट्रपति चुनाव में भारतीय-अमेरिकी मतदाताओं के एक बड़े हिस्से ने ट्रम्प और रिपब्लिकन पार्टी का साथ दिया था, लेकिन मध्यावधि चुनावों में भारतीय मूल के मतदाताओं का झुकाव डेमोक्रेटिक पार्टी की ओर दिखा। इसलिए राजनीतिक गलियारों में चर्चा है कि भारतीय समुदाय से टूटा संपर्क जोड़ने और आगे भी समर्थन बनाए रखने के लिए ट्रम्प प्रशासन ने यह सांस्कृतिक मेलजोल रखा।

दूसरी तरफ अमेरिका में रहने वाले भारतीय मूल के लोगों में सुरक्षा को लेकर चिंता बनी हुई है। कई संगठनों का आरोप है कि ट्रम्प की MAGA (Make America Great Again) मुहिम के कुछ कट्टर समर्थकों की जहरीली बयानबाजी और दक्षिणपंथी उग्रता से एशियाई और भारतीय मूल के लोगों के खिलाफ नस्ली हिंसा बढ़ी है। पिछले कुछ महीनों में भारतीय मंदिरों को निशाना बनाने और नफरत से होने वाले अपराधों (Hate Crimes) के मामले बढ़े हैं। हाल की एक घटना में एक हिंदू मंदिर पर गोली चलाने की कोशिश हुई थी, पर बंदूक की गोली अटक जाने से बड़ा हादसा टल गया। ऐसे में सवाल उठ रहा है कि व्हाइट हाउस की यह दिवाली सिर्फ औपचारिक कार्यक्रम रहेगी या अमेरिका में भारतीयों के खिलाफ नस्ली नफरत सचमुच कम करेगी।

व्हाइट हाउस में दिवाली मनाने की परंपरा नई नहीं है। इसकी शुरुआत 2003 में तत्कालीन राष्ट्रपति जॉर्ज डब्ल्यू. बुश ने की थी। शुरू में ये कार्यक्रम ज्यादातर आइजनहावर एक्जीक्यूटिव ऑफिस बिल्डिंग में होते थे, जिनमें भारतीय-अमेरिकी नागरिक और भारतीय राजनयिक अधिकारी शामिल होते थे। फिर 2009 में राष्ट्रपति बराक ओबामा ने व्हाइट हाउस के मुख्य ईस्ट रूम में खुद पहला दीया जलाकर इस परंपरा को नया और भव्य रूप दिया। तब से ओवल ऑफिस और रूजवेल्ट रूम समेत व्हाइट हाउस के कई अहम कमरों में दीप जलाने का यह समारोह लगातार होता आ रहा है।

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