न्यूयॉर्क के नए कानून पर अमेज़न की चेतावनी, 5,000 से ज़्यादा ड्राइवरों की नौकरी खतरे में
अमेज़न ने कहा है कि न्यूयॉर्क में प्रस्तावित नया श्रम कानून लागू हुआ तो उसे शहर के 15 डिलिवरी सेंटर बंद करने पड़ सकते हैं।
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आज ऑनलाइन शॉपिंग लोगों की ज़िंदगी का अहम हिस्सा बन चुकी है। कपड़े और इलेक्ट्रॉनिक्स से लेकर रोज़ के घरेलू सामान तक, लोग अमेज़न जैसे प्लेटफॉर्म पर खरीदारी को तरजीह देते हैं। लेकिन अब अमेरिका में अमेज़न की डिलिवरी सेवाएं एक संकट से जूझ रही हैं।
कंपनी ने चेतावनी दी है कि अगर न्यूयॉर्क में प्रस्तावित नया श्रम कानून लागू हो गया, तो 5,000 से ज़्यादा डिलिवरी ड्राइवरों की नौकरियां जा सकती हैं। यह भी कहा जा रहा है कि शहर के 15 डिलिवरी सेंटर बंद कर दिए जाएंगे। इसका असर सिर्फ डिलिवरी कर्मचारियों पर नहीं, बल्कि हज़ारों वेयरहाउस कर्मचारियों की नौकरियों पर भी पड़ सकता है।
अब सवाल यह है कि न्यूयॉर्क का यह प्रस्तावित कानून है क्या। इसका नाम 'डिलिवरी प्रोटेक्शन एक्ट' है। इसके तहत अमेज़न को उन हज़ारों डिलिवरी ड्राइवरों को सीधे अपने यहां नौकरी पर रखने के लिए मजबूर किया जा सकता है, जो फिलहाल थर्ड-पार्टी कंपनियों के ज़रिए काम करते हैं। इस कानून का मकसद डिलिवरी कर्मचारियों के काम के हालात और उनके हक़ बेहतर करना है।
अमेज़न का कहना है कि इस नए कानून की वजह से उसे अपने डिलिवरी सिस्टम में बड़े बदलाव करने पड़ सकते हैं। इसके जवाब में कंपनी शहर के अपने 15 लास्ट-माइल डिलिवरी सेंटर बंद कर सकती है। कंपनी के मुताबिक अगर उसे अपने कामकाज का तरीका बदलना पड़ा, तो वह न्यूयॉर्क के कुछ सेंटर बंद करके अपना कामकाज दूसरे इलाकों में ले जा सकती है। इन सेंटरों के बंद होने से डिलिवरी ड्राइवरों और करीब 2,000 वेयरहाउस कर्मचारियों की नौकरियां खतरे में पड़ सकती हैं।
इसका असर ग्राहकों की जेब पर भी पड़ सकता है। अमेज़न ने न्यूयॉर्क के अपने डिलिवरी सेंटर बंद किए, तो कंपनी का कहना है कि शहर के मौजूदा सेंटर बंद होने से डिलिवरी में ज़्यादा वक्त लग सकता है और सामान की कीमतें भी बढ़ सकती हैं।
कुल मिलाकर, कंपनी की यह चेतावनी न्यूयॉर्क के प्रस्तावित कानून को लेकर है। कानून लागू होता है या नहीं, इसी पर तय होगा कि ये सेंटर बंद होंगे या नहीं।