जिओ प्लेटफॉर्म्स का आईपीओ 21 अक्टूबर को खुलेगा, ग्रे मार्केट में 245 रुपये का प्रीमियम
मुकेश अंबानी की कंपनी जिओ प्लेटफॉर्म्स का आईपीओ कल, 21 अक्टूबर को खुल रहा है। ग्रे मार्केट प्रीमियम 245 रुपये के आसपास चल रहा है।
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जिओ का आईपीओ इस वक्त देश में सबसे ज्यादा चर्चा वाली चीजों में से एक है। जब से इसका एलान हुआ, निवेशकों में इसे लेकर काफी उत्सुकता रही है। अब यह इंतजार खत्म होने वाला है, क्योंकि मुकेश अंबानी की कंपनी जिओ प्लेटफॉर्म्स का आईपीओ कल, 21 अक्टूबर को खुल रहा है। निवेश का मौका अब बस एक दिन दूर है।
बाजार में इस मेगा आईपीओ की खूब बातें हो रही हैं, और ग्रे मार्केट प्रीमियम यानी जीएमपी में आई तेजी ने निवेशकों की दिलचस्पी और बढ़ा दी है। इश्यू खुलने से पहले जीएमपी करीब 245 रुपये पर पहुंच गया। अपर प्राइस बैंड के हिसाब से यह करीब 22 फीसदी का प्रीमियम दिखाता है।
20 अक्टूबर तक जिओ के आईपीओ का जीएमपी 245 रुपये है। कंपनी ने प्राइस बैंड 1,065 रुपये से 1,119 रुपये के बीच तय किया है। इसी वजह से अपर प्राइस बैंड के मुताबिक शेयर की संभावित लिस्टिंग कीमत करीब 1,364 रुपये बताई जा रही है। एक नजर में आंकड़े ये हैं: आईपीओ की ऊपरी कीमत 1,119 रुपये, मौजूदा जीएमपी 245 रुपये, संभावित लिस्टिंग कीमत 1,364 रुपये, प्रति शेयर संभावित फर्क 245 रुपये और सूचित प्रीमियम करीब 22 फीसदी।
इस इश्यू की कीमत करीब 30,213 करोड़ रुपये है। कंपनी 27 करोड़ नए शेयर जारी करने वाली है। इतने बड़े आकार की वजह से यह अब तक का भारत का सबसे बड़ा आईपीओ बन सकता है। इससे पहले अक्टूबर 2024 में हुंडई मोटर इंडिया का 27,856 करोड़ रुपये का आईपीओ सबसे बड़ा था।
आईपीओ के लिए आवेदन 21 अक्टूबर से 23 अक्टूबर तक लिए जाएंगे। शेयरों का प्राइस बैंड 1,065 रुपये से 1,119 रुपये है। रिटेल निवेशकों के लिए एक लॉट 12 शेयरों का है। ऊपरी प्राइस बैंड पर एक लॉट के लिए कम से कम 13,428 रुपये का निवेश करना होगा।
जुटाई गई रकम का कंपनी क्या करेगी, यह भी साफ है। जिओ प्लेटफॉर्म्स आईपीओ से मिलने वाले 27,500 करोड़ रुपये का इस्तेमाल अपनी प्रमुख सहायक कंपनी रिलायंस जिओ इन्फोकॉम के कुछ कर्जों को चुकाने या समय से पहले चुकाने में करेगी। बाकी रकम सामान्य कॉर्पोरेट जरूरतों के लिए इस्तेमाल हो सकती है।
अब सवाल यह कि निवेश करना चाहिए या नहीं। जिओ की सबसे बड़ी ताकत उसका फैला हुआ टेलीकॉम नेटवर्क और डिजिटल कारोबार है। मोबाइल कनेक्टिविटी के अलावा कंपनी ब्रॉडबैंड, एंटरप्राइज टेक्नोलॉजी और डिजिटल सेवाओं में भी काम करती है। ब्रोकरेज फर्म एमके ग्लोबल ने इस आईपीओ के लिए सब्सक्राइब करने की सलाह दी है। हालांकि कंपनी के कारोबार को लगातार निवेश की जरूरत रहती है, और इसमें साइबर सुरक्षा और नेटवर्क सुरक्षा से जुड़े जोखिम भी हैं।