8वें वेतन आयोग का पैनल 22-23 अक्टूबर को मुंबई में, कर्मचारी संगठनों से करेगा बैठकें
आयोग का उच्चस्तरीय पैनल इस हफ्ते मुंबई आ रहा है और कर्मचारी संगठनों से मिलेगा।
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त्योहारों के मौसम में केंद्र सरकार के कर्मचारी और पेंशनर किसी अच्छी खबर का इंतजार कर रहे हैं। इसी बीच 8वें वेतन आयोग को लेकर एक अहम खबर आई है। आठवां वेतन आयोग फिलहाल सलाह-मशविरे के दौर में है। आधिकारिक सिफारिशें तैयार करने से पहले चर्चा के सत्र चल रहे हैं।
इसी सिलसिले में आयोग का एक उच्चस्तरीय पैनल इस हफ्ते 22 और 23 अक्टूबर को मुंबई आएगा। इस दौरे में कुछ बड़ा होने की संभावना जताई जा रही है। आयोग कर्मचारी संगठनों, महासंघों, पेंशनर संगठनों और दूसरे प्रमुख हितधारकों के साथ लंबी बैठकें करेगा। देशभर के लाखों कर्मचारी इस पर बारीकी से नजर रखे हुए हैं।
आयोग के अध्यक्ष सुप्रीम कोर्ट की पूर्व न्यायमूर्ति रंजना प्रकाश देसाई हैं। उनके साथ पूर्व आईएएस अधिकारी पंकज जैन सदस्य-सचिव के तौर पर हैं। प्रधानमंत्री की आर्थिक सलाहकार परिषद के सदस्य और वित्त के प्रोफेसर पुलक घोष आयोग के सदस्य हैं। आयोग वेतनमान, महंगाई भत्ता (DA), मकान किराया भत्ता जैसे भत्तों और कर्मचारियों की दूसरी सुविधाओं व लाभों में जरूरी और व्यावहारिक बदलाव पर गंभीरता से विचार कर रहा है।
रेल मंत्रालय से मिली जानकारी के मुताबिक यह दौरा काफी खास रहेगा। आयोग के सदस्य सिर्फ बैठकों तक सीमित नहीं रहेंगे, बल्कि मध्य रेलवे के तहत आने वाले अलग-अलग रेलवे विभागों का सीधा दौरा भी करेंगे। इसका मुख्य मकसद कर्मचारियों और कामगारों के काम के हालात को खुद देखना है। रेलवे बोर्ड ने ऑल इंडिया रेलवेमन फेडरेशन (AIRF) और नेशनल फेडरेशन ऑफ इंडियन रेलवेमन (NFIR) को चिट्ठी भेजी है। उसके मुताबिक रेलवे के संचालन और रखरखाव की विविधता को करीब से देखने के लिए मुंबई CSMT को दौरे का केंद्र चुना गया है।
आयोग के एजेंडे में कई मुद्दे सबसे ऊपर हैं। पहला, ट्रैक और सिग्नल की जांच। आयोग ट्रैक के रखरखाव, सिग्नल के कामकाज और ट्रैक पर काम करने वाले रखरखाव कर्मचारियों को होने वाली शारीरिक दिक्कतों और खतरों का आकलन करेगा।
दूसरा, चलने वाले स्टाफ और हाई-स्पीड कॉरिडोर। चलते स्टाफ पर पड़ने वाले भारी तनाव और मेहनत को समझने के लिए आयोग के सदस्य हाई-स्पीड कॉरिडोर पर लोकोमोटिव में सफर करेंगे। तीसरा, कंट्रोल रूम और वर्कशॉप का दौरा। कंट्रोल रूम में रेलवे के संचालन का नियंत्रण, भीड़ का इंतजाम और स्टेशन का कामकाज देखा जाएगा। रेलवे वर्कशॉप में चल रहे पेचीदा रखरखाव के काम पर भी बारीकी से नजर डाली जाएगी।
देशभर के रेलवे कर्मचारियों और दूसरे केंद्रीय कर्मचारियों को उम्मीद है कि आयोग के इस सीधे फील्ड दौरे से उनके असली कामकाज के हालात, खतरे और दिक्कतें ज्यादा नजदीक से समझी जा सकेंगी। इससे वेतन ढांचे, भत्तों और कार्यक्षमता से जुड़ी सिफारिशों में कर्मचारियों के हित को तरजीह मिलेगी, ऐसा भरोसा है। यह भी माना जा रहा है कि संगठनों के साथ इन बैठकों से वेतन आयोग की रिपोर्ट की तस्वीर ज्यादा साफ होगी।