बेलगावी की वेगा ऑटो ने उतारा सिर्फ 1050 ग्राम का हेलमेट, तीन सर्टिफिकेशन के साथ
बेलगाम में तैयार हुए Exor X Carbon हेलमेट का अनावरण हुआ।
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बाइक चलाने वालों को भारी हेलमेट की तकलीफ अच्छी तरह पता होती है। गर्दन दुखने लगती है और सिर भारी लगने लगता है। अब इस परेशानी का एक हल सामने आया है, और वह बेळगाव में ही बना है। बेळगाव की कंपनी वेगा ऑटो ने बाजार में ऐसा हेलमेट उतारा है, जिसे दुनिया का सबसे हल्का और ट्रिपल सर्टिफाइड हेलमेट बताया गया है। इस नए हेलमेट का नाम Exor X Carbon है।
बेळगाव में हुए एक बड़े कार्यक्रम में इस हेलमेट का अनावरण किया गया। इसकी सबसे बड़ी खासियत इसका वजन है, जो सिर्फ 1050 ग्राम है, यानी एक किलो से थोड़ा ज्यादा। हाथ में लेने पर लगता ही नहीं कि हेलमेट पहना हुआ है।
कई लोगों को लगेगा कि हेलमेट हल्का है तो शायद उतना सुरक्षित नहीं होगा। कंपनी का कहना है कि ऐसा बिल्कुल नहीं है और सुरक्षा में एक फीसदी भी समझौता नहीं किया गया। हेलमेट बनाने में कार्बन फाइबर इस्तेमाल हुआ है, जो मजबूत भी होता है और वजन में बहुत हल्का भी।
कंपनी ने बताया कि इस हेलमेट को दुनिया के तीन बड़े सर्टिफिकेट मिले हैं: ECE 22.06, DOT और भारत का ISI। ये तीनों सर्टिफिकेट मिलना आसान बात नहीं है। इसका मतलब है कि हेलमेट अंतरराष्ट्रीय स्तर के सुरक्षा टेस्ट में पास हुआ है। ऑफ-रोड राइडिंग के लिए यह हेलमेट एकदम बेस्ट बताया गया है। कहा गया है कि इतना हल्का ट्रिपल सर्टिफाइड ऑफ-रोड हेलमेट दुनिया में किसी और ने नहीं बनाया।
जो लोग लंबी बाइक राइडिंग करते हैं या पहाड़ों और खराब रास्तों पर गाड़ी चलाते हैं, उन्हें हल्के हेलमेट की अहमियत अच्छे से पता है। भारी हेलमेट से गर्दन पर बहुत जोर पड़ता है और थोड़ी देर बाद गर्दन अकड़ने लगती है। 1050 ग्राम का यह हेलमेट पहनने पर वह तकलीफ काफी कम हो जाती है, और आप घंटों बाइक चला सकते हैं।
कंपनी के मुताबिक यह हेलमेट बनाना आसान नहीं था। सिर्फ वजन घटाना मकसद नहीं था। कार्बन फाइबर का इस्तेमाल कैसे हो, उसकी बनावट कैसी रहे और उत्पादन कैसे किया जाए, इन सबका तालमेल बैठाना पड़ा, तब जाकर यह मुमकिन हुआ। सुरक्षा और वजन दोनों को संभालना असली चुनौती थी।
गर्व की बात यह है कि हेलमेट का डिजाइन और उत्पादन दोनों बेळगाव में ही हुए हैं, बाहर से कुछ नहीं लाया गया। वेगा ऑटो के अध्यक्ष दिलीप चांडक ने कहा कि कार्बन फाइबर में वे कई सालों से काम कर रहे हैं। उनके मुताबिक भारत में बना यह प्रोडक्ट वर्ल्ड क्लास है और उनकी इंजिनियरिंग की ताकत दिखाता है।
कंपनी के मैनेजिंग डायरेक्टर गिरधारी चांडक ने कहा कि उनका मकसद सिर्फ हल्का हेलमेट बनाना नहीं था। वे मटेरियल, डिजाइन और प्रोडक्शन, इन तीनों का सही इस्तेमाल करके सुरक्षित हेलमेट बनाना चाहते थे, और इसमें वे कामयाब रहे हैं।
कार्यक्रम में उत्तम चांडक, कुणाल चांडक, पार्थ चांडक और कंपनी के सभी अधिकारी और कर्मचारी मौजूद थे। बेळगाव में बना यह हेलमेट अब दुनियाभर में बिकेगा।