NMC के बेड़े में 12 नई सफाई मशीनें और 4 पोक्लेन, कुल 7.09 करोड़ रुपये का खर्च
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नागपुर महानगरपालिका ने सड़क साफ करने वाली 12 मशीनें और चार चेन क्रॉलर एक्सकेवेटर खरीदे हैं। महापौर नीता ठाकरे ने शुक्रवार को इनका उद्घाटन किया।
नागपुर महानगरपालिका (NMC) ने शहर की सफाई को मशीनों के भरोसे मजबूत करने के लिए अपने बेड़े में 12 रोड स्वीपिंग मशीनें और चार चेन क्रॉलर एक्सकेवेटर जोड़े हैं। इन सब पर कुल 7.09 करोड़ रुपये खर्च हुए हैं।
महापौर नीता ठाकरे ने शुक्रवार को NMC के सेंट्रल वर्कशॉप में नई खरीदी गई इन मशीनों का उद्घाटन किया। 12 नई सड़क सफाई मशीनें आने से महानगरपालिका के पास ऐसी मशीनों की मौजूदा संख्या दोगुनी हो गई है। इससे बड़ी सड़कों, फ्लाईओवर और दूसरे हिस्सों की सफाई ज्यादा व्यवस्थित ढंग से हो सकेगी।
नई तैनाती का मकसद यह है कि सफाई का दायरा महानगरपालिका के सभी 10 जोन तक पहुंचे और अहम सड़कों व ज्यादा ट्रैफिक वाले हिस्सों पर खास ध्यान दिया जा सके।
हर जोन को एक मशीन
उपायुक्त राजेश भगत ने बताया कि नई 12 मशीनों में से 10 संबंधित जोन कार्यालयों को दी जाएंगी, ताकि हर जोन के पास सफाई के लिए अपनी मशीन रहे। बाकी दो मशीनें एक सेंट्रल टीम चलाएगी। यह टीम मुख्य रूप से फ्लाईओवर और उन बड़ी सड़कों की सफाई पर ध्यान देगी, जहां खास और नियमित सफाई की जरूरत होती है।
ये 12 मशीनें केंद्र और महाराष्ट्र सरकार के स्वच्छ महाराष्ट्र मिशन 2.0 के तहत कुल 5.58 करोड़ रुपये में खरीदी गई हैं। हर मशीन की कीमत 46.50 लाख रुपये है और उसमें तीन घन मीटर कचरा जमा करने की क्षमता है।
इन मशीनों को Baxy Ltd ने टाटा मोटर्स के चेसिस पर बनाया है। इन्हें सड़क की सतह पर जमा धूल, मिट्टी और कचरा मशीन से हटाने के लिए तैयार किया गया है। उम्मीद है कि इनके आने से हाथ से होने वाली झाड़ू पर निर्भरता घटेगी और सड़कों की सफाई ज्यादा कारगर होगी और जल्दी-जल्दी हो सकेगी।
नदी और नालों की गाद के लिए चार पोक्लेन
इसके अलावा NMC ने चार चेन क्रॉलर एक्सकेवेटर भी खरीदे हैं, जिन्हें आम बोलचाल में पोक्लेन मशीन कहा जाता है। ये नागपुर जिला नियोजन समिति की 2025-26 की वार्षिक योजना के तहत 1.51 करोड़ रुपये में आई हैं।
हर एक्सकेवेटर की क्षमता पांच टन है और उसके बकेट की क्षमता 0.22 घन मीटर है। आम मिट्टी खोदने वाली मशीनों के उलट इन्हें मुश्किल और तंग जगहों पर काम करने के लिए रखा गया है, खासकर नदियों और नालों के संकरे हिस्सों में और पुलों के नीचे।
इन्हें उन जल निकासी वाले रास्तों से गाद, कचरा और दूसरी रुकावटें हटाने में लगाया जाएगा, जहां आम मशीनों को अक्सर काम करने में दिक्कत आती है। उम्मीद है कि इससे नदी और नालों की देखरेख में NMC की कोशिशें मजबूत होंगी और उन मुश्किल हिस्सों तक पहुंच भी बेहतर होगी, जहां रोजमर्रा की सफाई चुनौती बनी रहती है।
उद्घाटन के मौके पर महापौर नीता ठाकरे ने सफाई सेवाओं को बेहतर बनाने और नागपुर को साफ रखने के लिए आधुनिक तकनीक का असरदार इस्तेमाल करने की जरूरत बताई। उन्होंने प्रशासन को निर्देश दिया कि इन नई मशीनों को चलाने वाले कर्मचारियों को ठीक से ट्रेनिंग दी जाए, ताकि मशीनों का सही इस्तेमाल हो और उनकी पूरी क्षमता काम आए।
बड़े बेड़े से NMC के पास सड़क सफाई, नदी की सफाई और नालों से गाद निकालने के लिए ज्यादा मशीनी ताकत होगी। हालांकि इसका असर आखिर में इस पर टिका रहेगा कि मशीनें नियमित रूप से तैनात हों, उनकी ठीक से देखरेख हो और सभी जोन में सफाई के काम पर लगातार नजर रखी जाए।
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